{"_id":"69d3fbca193a64bc0103ebf6","slug":"reducing-maternal-and-infant-mortality-rate-is-the-priority-dm-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-156181-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना ही है प्राथमिकता : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना ही है प्राथमिकता : डीएम
Tue, 07 Apr 2026 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। नौगढ़ और जोगिया ब्लॉक में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में जननी सुरक्षा योजना के तहत आशा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवतियों को सुरक्षित प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।
उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर गर्भवतियों का समय से पंजीकरण सुनिश्चित करें और उन्हें नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सक्रियता से ही योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आशा कार्यकर्ता गर्भवतियों को संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करें तथा उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक लाने में सहयोग करें। साथ ही प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की नियमित देखभाल, टीकाकरण और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी गर्भवती योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय से किया जाए ताकि लाभार्थियों में योजना के प्रति विश्वास बना रहे। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आशा कार्यकर्ताओं के साथ नियमित समन्वय बनाकर कार्य करें तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन आशाओं की ओर से कम डिलेवरी कराई गई है, उन्हें चिह्नित कर समीक्षा करें।
विज्ञापन
इस दौरान एसीएमओ डाॅ. आरबी सिंह, डीसीपीएम मान बहादुर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर गर्भवतियों का समय से पंजीकरण सुनिश्चित करें और उन्हें नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सक्रियता से ही योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आशा कार्यकर्ता गर्भवतियों को संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक करें तथा उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक लाने में सहयोग करें। साथ ही प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की नियमित देखभाल, टीकाकरण और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी गर्भवती योजना के लाभ से वंचित न रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय से किया जाए ताकि लाभार्थियों में योजना के प्रति विश्वास बना रहे। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आशा कार्यकर्ताओं के साथ नियमित समन्वय बनाकर कार्य करें तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन आशाओं की ओर से कम डिलेवरी कराई गई है, उन्हें चिह्नित कर समीक्षा करें।
विज्ञापन
इस दौरान एसीएमओ डाॅ. आरबी सिंह, डीसीपीएम मान बहादुर उपस्थित रहे।