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डुमरियागंज में खुलेगा पूर्वांचल का पहला सैनिक स्कूल
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डुमरियागंज में खुलेगा पूर्वांचल का पहला सैनिक स्कूल
राज्य सरकार के प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय की मुहर, विधायक ने डेढ़ वर्ष पूर्व शासन को भेजा था प्रस्ताव
रवींद्र कुमार गुप्ता
डुमरियागंज। जिले के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने वाली है। पूर्वांचल का पहला सैनिक स्कूल डुमरियागंज में खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने डेढ़ वर्ष पूर्व इसके लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। राज्य सरकार की इस कार्ययोजना को रक्षा मंत्रालय से भी मंजूरी मिलने के बाद जमीन भी चिह्नित कर ली गई है।
देश में कुल 26 सैनिक स्कूल हैं। रक्षा मंत्रालय के पास देश में 21 और सैनिक स्कूलों को खोलने के लिए प्रस्ताव आए हैं जिन्हें सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है। इसके बाद अब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में अब चार नए सैनिक स्कूलों की सौगात मिल चुकी है। प्रदेश में सिर्फ सरोजनीनगर लखनऊ में ही अब तक सैनिक स्कूल था। मौजूदा सरकार ने झांसी, अमेठी, मैनपुरी व बागपत में सैन्य स्कूल खोले जाने को मंजूरी दिलाई। अब पूर्वांचल के तराई बेल्ट में सैनिक स्कूल बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट तक सीबीएसई बोर्ड से शिक्षा व नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) की तैयारी कराई जाती है। यहां पढ़ने वाले बच्चों को सेना के तीनों अंगों के लिए तैयार किया जाता है। 67 फीसदी सीटें उसी राज्य के बच्चों के लिए तो 25 फीसदी सीट रक्षा कर्मियों के बच्चों व बाकी अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहती हैं। नेपाल सीमा के सटे डुमरियागंज में सैनिक स्कूल खुलने से स्थानीय बच्चों को बेहतर भविष्य मिल सकेगा। इस संबंध में डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि तहसील मुख्यालय के निकट सोनखर में 50 एकड़ का प्लाट चिह्नित कर लिया गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां छोटा बांध बनाने की जरूरत है। कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।
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सांसद के सहयोग से मिली मंजूरी : विधायक
डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सांसद जगदंबिका पाल के सहयोग से इस कार्ययोजना को मंजूरी मिली है। हमारे प्रस्ताव को उन्होंने केंद्र सरकार तक पहुंचाया और स्वीकृति दिलाई। भूमि की डिमांड हमसे की गई थी जो हमने उपलब्ध करा दी है।
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नौकरी पाने में भी होगी आसानी
डुमरियागंज में सैनिक स्कूल खोले जाने की खबर सुनकर छात्रों में भी काफी उत्साह है। नगर स्थित श्री गुरु नानक एकेडमी के कक्षा आठ की छात्रा श्रद्धा गुप्ता और साल्वी सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बेहतर शिक्षा पाने के लिए कोई ढंग का विद्यालय नहीं है। लोगों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गोरखपुर, इलाहाबाद, बनारस या फिर लखनऊ जाना पड़ता है। सैनिक स्कूल खुलने से क्षेत्र के छात्रों को बेहतर शिक्षा के साथ ही देश की रक्षा के लिए आर्मी ज्वाइन करने के लिए नौकरी प्राप्त करने का भी एक बेहतर विकल्प होगा।
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राज्य सरकार के प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय की मुहर, विधायक ने डेढ़ वर्ष पूर्व शासन को भेजा था प्रस्ताव
रवींद्र कुमार गुप्ता
डुमरियागंज। जिले के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने वाली है। पूर्वांचल का पहला सैनिक स्कूल डुमरियागंज में खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने डेढ़ वर्ष पूर्व इसके लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। राज्य सरकार की इस कार्ययोजना को रक्षा मंत्रालय से भी मंजूरी मिलने के बाद जमीन भी चिह्नित कर ली गई है।
देश में कुल 26 सैनिक स्कूल हैं। रक्षा मंत्रालय के पास देश में 21 और सैनिक स्कूलों को खोलने के लिए प्रस्ताव आए हैं जिन्हें सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है। इसके बाद अब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में अब चार नए सैनिक स्कूलों की सौगात मिल चुकी है। प्रदेश में सिर्फ सरोजनीनगर लखनऊ में ही अब तक सैनिक स्कूल था। मौजूदा सरकार ने झांसी, अमेठी, मैनपुरी व बागपत में सैन्य स्कूल खोले जाने को मंजूरी दिलाई। अब पूर्वांचल के तराई बेल्ट में सैनिक स्कूल बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट तक सीबीएसई बोर्ड से शिक्षा व नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) की तैयारी कराई जाती है। यहां पढ़ने वाले बच्चों को सेना के तीनों अंगों के लिए तैयार किया जाता है। 67 फीसदी सीटें उसी राज्य के बच्चों के लिए तो 25 फीसदी सीट रक्षा कर्मियों के बच्चों व बाकी अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहती हैं। नेपाल सीमा के सटे डुमरियागंज में सैनिक स्कूल खुलने से स्थानीय बच्चों को बेहतर भविष्य मिल सकेगा। इस संबंध में डुमरियागंज एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि तहसील मुख्यालय के निकट सोनखर में 50 एकड़ का प्लाट चिह्नित कर लिया गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां छोटा बांध बनाने की जरूरत है। कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।
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सांसद के सहयोग से मिली मंजूरी : विधायक
डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सांसद जगदंबिका पाल के सहयोग से इस कार्ययोजना को मंजूरी मिली है। हमारे प्रस्ताव को उन्होंने केंद्र सरकार तक पहुंचाया और स्वीकृति दिलाई। भूमि की डिमांड हमसे की गई थी जो हमने उपलब्ध करा दी है।
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नौकरी पाने में भी होगी आसानी
डुमरियागंज में सैनिक स्कूल खोले जाने की खबर सुनकर छात्रों में भी काफी उत्साह है। नगर स्थित श्री गुरु नानक एकेडमी के कक्षा आठ की छात्रा श्रद्धा गुप्ता और साल्वी सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बेहतर शिक्षा पाने के लिए कोई ढंग का विद्यालय नहीं है। लोगों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गोरखपुर, इलाहाबाद, बनारस या फिर लखनऊ जाना पड़ता है। सैनिक स्कूल खुलने से क्षेत्र के छात्रों को बेहतर शिक्षा के साथ ही देश की रक्षा के लिए आर्मी ज्वाइन करने के लिए नौकरी प्राप्त करने का भी एक बेहतर विकल्प होगा।