300 करोड़ मिलेंगे तब खत्म होगी कतार
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सीमावर्ती जिले में आरबीआई ने बड़े नोट भेजने पर पाबंदी लगा दी है और 100-50 के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में 50 दिनों की डेडलाइन में बचे शेष सात दिनों के अंदर स्थिति सुधारने के लिए अब किसी चमत्कार का इंतजार है।
आठ नवंबर को नोटबंदी लागू होने के बाद से जिले में 500 व 1000 रुपये के नोटों के करीब 1200 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। इसके सापेक्ष अब तक 118.37 करोड़ रुपये के बड़े नोट ही जिले को मिले हैं। ग्राहकों की मांग के सापेक्ष यह राशि ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई है।
नतीजा कोई भी संतुष्ट नहीं है। कैश की जरूरत पूरी करने के लिए हर रोज बैंकों के बाहर लाइन लग रही है और दिन भर इंतजार के बाद ग्राहक मायूस लौट रहे हैं।
बैंक अफसरों की मानें तो स्थिति सामान्य करने के लिए फिलहाल 300 करोड़ रुपये की तत्काल जरूरत है। मगर यह इतना आसान नहीं है। दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर होने के कारण आरबीआई ने यहां बड़े नोट की आपूर्ति पर रोक लगा दी है।
अब दो हजार व पांच सौ के नोट जिले में नहीं आएंगे। सौ और पचास के नोटों की उपलब्धता पहले से ही कम है। ऐसी स्थिति में सुधार की गुंजाइश बेहद कम दिख रही है। बता दें कि स्थिति सामान्य करने के लिए 50 दिनों की मोहलत भी खत्म होने वाली है।
43 दिन बीत चुके हैं और अब शेष 7 दिनों के लिए स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में अब किसी चमत्कार की ही उम्मीद लगाई जा रही है। इस संबंध में लीड बैंक अधिकारी कल्पनाथ ने बताया कि आरबीआई के निर्देशों के चलते बड़े नोट न आने से स्थिति बिगड़ी है। कोशिश की जा रही है। स्थानीय स्तर पर जो रकम जमा हो रही है, उसी से जैसे-तैसे काम चल रहा है। सांसद की पहल पर वित्त मंत्रालय को भी लिखित पत्र भेजा गया है।