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शिक्षामित्र के सहारे पूर्व माध्यमिक स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 14 Dec 2017 11:14 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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डुमरियागंज। शिक्षामित्रों का प्राथमिक विद्यालय से भले ही समायोजन रद्द कर दिया गया हो। मगर ऐसे भी शिक्षामित्र हैं जो प्राथमिक ही नहीं, बल्कि उच्च प्राथमिक व्यवस्था का जिम्मा संभालकर सेवाकार्य कर रहे हैं। ऐसा ही सिद्धार्थनगर के एक श्यामपुर गांव का पूर्व माध्यमिक विद्यालय है। यहां की शिक्षण व्यवस्था मात्र एक शिक्षामित्र के सहारे चल रही है।
डुमरियागंज विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत श्यामपुर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहां शिक्षक के अभाव में करीब आठ महीने तक स्कूल में ताला बंद रहा। फिर यहां की कमान शिक्षामित्र श्रीचंद्र को दी गई। जो करीब छह माह से अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। इस विद्यालय में कुल 57 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। आठ माह तक स्कूल अध्यापक की कमी की समस्या से जूझता रहा। ग्रामीणों के बार-बार मांग पर गत 8 मई को बीएसए ने उक्त शिक्षामित्र को यहां तैनात कर दिया, तभी से वहां लगातार शैक्षणिक कार्य में लगा हुआ है। दिक्कत बहुत है फिर भी वहां बेहतर शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। फिल्हाल अभी तक किसी अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। लिहाजा इकलौते श्रीचंद्र ही सारी व्यवस्था संभाले हुए हैं। छात्रों को पढ़ाने के साथ ही साथ अभिलेखों को भी यही पूरा कर रहे हैं।
इस संबंध में बीईओ चद्रभूषण पांडेय ने बताया कि इस विद्यालय में उनके आने के पहले ताला लगा था। उन्होंने यहां पठन-पाठन करवाने के लिए श्रीचंद्र को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद वहां सुचारू रूप से शिक्षण कार्य हो रहा है। अध्यापकों के समायोजन के बाद वहां अध्यापकों की तैनाती की जाएगी।
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डुमरियागंज विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत श्यामपुर में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहां शिक्षक के अभाव में करीब आठ महीने तक स्कूल में ताला बंद रहा। फिर यहां की कमान शिक्षामित्र श्रीचंद्र को दी गई। जो करीब छह माह से अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। इस विद्यालय में कुल 57 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। आठ माह तक स्कूल अध्यापक की कमी की समस्या से जूझता रहा। ग्रामीणों के बार-बार मांग पर गत 8 मई को बीएसए ने उक्त शिक्षामित्र को यहां तैनात कर दिया, तभी से वहां लगातार शैक्षणिक कार्य में लगा हुआ है। दिक्कत बहुत है फिर भी वहां बेहतर शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। फिल्हाल अभी तक किसी अतिरिक्त शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। लिहाजा इकलौते श्रीचंद्र ही सारी व्यवस्था संभाले हुए हैं। छात्रों को पढ़ाने के साथ ही साथ अभिलेखों को भी यही पूरा कर रहे हैं।
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इस संबंध में बीईओ चद्रभूषण पांडेय ने बताया कि इस विद्यालय में उनके आने के पहले ताला लगा था। उन्होंने यहां पठन-पाठन करवाने के लिए श्रीचंद्र को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद वहां सुचारू रूप से शिक्षण कार्य हो रहा है। अध्यापकों के समायोजन के बाद वहां अध्यापकों की तैनाती की जाएगी।
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