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Siddharthnagar News: राजस्व और विकास कार्य निजी मुंशियों के हाथ, चढ़ावा देंगे, तभी लगेगी रिपोर्ट

Sat, 16 Sep 2023 12:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 Sep 2023 12:21 AM IST
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Revenue and development work will be handed over to private clerks, only then will the report be submitted.
नौगढ़ तहसील में लेखपाल के साथ बैठे निजी मुंशी। संवाद
तहसीलों में लेखपाल, कानूनगो और ब्लॉकों में सचिव रहते हैं निजी मुंशियों के भरोसे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तहसीलों में लेखपाल, कानूनगो और ब्लॉकों में सचिवों के निजी मुंशी रखने का प्रचलन कई वर्ष से चल रहा है, जो अब भी जारी है। तहसील नौगढ़ में एक सर्किल के कानूनगो के यहां हैसियत प्रमाणपत्र का रिपोर्ट लगवाने गए दिनेश की मुलाकात उनके निजी मुंशी से हुई, मुंशी को संतुष्ट करने के बाद ही उनका रिपोर्ट अग्रसारित हो सका। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट लगवाने के लिए वह कई दिनों से संबंधित कर्मी से मिलने के लिए दौड़ रहे थे, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हुई। सब कुछ निजी मुंशी ने ही कर दिया।
तहसीलों में बाहरी लोगों से काम लेने की परिपाटी पुरानी हो गई है, वर्तमान में भी जिले के सभी पांचों तहसीलों में निजी मुंशियों का बोलबाला है। फील्ड से लगायत राजस्व विभाग कर्मचारियों के पटल हो या न्यायिक स्तर के अधिकारियों का कार्यालय हर जगह निजी मुंशी ही छाए हैं। यह विभाग में ऐसे घुल मिल गए हैं कि अनजान लोग नियमित कर्मचारी और इनमें भेद तक नहीं कर पा रहे हैं। जिम्मेदार भी एक तरह से इन्हीं पर निर्भर हो गए हैं। स्थलीय निरीक्षण से लेकर पत्रावलियों के रखरखाव तक का कार्य निजी मुंशियों को ही सौंप दिया गया है। तहसीलदार और एसडीएम स्तर के अफसरों को छोड़ दिया जाए तो उनके अधिकांश मातहत निजी मुंशियों के भरोसे कार्य कर रहे हैं।
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फरियादी नहीं कर पाते पहचान
फरियादी भी तहसीलों में कर्मचारियों के पास कुर्सी पर बैठे मिले, इन मुंशियों के चक्कर में लोग गच्चा खा जा रहे हैं। वह सरकारी कर्मचारी समझकर इनके हर सुझाव को आसानी से स्वीकार कर रहे हैं। भूमि पैमाइश, खारिज दाखिल के लिए रिपोर्ट लगवाने, हैसियत, चरित्र, आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र बनवाने आदि कार्यों के लिए उन्हें ही चढ़ावा चढ़ा रहे हैं। इसके बाद ही यह संबंधित पटल के जिम्मेदार से पत्रावली को आगे बढ़ने योग्य रिपोर्ट तैयार करते हैं।
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ऐसे करते हैं निजी मुंशी काम
तहसील में लेखपाल के निजी मुुंशी वरासत, खारिज दाखिल, भूमि पैमाइश के लिए काश्तकारों को नोटिस जारी करने का भी कार्य करते हैं। इनकी हैंडराइटिंग में ही पत्रावलियों पर रिपोर्ट लिखी जाती है। जिस पर हस्ताक्षर संबंधित लेखपाल और कानूनगो का होता है। इनके स्थलीय सत्यापन व भ्रमण रिपोर्ट का भी जिम्मा निजी मुंशी के पास होता है, जिससे निजी मुंशियों की तरफ से इन कार्यों के लिए की गई वसूली के लिए यह कर्मचारी जिम्मेदार नहीं होते हैं।
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ब्लॉकों में भी कब्जा
ब्लॉकों में एक अथवा दो कलस्टर के कई ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी पाए ग्राम पंचायत सचिव निजी मुंशियों सहारे विकास कार्य की रिपोर्ट तैयार करते नजर आ रहे हैं। उसका ब्लॉक में परिवार रजिस्टर की नकल लेने के झिनकू का कहना था कि दो दिन दौड़े, लेकिन सचिव नहीं मिले। उनका मुंशी मिला, जिसे चढ़ावा देकर परिवार रजिस्टर की नकल पा गए। इसी तरह बांसी ब्लॉक में बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र लेने गए शफीक का कहना था कि सचिव नहीं मिले, उनके निजी मुंशी से ही उनका काम हो सका।
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कार्यालय एवं अर्धनिर्मित भवन में होता है काम
नौगढ़ तहसील कार्यालय एवं बगल में स्थित अर्धनिर्मित भवन में लेखपाल एवं कानूनगो के साथ ही इन निजी मुंशियों का जमावड़ा होता है। यहां पहुंचने वाले काश्तकारों से लेखपाल एवं कानूनगो की अनुपस्थिति में यही निजी मुंशी बात करते हैं और उनकी पत्रावली देखकर निर्धारित डिमांड करते हैं, जिसके मिलने के बाद रिपोर्ट लगाकर वह पत्रावली आगे बढ़ाते हैं। शुक्रवार को यहां का नजारा कुछ ऐसा ही था, जहां पहुंचे रामफेर निजी मुंशी से सौदा तय होने के बाद काम के प्रति निश्चिंत हो जाते हैं।
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केस एक-
अभिलेख के साथ फरार हो गया था निजी मुंशी
नौगढ़ तहसील में दो वर्ष पहले कार्यरत रहे एक नायब तहसीलदार ने भी निजी मुंशी रखा था, जिसके पास महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों के रखरखाव की भी जिम्मेदारी थी। यहां तक कि उसके पास नायब तहसीलदार कोर्ट से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख वाली आलमारियों की चाबी रहती थी। नायब तहसीलदार के सेवानिवृत्त होने के बाद वह निजी मुंशी अभिलेखों के साथ ही फरार हो गया। जिस कारण कई मुकदमों में सुनवाई बाधित रही। जिसे बाद में पुलिस से पकड़वाकर फाइलें बरामद की गईं।
केस दो-
डुमरियागंज में 39 लैपटाॅप चोरी, एक को जेल
डुमरियागंज तहसील में वर्ष 2019 में राजस्व अभिलेखागार में रखे वर्ष 2015-2016 में विद्यार्थियों को बांटने आए 41 लैपटॉप में से 39 चोरी हो गए थे। तहसीलदार के पूछताछ में जिम्मेदार कानूनगो ने बताया कि इस अभिलेखागार की चाबी एक निजी कर्मी श्यामसुंदर के पास रहती थी। पुलिस ने मामले में केस दर्जकर छानबीन की और निजी कर्मी श्यामसुंदर को गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसने लैपटाॅप चोरी कर बेचने की बात स्वीकारी थी और कुछ लैपटाॅप भी बरामद भी हुए थे।

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तहसील के कार्यालयों में निजी मुंशी नहीं रखे गए हैं, कुछ संविदा कर्मी कार्य कर रहे हैं। कानूनगो और लेखपाल को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी निजी मुंशी से कार्य न कराए। अगर शिकायत मिलती है अथवा जानकारी होती है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम नौगढ़
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