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राप्ती का जलस्तर बढ़ने से भोजपुर-शाहपुर बांध पर दबाव
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वेतनार मुस्तहकम में बांध की मरम्मत हो रही।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद राप्ती नदी समेत विभिन्न नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बेतनार मुस्तहकम गांव के पास बांध पर कटान हो रहा है। इससे भोजपुर-शाहपुर बांध पर बढ़ा दबाव बढ़ गया है। टूटने की आशंका को देखते हुए सोमवार को सिंचाई निर्माण खंड की टीम बांध की मरम्मत में जुटी रही।
तीन दिन बारिश थमने के बाद जिले की नदियों का जलस्तर बीते दो दिन से या तो स्थिर था या नीचे उतर रहा था। बरसात दोबारा शुरू होते ही राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, बानगंगा, घोघी, जमुआर और तेलार के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार डुमरियागंज क्षेत्र में बेतनार मुस्तहकम गांव के पास राप्ती नदी पर स्थापित भोजपुर-शाहपुर बांध कटान के कारण टूटने की कगार पर पहुंच गया है। पानी के दबाव से बांध बेतनार मुस्तहकम में क्षतिग्रस्त हो गया, इसकी मरम्मत में विभागीय लोग जुटे रहे। ग्रामीणों को कहना है कि एक जुलाई से ही बांध की मरम्मत की जा रही है लेकिन इसके बचने की उम्मीद नहीं दिख रही। अगर यह बांध टूट गया तो इसके मुहाने पर पड़ने वाले केशवाजोत, जहदा मुस्तहकम, बेेतनार मुस्तहकम गांव तबाह हो जाएंगे। बेेतनार मुस्तहकम गांव निवासी बाबूराम, राजाराम का कहना है कि बांध टूटने से हमारे गांवों में भारी तबाही होगी, घर और खेत सब बर्बाद हो जाएंगे।
इसके साथ ही आसपास के गांवों में भी जलभराव होने से तबाही मचेगी। इटवा तहसील क्षेत्र के गागापुर गांव के पास राप्ती का जलस्तर बढ़ने से कटान तेजी से हो रहा है, जिससे कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण बद्री, पारसनाथ, जावेेद, बैजनाथ का कहना है कि कई वर्षों से हम लोग कटान की समस्या झेल रहे हैं लेकिन जब बाढ़ आती है तभी नेता व विभाग को होश आती है। हम अपने घरों के पास राप्ती नदी की कटान देख भयभीत है। सिंचाई निर्माण खंड के जेई कालिका प्रसाद ने कहा कि बंधे के कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है अभी गागापुर में कार्य नही हो पाएगा। सिंचाई निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि भोजपुर-शाहपुर बांध बचाने के लिए 15 दिनों से विभागीय कर्मी लगे हुए हैं। बांध की सुरक्षा और बचाव कार्य कराए जा रहे हैं, बांध टूटने नहीं दिया जाएगा।
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नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर सोमवार रविवार
बानगंगा 93.420 93.30 93.00
बूढ़ी राप्ती 85.650 85.150 84.800
राप्ती 84.900 84.030 83.670
जमुआर 84.89 82.80 82.70
तेलार 87.500 83.90 84.20
कूड़ा 83.520 82.200 82.090
घोघी 87.000 83.45 83.35
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सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद राप्ती नदी समेत विभिन्न नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बेतनार मुस्तहकम गांव के पास बांध पर कटान हो रहा है। इससे भोजपुर-शाहपुर बांध पर बढ़ा दबाव बढ़ गया है। टूटने की आशंका को देखते हुए सोमवार को सिंचाई निर्माण खंड की टीम बांध की मरम्मत में जुटी रही।
तीन दिन बारिश थमने के बाद जिले की नदियों का जलस्तर बीते दो दिन से या तो स्थिर था या नीचे उतर रहा था। बरसात दोबारा शुरू होते ही राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, बानगंगा, घोघी, जमुआर और तेलार के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार डुमरियागंज क्षेत्र में बेतनार मुस्तहकम गांव के पास राप्ती नदी पर स्थापित भोजपुर-शाहपुर बांध कटान के कारण टूटने की कगार पर पहुंच गया है। पानी के दबाव से बांध बेतनार मुस्तहकम में क्षतिग्रस्त हो गया, इसकी मरम्मत में विभागीय लोग जुटे रहे। ग्रामीणों को कहना है कि एक जुलाई से ही बांध की मरम्मत की जा रही है लेकिन इसके बचने की उम्मीद नहीं दिख रही। अगर यह बांध टूट गया तो इसके मुहाने पर पड़ने वाले केशवाजोत, जहदा मुस्तहकम, बेेतनार मुस्तहकम गांव तबाह हो जाएंगे। बेेतनार मुस्तहकम गांव निवासी बाबूराम, राजाराम का कहना है कि बांध टूटने से हमारे गांवों में भारी तबाही होगी, घर और खेत सब बर्बाद हो जाएंगे।
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इसके साथ ही आसपास के गांवों में भी जलभराव होने से तबाही मचेगी। इटवा तहसील क्षेत्र के गागापुर गांव के पास राप्ती का जलस्तर बढ़ने से कटान तेजी से हो रहा है, जिससे कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण बद्री, पारसनाथ, जावेेद, बैजनाथ का कहना है कि कई वर्षों से हम लोग कटान की समस्या झेल रहे हैं लेकिन जब बाढ़ आती है तभी नेता व विभाग को होश आती है। हम अपने घरों के पास राप्ती नदी की कटान देख भयभीत है। सिंचाई निर्माण खंड के जेई कालिका प्रसाद ने कहा कि बंधे के कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है अभी गागापुर में कार्य नही हो पाएगा। सिंचाई निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि भोजपुर-शाहपुर बांध बचाने के लिए 15 दिनों से विभागीय कर्मी लगे हुए हैं। बांध की सुरक्षा और बचाव कार्य कराए जा रहे हैं, बांध टूटने नहीं दिया जाएगा।
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नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर सोमवार रविवार
बानगंगा 93.420 93.30 93.00
बूढ़ी राप्ती 85.650 85.150 84.800
राप्ती 84.900 84.030 83.670
जमुआर 84.89 82.80 82.70
तेलार 87.500 83.90 84.20
कूड़ा 83.520 82.200 82.090
घोघी 87.000 83.45 83.35