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Siddharthnagar News: तिल की खेती किसानों के आय का उचित साधन
Sat, 22 Jul 2023 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 22 Jul 2023 12:06 AM IST
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सिद्धार्थनगर। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने शुक्रवार को किसानों को तिल की खेती के बारे में जानकारी दी। किसानों को तिल की खेती करने के लिए प्रेरित किया गया।
कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने बताया की समय परिवर्तन के साथ किसान अपने खेती के तौर तरीकों में परिवर्तन लाएं साथ ही खेती में सही फसलों का चुनाव कर ही बुवाई करें तभी अधिक लाभ पा सकते हैं। कहा कि इस समय तिल की बुवाई की जा सकती है। तिल की खेती से किसान अपनी आय को दोगुना कर सकता है। सामान्यत: तिल का तेल अन्य खाद्य तेलों के मुकाबले दोगुनी कीमत पर बिकता है। तिल के कई औषधीय उपयोग हैं, जिससे इसकी मांग सालभर बनी रहती है। तिल की बुवाई का उचित समय संपूर्ण जुलाई महीने में की जा सकती है। एक हेक्टेयर खेत में तीन से चार किलो बीज पर्याप्त होती हैं। तिल की बुवाई से पहले खेत की तैयारी अच्छे से करना चाहिए। इसके लिए खेत की दो तीन जुताई कल्टीवेटर या हल से करने के बाद एक पाटा लगाना आवश्यक है। इसके अलावा भी अन्य जानकारी दी।
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कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने बताया की समय परिवर्तन के साथ किसान अपने खेती के तौर तरीकों में परिवर्तन लाएं साथ ही खेती में सही फसलों का चुनाव कर ही बुवाई करें तभी अधिक लाभ पा सकते हैं। कहा कि इस समय तिल की बुवाई की जा सकती है। तिल की खेती से किसान अपनी आय को दोगुना कर सकता है। सामान्यत: तिल का तेल अन्य खाद्य तेलों के मुकाबले दोगुनी कीमत पर बिकता है। तिल के कई औषधीय उपयोग हैं, जिससे इसकी मांग सालभर बनी रहती है। तिल की बुवाई का उचित समय संपूर्ण जुलाई महीने में की जा सकती है। एक हेक्टेयर खेत में तीन से चार किलो बीज पर्याप्त होती हैं। तिल की बुवाई से पहले खेत की तैयारी अच्छे से करना चाहिए। इसके लिए खेत की दो तीन जुताई कल्टीवेटर या हल से करने के बाद एक पाटा लगाना आवश्यक है। इसके अलावा भी अन्य जानकारी दी।
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