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Siddharthnagar News: सावन कल से, शिवभक्ति में डूबेगी बुद्धनगरी

Wed, 29 Jul 2026 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 29 Jul 2026 12:44 AM IST
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Sawan begins tomorrow; the City of Buddha will be immersed in devotion to Lord Shiva.
सिद्धार्थनगर। भगवान शिव की आराधना का पवित्र महीना श्रावण (सावन) 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस दौरान पूरे जिले में शिवभक्ति की गूंज सुनाई देगी। मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन, कांवड़ यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू होगा। जिले के प्रमुख शिवालयों में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि प्रशासन ने भी भीड़ और सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।
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सावन को लेकर जिले के इटवा स्थित कटेश्वरनाथ धाम, देईपार का प्राचीन शिव मंदिर, भारतभारी शिव मंदिर, हल्लौर का बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर, भानपुर रानी का बाबा भुवनेश्वरनाथ मंदिर, बेवा चौराहा शिव मंदिर, बांसी क्षेत्र के प्राचीन शिवालय, जोगिया क्षेत्र के शिव मंदिर, नगर के रामलीला मैदान स्थित दुर्गा-शिव मंदिर, राप्ती तट स्थित शिव मंदिर, शोहरतगढ़, बढ़नी, नौगढ़, उस्का बाजार, बिस्कोहर, खेसरहा और कपिलवस्तु क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में विशेष साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट का कार्य पूरा कर लिया गया है।
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परंपरा के अनुसार बांसी क्षेत्र के पास राप्ती परसोहन घाट कांवड़ियों द्वारा जल भरने के लिए उपयोग किया जाता है, जहां से जल लेकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया जाता है। इसके अलावा खुनियांव और धोबहा बाजार क्षेत्र के पास स्थित अमहवा घाट स्थानीय कांवड़ यात्राओं के लिए लोकप्रिय है, जहां से श्रद्धालु जल भरकर कटेश्वर नाथ मंदिर जैसे स्थानीय शिवालयों तक जाते हैं।
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क्यों खास है सावन : पंडित देवस्य मिश्र के अनुसार धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के समय निकले हलाहल विष का पान भगवान शिव ने इसी कालखंड में किया था। मान्यता है कि देवताओं ने भगवान शिव को शीतलता प्रदान करने के लिए जलाभिषेक किया। तभी से सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है। इस माह किए गए रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव पूजन का विशेष फल प्राप्त होता है।
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