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Siddharthnagar News: सरयू नहर सूखी, किसानों और पशु के लिए पानी का संकट बढ़ा
Thu, 25 Jun 2026 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 25 Jun 2026 12:22 AM IST
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भारतभारी। नहर में पानी नहीं आने के कारण गांवों के किसान गंभीर सिंचाई संकट का सामना कर रहे हैं। इस भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों को भी प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे किसान और पशुपालक खासे परेशान हैं।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बिथरिया गांव से निकली वाली सरयू नहर परियोजना जो बिथरिया से निकलकर चौरा बनगवा, कंचनपुर, तकियावा, गौहनिया, लटिया, वासा चक, फत्तेपुर, गरदहिया,राधन, युसूफजोत, जैसे गांवों के ग्रामीण प्रभावित हैं। नहर में पानी न होने से धान की नर्सरी सूख रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान विनोद शर्मा, मुनव्वर हुसैन, अमजद मुख्तार, अख्तर अली, राधेश्याम, मनोज गुप्ता, पप्पू मिश्रा, अख्तर अजीज और राजाराम ने बताया कि उन्हें मजबूरी में निजी ट्यूबवेल से लंबी पाइपलाइन डालकर सिंचाई करनी पड़ रही है। डीजल के बढ़ते दामों के कारण यह उनके लिए महंगा साबित हो रहा है।
मानसून की लेटलतीफी ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई तो इस सीजन में धान की पैदावार 40 प्रतिशत तक घट सकती है। रजवाहे के सूखने से आवारा पशुओं के लिए भी पीने के पानी की किल्लत हो गई है, क्योंकि आसपास के तालाब भी सूख चुके हैं।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग डुमरियागंज के जेई नरेंद्र वर्मा ने बताया कि प्लांट पर काम चलने के चलते नहरों में पानी की देरी हुई है समस्या को देखते हुए शीघ्र ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बिथरिया गांव से निकली वाली सरयू नहर परियोजना जो बिथरिया से निकलकर चौरा बनगवा, कंचनपुर, तकियावा, गौहनिया, लटिया, वासा चक, फत्तेपुर, गरदहिया,राधन, युसूफजोत, जैसे गांवों के ग्रामीण प्रभावित हैं। नहर में पानी न होने से धान की नर्सरी सूख रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान विनोद शर्मा, मुनव्वर हुसैन, अमजद मुख्तार, अख्तर अली, राधेश्याम, मनोज गुप्ता, पप्पू मिश्रा, अख्तर अजीज और राजाराम ने बताया कि उन्हें मजबूरी में निजी ट्यूबवेल से लंबी पाइपलाइन डालकर सिंचाई करनी पड़ रही है। डीजल के बढ़ते दामों के कारण यह उनके लिए महंगा साबित हो रहा है।
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मानसून की लेटलतीफी ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यदि समय पर सिंचाई नहीं हुई तो इस सीजन में धान की पैदावार 40 प्रतिशत तक घट सकती है। रजवाहे के सूखने से आवारा पशुओं के लिए भी पीने के पानी की किल्लत हो गई है, क्योंकि आसपास के तालाब भी सूख चुके हैं।
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इस संबंध में सिंचाई विभाग डुमरियागंज के जेई नरेंद्र वर्मा ने बताया कि प्लांट पर काम चलने के चलते नहरों में पानी की देरी हुई है समस्या को देखते हुए शीघ्र ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।