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Siddharthnagar News: एसएसबी कैंप झंगटी को जोड़ने वाली सड़क क्षतिग्रस्त
Fri, 01 Mar 2024 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 01 Mar 2024 11:22 PM IST
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ककरहवा। इंडो-नेपाल बॉर्डर डेवलपमेंट सड़क से एसएसबी कैंप झंगटी को जोड़ने वाली सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे होने से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
इंडाे-नेपाल सड़क से बीओपी झंगटी को जोड़ने वाली लगभग दो किमी लंबी एक मात्र सड़क कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है। इस सड़क को कार्यदायी संस्था गन्ना विभाग सिद्धार्थनगर ने दस वर्ष पूर्व बनवाया था। तब से आज तक सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव के लोगों को आने-जाने में मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी एसएसबी 66 वाहिनी झंगटी बीओपी के जवानों को होती है। एसएसबी जवानों को सड़क जर्जर होने से ड्यूटी करने के साथ ककरहवा स्थित कस्टम कार्यालय आने-जाने में बड़ी मुश्किल होती है।
क्षेत्र के विजय तिवारी, पंकज तिवारी, दिनेश त्रिपाठी, हरिशंकर तिवारी, बाढू, राम प्रसाद गुप्ता आदि का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों सहित उच्च अधिकारियों से भी सड़क बनवाने की मांग की गई लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी सिद्धार्थनगर रंजीत सिंह का कहना है कि कार्यदायी संस्था के रूप में गन्ना विभाग की पहचान समाप्त हो चुकी है। 2023 में इस सड़क को लोकनिर्माण विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है।
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इंडाे-नेपाल सड़क से बीओपी झंगटी को जोड़ने वाली लगभग दो किमी लंबी एक मात्र सड़क कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है। इस सड़क को कार्यदायी संस्था गन्ना विभाग सिद्धार्थनगर ने दस वर्ष पूर्व बनवाया था। तब से आज तक सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव के लोगों को आने-जाने में मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी एसएसबी 66 वाहिनी झंगटी बीओपी के जवानों को होती है। एसएसबी जवानों को सड़क जर्जर होने से ड्यूटी करने के साथ ककरहवा स्थित कस्टम कार्यालय आने-जाने में बड़ी मुश्किल होती है।
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क्षेत्र के विजय तिवारी, पंकज तिवारी, दिनेश त्रिपाठी, हरिशंकर तिवारी, बाढू, राम प्रसाद गुप्ता आदि का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों सहित उच्च अधिकारियों से भी सड़क बनवाने की मांग की गई लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी सिद्धार्थनगर रंजीत सिंह का कहना है कि कार्यदायी संस्था के रूप में गन्ना विभाग की पहचान समाप्त हो चुकी है। 2023 में इस सड़क को लोकनिर्माण विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है।