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Siddharthnagar: बीमार मां को ले तहसील पहुंची बिटिया, दर्द सुन हरकत में आए एसडीएम, तत्काल मिला न्याय
Mon, 06 Jun 2022 06:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2022 06:10 AM IST
सार
तहसील परिसर नौगढ़ में एसडीएम जगप्रवेश तहसील दिवस के अवसर पर लोगों की समस्याएं सुन समाधान का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान, लोगों की भीड़ 16 साल की एक बिटिया खड़ी होती है। कहती है- साहब हमारी भी पीड़ा सुन लो।
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डुमरियागंज में संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनते डीएम संजीव रंजन और एसपी डॉ. ?
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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विस्तार
सिद्धार्थनगर में सुबह 11:30 बजे का समय होगा। तहसील परिसर नौगढ़ में एसडीएम जगप्रवेश तहसील दिवस के अवसर पर लोगों की समस्याएं सुन समाधान का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान, लोगों की भीड़ 16 साल की एक बिटिया खड़ी होती है। कहती है- साहब हमारी भी पीड़ा सुन लो। बीमार मां 15 साल से मुझे लेकर दर-बदर की ठोकरें खाती रही है। वह न तो किसी को अपनी पीड़ा बता पाई और न ही किसी ने उसके दर्द को समझने की कोशिश की। आज उसे लेकर आपके दर पर आई हूं। आशा है निराश नहीं होऊंगी।
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बिटिया की बात सुन कुछ देर के लिए तहसील परिसर में सन्नाटा छा गया। एसडीएम भी जैसे जड़ हो गए। खुद को संभाल कर बिटिया से मुखातिब हुए। कहा-बेटी, आप निराश न हो। अपनी समस्या बताओ। समाधान अवश्य होगा। बिटिया ने बताया कि उसका नाम प्रिया मणि त्रिपाठी है। मां का नाम कुसुम लता त्रिपाठी है। वह लोटन की रहने वाली है। 15 साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। तब उसकी उम्र एक साल के करीब रही होगी। पिता की मौत के बाद परिजनों ने घर से निकाल दिया। किसी तरह मां ने मुझे पाला। अब मां हमेशा बीमार रहती है। अब जीवनयापन नहीं हो रहा। बड़ी उम्मीद लेकर आपके पास आई हूं। अब आप ही न्याय दिलाइए।
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बिटिया की बातें सुन एसडीएम ने तत्काल राजस्व टीम को मां-बेटी के साथ उनके घर भेजा। टीम मौके पर पहुंची और बिटिया के परिजनों को बैठाकर बातचीत की। सारी बातें सुनने के बाद टीम ने दोनों पक्षों में लिखित समझौता कराया। समझौते के बाद बिटिया ने कहा कि उसे और उसकी मां को न्याय मिल गया है। इससे उन्हें काफी खुशी हुई है।
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70 मामलों में पांच का निस्तारण
तहसील समाधान दिवस में आए 70 प्रार्थना पत्रों में पांच का मौके पर निस्तारण हुआ। दो साल से वरासत के लिए भटक रही महिला की समस्या का भी मौके पर ही निस्तारण किया गया। तहसील दिवस में आए अधिकांश प्रार्थना पत्र विधुत, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, सचाई विभाग से संबंधित थे। सुनवाई के दौरान तहसीलदार सदर राम ऋषि रमन, नायब तहसीलदार माधुर्य यादव, राजस्व निरीक्षक सदर शीतल प्रसाद द्विवेदी, सुरेश तिवारी, अमरीश, विजय गुप्ता, रामकरन गुप्ता मौजूद रहे।