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हक नहीं मिलने तक जारी रहेगी भूख हड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 13 Sep 2016 10:20 PM IST
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- फोटो : Amar ujala
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सिद्धार्थनगर। आउट सोर्सिंग भर्ती पर रोक लगाने सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मियों का चल रहा भूख हड़ताल सीएमओ कार्यालय परिसर में मंगलवार को भी जारी रहा। कर्मचारी नौवें दिन धरने पर भी डटे रहे।
जिलाध्यक्ष मनीष पांडेय ने कहा कि सरकार काम के बाद हमारी समस्याओं को पूरा करने से कतरा रही है। कई बार आंदोलन के बाद भी सरकार गूंगी-बहरी बनी हुई है। अलबत्ता हमारी आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है। अब संगठन जाग उठा है, हम अपना हक लेकर रहेंगे। जब तक हमारी मांगें मान नहीं ली जाती हैं भूख हड़ताल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सफल स्वास्थ्य सेवाओं में 80 प्रतिशत योगदान स्वास्थ्य संविदा कर्मियों एवं आशा कर्मचारियों का होता है।
इनके हितों की अनदेखी कर प्रदेश सरकार ढ़ाईं लाख परिवारों के साथ अन्याय कर रही है। इसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जॉब सिक्योरिटी नियमित की नियुक्ति होने के बाद कार्यरत संविदाकर्मी व जिले एवं राज्य स्तर पर अधिकारियों की मनमानी की वजह से निकाला जा रहा है, इसे बंद किया जाए। नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मियों को वरीयता पर नियमित करना व जो पद सृजित नहीं है, उसे सृजित कर समायोजित किया जाए।
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घोषित रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को जल्द से जल्द लागू किया जाए। आउट सोर्सिंग व्यवस्था पर रोक गलाई जाए। आशा बहुओं को निश्चित मानदेय कर्मचारी कर दर्जा दिया जाए। एनएचएम से निष्कासित एमपीडब्लू, एक्सरे टेक्निशियन आदि सेवाएं बहाल की जाएं। अगर मांगे पूरी नहीं की गई तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाए। दीपेन्द्र मणि त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, वीरेन्द्र मौर्य, अमित, राधा सिंह, इंद्रेश, राहुल पांडेय, अनिल गुप्ता, अमित मिश्रा, दिनेश मिश्रा आदि मौजूद।
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जिलाध्यक्ष मनीष पांडेय ने कहा कि सरकार काम के बाद हमारी समस्याओं को पूरा करने से कतरा रही है। कई बार आंदोलन के बाद भी सरकार गूंगी-बहरी बनी हुई है। अलबत्ता हमारी आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है। अब संगठन जाग उठा है, हम अपना हक लेकर रहेंगे। जब तक हमारी मांगें मान नहीं ली जाती हैं भूख हड़ताल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सफल स्वास्थ्य सेवाओं में 80 प्रतिशत योगदान स्वास्थ्य संविदा कर्मियों एवं आशा कर्मचारियों का होता है।
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इनके हितों की अनदेखी कर प्रदेश सरकार ढ़ाईं लाख परिवारों के साथ अन्याय कर रही है। इसे संगठन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जॉब सिक्योरिटी नियमित की नियुक्ति होने के बाद कार्यरत संविदाकर्मी व जिले एवं राज्य स्तर पर अधिकारियों की मनमानी की वजह से निकाला जा रहा है, इसे बंद किया जाए। नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मियों को वरीयता पर नियमित करना व जो पद सृजित नहीं है, उसे सृजित कर समायोजित किया जाए।
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घोषित रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को जल्द से जल्द लागू किया जाए। आउट सोर्सिंग व्यवस्था पर रोक गलाई जाए। आशा बहुओं को निश्चित मानदेय कर्मचारी कर दर्जा दिया जाए। एनएचएम से निष्कासित एमपीडब्लू, एक्सरे टेक्निशियन आदि सेवाएं बहाल की जाएं। अगर मांगे पूरी नहीं की गई तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाए। दीपेन्द्र मणि त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, वीरेन्द्र मौर्य, अमित, राधा सिंह, इंद्रेश, राहुल पांडेय, अनिल गुप्ता, अमित मिश्रा, दिनेश मिश्रा आदि मौजूद।