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Siddharthnagar News: चीन से नेपाल के रास्ते भारत में खपा रहे कद्दू का बीज

Thu, 08 Oct 2026 11:52 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:52 PM IST
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Pumpkin seeds from China are being funneled into India via Nepal.
सिद्धार्थनगर। इंडो-नेपाल सीमा पर तस्करी का तरीका और माल दोनों बदल रहे हैं। यूरिया, मोबाइल और दूसरे सामान के बाद अब चीन के कद्दू के बीज भी नेपाल के रास्ते भारत पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। सिद्धार्थनगर सीमा क्षेत्र में महज तीन दिन के भीतर कद्दू के बीजों की 15.56 टन की दो बड़ी खेप पकड़ी गई हैं।
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पोषण विशेषज्ञ बताते हैं कि कद्दू के बीज में प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, जिंक और असंतृप्त वसा जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसी वजह से पिछले कुछ वर्षों में इसे हेल्थ स्नैक के तौर पर बाजार मिला है। पैकेटबंद कद्दू के बीज ऑनलाइन और आधुनिक रिटेल स्टोर पर भी बिक रहे हैं।
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व्यापारिक सूत्र बताते हैं कि बड़े शहरों में ड्राई फ्रूट, हेल्थ फूड और बेकरी बाजार इसके प्रमुख खपत केंद्रों में हैं। दिल्ली का खारी बावली जैसे बड़े थोक बाजार देश के विभिन्न हिस्सों में ड्राई फ्रूट और बीज की आपूर्ति करते हैं। मुंबई, हैदराबाद समेत दूसरे महानगरों में भी हेल्थ स्नैक और ड्राई फ्रूट बाजार में इसकी मांग है।
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जानकारों के अनुसार, अब इसकी मांग सिर्फ पारंपरिक ड्राई फ्रूट बाजार तक सीमित नहीं है। भुने हुए बीज के अलावा इसका इस्तेमाल म्यूसली, ग्रेनोला, हेल्थ मिक्स, सलाद, नमकीन, बेकरी उत्पाद, कुकीज, केक और हेल्थ बार में किया जाता है। जिम और हेल्थ फूड बाजार में भी इसे प्रोटीन और माइक्रोन्यूट्रिएंट वाले स्नैक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। एजेंसियां अब जांच कर रही हैं कि कद्दू के बीज सीमा पार कैसे पहुंचे।

नेपाल में माल किससे खरीदा गया, भारत में किसके लिए भेजा गया, भुगतान किस माध्यम से हुआ और बस्ती पहुंचने के बाद इसकी आपूर्ति कहां होनी थी।
ट्रक से बदला तस्करी का तरीका : सीमा पर पकड़ी गई खेप में सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाले छोटे कैरियरों के बजाय व्यावसायिक मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल सामने आया है। फ्लाई ऐश जैसे वैध माल को लेकर जाने वाले वाहनो में बड़ी मात्रा में बीज छिपाकर भेजे जाने की कोशिश से तस्करी के तरीके में बदलाव का संकेत मिलता है। संवाद
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