{"_id":"69f9094452126d3e8401be06","slug":"roads-dug-up-for-pipeline-making-movement-difficult-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-157625-2026-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: पाइपलाइन के लिए खोदी सड़कें, आवाजाही दुश्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: पाइपलाइन के लिए खोदी सड़कें, आवाजाही दुश्वार
Tue, 05 May 2026 02:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 05 May 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
पाईप लाईन डालने में टूटी शाहपुर में धोबहा मार्ग पर बनी सीसी सड़क।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों के गड्ढे अब तक नहीं भरे गए हैं। वहीं, शहर में भी नई वाटर सप्लाई की पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी सड़कों के ठीक से मरम्मत नहीं होने के कारण जगह-जगह गड्ढे बन गए है। इससे आवाजाही मुश्किल होने के साथ ही हादसों का खतरा बढ़ गया है।
शास्त्रीनगर, पूरब पड़ाव और आजाद नगर मोहल्ले की प्रमुख सड़कें और गलियों की सड़कें खोद दी गई। इनके अधूरे मरम्मत के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों में हल्की बारिश के बाद गड्ढे हो गए। इससे इन रास्तों पर गुजरने के दौरान जहां लोगों को कीचड़ के बीच से होकर गुजरने में परेशानी हो रही है, वहीं सड़क के गड्ढों के कारण हादसे का खतरा बनाई हुआ है।
जल जीवन मिशन के तहत जिले में लक्षित 762 परियोजनाओं के लिए खोदी गई 2153.68 किमी लंबी सड़क में आठ सौ किमी के मरम्मत नहीं हो सकी है। जिले के 2027 गांवों को संतृप्त करने के लिए 7856.26 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी थी, जिसमें 6214.27 किमी पाइप लाइन बिछाई गई जबकि इसे बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों का अभी तक मरम्मत नहीं हो सका है।
विज्ञापन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें 63.41 प्रतिशत सड़कों का मरम्मत हुई है, लेकिन अभी तक सिर्फ 170 गांवों में ही सड़कों की संपूर्ण मरम्मत हो सकी है जबकि पाइप लाइन बिछाने के लिए 1500 से अधिक गांवों में सड़क खोदी गईं थीं। इनमें 1300 से अधिक गांव में सड़क मरम्मत कार्य अधूरा पड़ा है। इससे लोगों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। जलनिगम की परियोजनाओं के लिए खोदी सड़कों के मरम्मत को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद लोगों को सड़क के गड्ढों के मरम्मत की उम्मीद जगी है।
गांवों में यहां खोदकर छोड़ दी गई सड़कें : बांसी ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत जमलाजोत में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन सुविधा के बजाय मुसीबत का सबब बन गई है। कार्यदायी संस्था ने गांव की आरसीसी, इंटरलॉकिंग और खड़ंजा सड़कों के बीचों-बीच गड्ढे खोदकर पाइप तो डाल दिया, लेकिन उन्हें दुरुस्त करने के बजाय सिर्फ मिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। इससे लोगों की मुसीबत बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे गांव के रास्ते बर्बाद हो गए हैं। सड़कों के बीच में गड्ढा हो गया है और आए दिन छोटे बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गांव के विष्णु सहाय, पलटन राम वर्मा, कन्हैया सिंह ने कहा कि गांव की सुव्यवस्थित सड़कों को खोदकर गड्ढे में तब्दील कर दिया गया है। वहीं खुनियांव ब्लाॅक के ग्राम पंचायत हरिजोत में पाइपलाइन डालते समय गांव में जाने वाली मुख्य सड़क भी टूट कर जर्जर हो चुकी है।
विज्ञापन
शास्त्रीनगर, पूरब पड़ाव और आजाद नगर मोहल्ले की प्रमुख सड़कें और गलियों की सड़कें खोद दी गई। इनके अधूरे मरम्मत के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों में हल्की बारिश के बाद गड्ढे हो गए। इससे इन रास्तों पर गुजरने के दौरान जहां लोगों को कीचड़ के बीच से होकर गुजरने में परेशानी हो रही है, वहीं सड़क के गड्ढों के कारण हादसे का खतरा बनाई हुआ है।
विज्ञापन
जल जीवन मिशन के तहत जिले में लक्षित 762 परियोजनाओं के लिए खोदी गई 2153.68 किमी लंबी सड़क में आठ सौ किमी के मरम्मत नहीं हो सकी है। जिले के 2027 गांवों को संतृप्त करने के लिए 7856.26 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी थी, जिसमें 6214.27 किमी पाइप लाइन बिछाई गई जबकि इसे बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों का अभी तक मरम्मत नहीं हो सका है।
विज्ञापन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें 63.41 प्रतिशत सड़कों का मरम्मत हुई है, लेकिन अभी तक सिर्फ 170 गांवों में ही सड़कों की संपूर्ण मरम्मत हो सकी है जबकि पाइप लाइन बिछाने के लिए 1500 से अधिक गांवों में सड़क खोदी गईं थीं। इनमें 1300 से अधिक गांव में सड़क मरम्मत कार्य अधूरा पड़ा है। इससे लोगों को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। जलनिगम की परियोजनाओं के लिए खोदी सड़कों के मरम्मत को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद लोगों को सड़क के गड्ढों के मरम्मत की उम्मीद जगी है।
गांवों में यहां खोदकर छोड़ दी गई सड़कें : बांसी ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत जमलाजोत में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन सुविधा के बजाय मुसीबत का सबब बन गई है। कार्यदायी संस्था ने गांव की आरसीसी, इंटरलॉकिंग और खड़ंजा सड़कों के बीचों-बीच गड्ढे खोदकर पाइप तो डाल दिया, लेकिन उन्हें दुरुस्त करने के बजाय सिर्फ मिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। इससे लोगों की मुसीबत बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे गांव के रास्ते बर्बाद हो गए हैं। सड़कों के बीच में गड्ढा हो गया है और आए दिन छोटे बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गांव के विष्णु सहाय, पलटन राम वर्मा, कन्हैया सिंह ने कहा कि गांव की सुव्यवस्थित सड़कों को खोदकर गड्ढे में तब्दील कर दिया गया है। वहीं खुनियांव ब्लाॅक के ग्राम पंचायत हरिजोत में पाइपलाइन डालते समय गांव में जाने वाली मुख्य सड़क भी टूट कर जर्जर हो चुकी है।