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आरओ कक्ष के बाहर फफक पड़े अनिल
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:00 PM IST
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कलेक्ट्रेट में नामांकन कक्ष के बाहर रोते पूर्व विधायक अनिल सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। पांचवें चरण के चुनाव के लिए नाम वापसी प्रक्रिया के दौरान शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार अनिल सिंह रिटर्निंग ऑफिसर कक्ष के बाहर ही रो पड़े। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वह नाम वापस लेने पहुंचे थे, लेकिन तीन बजे की समय सीमा खत्म होने के चलते रिटर्निंग ऑफिसर ने इनकार कर दिया। पार्टी नेतृत्व के रवैए से व्यथित अनिल सिंह कक्ष से बाहर निकलते ही फफक कर रो पड़े। इस दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं के प्रति जमकर भड़ास निकाली। कहा कि पार्टी समर्थन करे या न करे, वह चुनाव मैदान में अब अपने दम पर उतरेंगे।
शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सपा ने उग्रसेन सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। नामांकन के अंतिम दिन 9 फरवरी को कांग्रेस ने भी यहां से अनिल सिंह को प्रत्याशी घोषित कर दिया। पार्टी अध्यक्ष की ओर से जारी ए, बी फार्म के साथ अनिल सिंह ने जिलाध्यक्ष व अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन पत्र जमा किया। इस सीट पर गठबंधन तोड़कर कांग्रेस और सपा दोनों के आमने-सामने आने को लेकर सियासी पारा गर्म था। इस बीच सोमवार को कांग्रेस नेतृत्व ने अनिल सिंह से अपना समर्थन वापस ले लिया। दोपहर में अनिल सिंह को फोन कर पर्चा वापस लेने के निर्देश दिए गए। राजनीतिक साथियों व परिवार के सदस्यों से सलाह-मशविरा के बाद जब वह नाम वापस करने पहुंचे तब तक तीन बज चुके थे। लिहाजा आरओ अरुण कुमार सिंह ने नाम वापसी करा पाने में असमर्थता जता दी।
इस इनकार के बाद जैसे ही अनिल सिंह आरओ कक्ष से बाहर आए फफक कर रो पड़े। उनका कहना था कि सपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद उन्होंने टिकट की आस छोड़ दी थी। आठ फरवरी की रात उन्हें फोन कर उम्मीदवार बनाए जाने और नामांकन करने का निर्देश दिया गया। कहा गया था कि यहां सपा नहीं, कांग्रेस ही लड़ेगी। पार्टी के निर्देश पर नामांकन किया और अब पार्टी हाथ खींच रही है। यह उचित नहीं है। इतने वर्षों से कांग्रेस की सेवा की थी, इसका यह सिला मिलेगा, उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि भले ही पार्टी ने समर्थन वापस ले लिया है, लेकिन वह चुनाव मैदान में पूरी दमदारी से लड़ेंगे।
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उधर, इस संबंध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी का कहना था कि अनिल सिंह को उम्मीदवार बनाया गया था। अब समर्थन वापस लिया गया है तो उन्हें जानकारी नहीं है। पार्टी का जैसा निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा। पूर्व सांसद मो. मुकीम का कहना था कि पार्टी नेतृत्व ने अनिल सिंह को नाम वापसी के लिए निर्देश दिया था। हमने भी वार्ता की थी, लेकिन बाद में संपर्क टूट गया। समर्थन वापसी के बाद चुनाव लड़ने का सवाल नहीं है। फिलहाल जिले से बाहर हैं, लौटकर अनिल सिंह से बात करेंगे।
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शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सपा ने उग्रसेन सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। नामांकन के अंतिम दिन 9 फरवरी को कांग्रेस ने भी यहां से अनिल सिंह को प्रत्याशी घोषित कर दिया। पार्टी अध्यक्ष की ओर से जारी ए, बी फार्म के साथ अनिल सिंह ने जिलाध्यक्ष व अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ नामांकन पत्र जमा किया। इस सीट पर गठबंधन तोड़कर कांग्रेस और सपा दोनों के आमने-सामने आने को लेकर सियासी पारा गर्म था। इस बीच सोमवार को कांग्रेस नेतृत्व ने अनिल सिंह से अपना समर्थन वापस ले लिया। दोपहर में अनिल सिंह को फोन कर पर्चा वापस लेने के निर्देश दिए गए। राजनीतिक साथियों व परिवार के सदस्यों से सलाह-मशविरा के बाद जब वह नाम वापस करने पहुंचे तब तक तीन बज चुके थे। लिहाजा आरओ अरुण कुमार सिंह ने नाम वापसी करा पाने में असमर्थता जता दी।
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इस इनकार के बाद जैसे ही अनिल सिंह आरओ कक्ष से बाहर आए फफक कर रो पड़े। उनका कहना था कि सपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद उन्होंने टिकट की आस छोड़ दी थी। आठ फरवरी की रात उन्हें फोन कर उम्मीदवार बनाए जाने और नामांकन करने का निर्देश दिया गया। कहा गया था कि यहां सपा नहीं, कांग्रेस ही लड़ेगी। पार्टी के निर्देश पर नामांकन किया और अब पार्टी हाथ खींच रही है। यह उचित नहीं है। इतने वर्षों से कांग्रेस की सेवा की थी, इसका यह सिला मिलेगा, उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि भले ही पार्टी ने समर्थन वापस ले लिया है, लेकिन वह चुनाव मैदान में पूरी दमदारी से लड़ेंगे।
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उधर, इस संबंध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी का कहना था कि अनिल सिंह को उम्मीदवार बनाया गया था। अब समर्थन वापस लिया गया है तो उन्हें जानकारी नहीं है। पार्टी का जैसा निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा। पूर्व सांसद मो. मुकीम का कहना था कि पार्टी नेतृत्व ने अनिल सिंह को नाम वापसी के लिए निर्देश दिया था। हमने भी वार्ता की थी, लेकिन बाद में संपर्क टूट गया। समर्थन वापसी के बाद चुनाव लड़ने का सवाल नहीं है। फिलहाल जिले से बाहर हैं, लौटकर अनिल सिंह से बात करेंगे।