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Siddharthnagar News: नेपाल में बारिश से नदियों में उफान, डरा रहा बाढ़ का खतरा
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शोहरतगढ क्षेत्र के बैदौली गांव के पास वांनगंगा नदी के पानी द्वारा हो रहा कटान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाल ने भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात बन गए हैं। इसका असर अब यहां भी पहाड़ी नदियों में दिखने लगा है। बिना बारिश हुए नदियों का पानी बढ़ने से नदी के किनारे रहने वालों को बाढ़ का डर सताने लगा है।
कारण नेपाल के पानी से ही यहां बाढ़ भयावह रूप ले लेती है। नेपाल में लगभग हर नदियां उफनाने लगी हैं। पानी का दबाव बढ़ा तो शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बानगंगा बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए।
लोगों के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार देर शाम तक ऐसी स्थिति थी कि अगर दो दिन बनी रहती तो बाढ़ के हालात बन जाते। शाम के बाद एकाएक धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है। लेकिन, इसके उफान पर आने में अधिक वक्त नहीं लगता है। वहीं, सोतवा नाला, बूढ़ी राप्ती और उसका क्षेत्र की कूड़ा नदी में जलस्तर में इजाफा देखने को मिला। राहत की बात यह है कि प्रशासन की ओर बाढ़ से निपटने के लिए इंतजाम किए गए हैं।
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प्रशासन की तैयारी की बात करें तो तहसीलवार ने बाढ़ चौकियां बनाकर कर्मियों को नामित कर दिया है। स्वास्थ्य टीम बना ली गई है। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए अयोध्या से नाव की मांग भी हुई है। जिले की नाव को दुरुस्त कराया गया है।
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सिद्धार्थनगर। नेपाल ने भारी बारिश के बाद बाढ़ के हालात बन गए हैं। इसका असर अब यहां भी पहाड़ी नदियों में दिखने लगा है। बिना बारिश हुए नदियों का पानी बढ़ने से नदी के किनारे रहने वालों को बाढ़ का डर सताने लगा है।
कारण नेपाल के पानी से ही यहां बाढ़ भयावह रूप ले लेती है। नेपाल में लगभग हर नदियां उफनाने लगी हैं। पानी का दबाव बढ़ा तो शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बानगंगा बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए।
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लोगों के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात से शुक्रवार देर शाम तक ऐसी स्थिति थी कि अगर दो दिन बनी रहती तो बाढ़ के हालात बन जाते। शाम के बाद एकाएक धीरे-धीरे पानी कम हो रहा है। लेकिन, इसके उफान पर आने में अधिक वक्त नहीं लगता है। वहीं, सोतवा नाला, बूढ़ी राप्ती और उसका क्षेत्र की कूड़ा नदी में जलस्तर में इजाफा देखने को मिला। राहत की बात यह है कि प्रशासन की ओर बाढ़ से निपटने के लिए इंतजाम किए गए हैं।
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प्रशासन की तैयारी की बात करें तो तहसीलवार ने बाढ़ चौकियां बनाकर कर्मियों को नामित कर दिया है। स्वास्थ्य टीम बना ली गई है। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए अयोध्या से नाव की मांग भी हुई है। जिले की नाव को दुरुस्त कराया गया है।