UP Election 2022: सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज में बोले आदित्य ठाकरे, भाजपा के सारे वादे सपने बन गए
आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा सिर्फ लोगों को डराती है। वे कहते हैं 'ये खतरे में है, वो खतरों में है'। लेकिन कोई भी खतरे में नहीं हो सकता, यह भगवान राम की भूमि है।
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उन्होंने कहा कि इस जनसभा में उमड़ी भीड़ बदलाव और परिवर्तन का संकेत है। यूपी में परिवर्तन होने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जनता ने इस उम्मीद के साथ पूर्ण बहुमत से चुनाव जिताया था कि उनके सपने साकार होंगे, लेकिन भाजपा ने जो सपने जनता को दिखाएं पूरे नहीं हुए सिर्फ जुमलेबाजी साबित हुए। भाजपा सरकार में सिर्फ नफरत की बातें हुई, 7 साल की केंद्र व 5 साल की भाजपा की प्रदेश सरकार में जनता को डराने का काम किया गया लेकिन उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश राम की भूमि है यहां के लोग किसी से डरने, झुकने वाले नहीं है।
ठाकरे ने कहा कि शिवसेना प्रमुख स्वर्गीय बाला साहब ठाकरे कहा करते थे कि राजनीति राष्ट्रभक्ति की दृष्टि से करनी चाहिए और सब को एक साथ लेकर चलना चाहिए उनके बताए हुए मार्ग मार्गो पर चलते हुए शिवसेना हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी को एक साथ लेकर चलने का काम कर रही है। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि सभी को प्रजातांत्रिक व्यवस्था में धर्म का अधिकार है। शासन लोगों के लिए होता है।
उन्होंने किसान आंदोलन की याद दिलाते हुए कहां कि किसान आंदोलन जब महाराष्ट्र में व्यापक पैमाने पर हो रहा था तो उन्हें भाजपा द्वारा उनके लाल झंडे को देखकर माओवादी व आतंकवादी कहा गया । हालांकि, उस समय वे भाजपा सरकार में गठबंधन के साथ ही थे, जिसका उन्हें मलाल भी है। भाजपा द्वारा किसानों का बड़े पैमाने पर उत्पीड़न और शोषण किया गया ।
उन्होंने लखीमपुर खीरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों की हत्या और उनका हुआ उत्पीड़न और उनके द्वारा दिया गया जख्म आज भी किसानों के दिलों में ताजा है। उन्होंने कोरोना संकटकाल का जिक्र करते हुए कहां की कोरोना कर्फ्यू और लॉक डाउन के समय महाराष्ट्र सरकार ने उत्तर भारतीय श्रमिकों और प्रवासियों की हर स्तर पर मदद की, जबकि केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश बिहार के लिए आने वाली ट्रेनों को बंद कर दिया था।
सरकार ने उनका टिकट अपने खर्चे से देकर घरों तक पहुंचाने का काम किया था। शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार का प्रदेश के हर नागरिक से दिल का रिश्ता है। उसी के तहत भाईचारे व मानव धर्म को निभाते हुए सरकार काम कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि उनके विकास और रोजगार देने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं प्रदेश में रोजगार बढ़ने के बजाय बेरोजगारी बढ़ी है भाईचारा खत्म हो चुका है। नफरत बढ़ी है जनता बदलाव का मन बना चुकी है। 10 मार्च को परिवर्तन होना तय है। परिवर्तन का प्रतीक उनके डुमरियागंज पार्टी के प्रत्याशी हैं । यूपी को बदलना है। सबको एक साथ और प्यार के साथ लेकर चलने का काम किया जाएगा।
जनसभा को पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संजय राऊत ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारा यूपी सिद्धार्थनगर से करीबी रिश्ता है। ईस्ट इंडिया कंपनी 10 मार्च के बाद कहीं नहीं दिखेगी जिसकी शुरुआत डुमरियागंज और उत्तर प्रदेश से हो रही है और 2024 में देश से ईस्ट इंडिया कंपनी( भाजपा) का सफाया हो जाएगा।
उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि किसके अंदर कौन खून दौड़ रहा है। यह हम नहीं कहते सभी के अंदर खून होता है और वह लाल होता है । यह चुनाव डुमरियागंज सिद्धार्थनगर की आजादी की लड़ाई है। यहां से उत्तर प्रदेश के परिवर्तन की शुरुआत होगी 2024 में पूरा यूपी शिवसेना और भगवामय हो जाएगा।
उन्होंने शिवसेना कार्यकर्ताओं व आम जनता में जोश भरते हुए कहा कि हम आपके साथ हैं ना डरना है ना झुकना है। कोल्हापुर के शिवसेना सांसद धर्मशील माने ने कहा कि राम नाम लेना ही नहीं बल्कि उनके सत्य मार्गों पर चलने और रामराज्य लाने की जरूरत है। जनसभा को प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, अनिल तिवारी, आनंद दुबे, विनोद सिंह ,संदीप , डुमरियागंज प्रत्याशी राजू श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित कियाl संचालन अनिल दुबे ने किया।