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Siddharthnagar News: बार-बार गर्म किया जा रहा तेल हृदयाघात के साथ कैंसर का भी बढ़ा रहा खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करने के लिए लोग तरह-तरह का पकवान खा रहे हैं। भूख लगने पर लोग बाजार की पूड़ी व कचौरियों का भी सेवन कर रहे हैं। बार-बार गर्म किया गया तेल जहां लोगों को ह्रदयघात के साथ कैंसर का भी खतरा बढ़ा रहा है। वहीं इससे अन्य कई गंभीर बीमारियां हो रही हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में कोलेस्ट्राल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार बार-बार गर्म किए गए इस काले में बनी चीजों के लगातार सेवन से हार्ट अटैक, नसों में ब्लॉकेज, लकवा, कैंसर व पेट संबंधी बीमारियां हो रही है। वहीं इम्यूनिटी घटती जा रही है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 40 से 50 मरीज आ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में दवा करवाने आने वाले मरीज कोलेस्ट्रॉल, बीपी, हार्ट की बीमारी से ग्रसित हैं। हर चौथे-पांचवें मरीज को तो फैटी लीवर की भी समस्या हो रही है। डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि तली-भुनी चीजों के ज्यादा सेवन के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट व ठेले पर बिकने वाली कचौरी, समोसे व पकौड़े खाने से मरीजों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एक ही तेल को गर्म कर बार-बार उसमें खाने की चीजों को तला जा रहा है। गाढ़ा काला तेल होने के बावजूद उसे बदला नहीं जा रहा है, उसमें भी उल्टा नया तेल डालकर बीमारियां दी जा रही हैं।
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सिद्धार्थनगर। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करने के लिए लोग तरह-तरह का पकवान खा रहे हैं। भूख लगने पर लोग बाजार की पूड़ी व कचौरियों का भी सेवन कर रहे हैं। बार-बार गर्म किया गया तेल जहां लोगों को ह्रदयघात के साथ कैंसर का भी खतरा बढ़ा रहा है। वहीं इससे अन्य कई गंभीर बीमारियां हो रही हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में कोलेस्ट्राल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार बार-बार गर्म किए गए इस काले में बनी चीजों के लगातार सेवन से हार्ट अटैक, नसों में ब्लॉकेज, लकवा, कैंसर व पेट संबंधी बीमारियां हो रही है। वहीं इम्यूनिटी घटती जा रही है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 40 से 50 मरीज आ रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में दवा करवाने आने वाले मरीज कोलेस्ट्रॉल, बीपी, हार्ट की बीमारी से ग्रसित हैं। हर चौथे-पांचवें मरीज को तो फैटी लीवर की भी समस्या हो रही है। डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि तली-भुनी चीजों के ज्यादा सेवन के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट व ठेले पर बिकने वाली कचौरी, समोसे व पकौड़े खाने से मरीजों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एक ही तेल को गर्म कर बार-बार उसमें खाने की चीजों को तला जा रहा है। गाढ़ा काला तेल होने के बावजूद उसे बदला नहीं जा रहा है, उसमें भी उल्टा नया तेल डालकर बीमारियां दी जा रही हैं।
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