फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   protest against woman died

Siddharthnagar News: प्रसूता की मौत, परिवार ने सड़क पर शव रखकर लगाया जाम

Thu, 02 Nov 2023 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 02 Nov 2023 11:58 PM IST
विज्ञापन
protest against woman died
महिला की मौत के बाद र्धेंन्सा से विकास भवन मार्ग जाम कर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
फोटो- है
विज्ञापन

धेंसा से विकास भवन जाने वाले मार्ग पर कपिया गांव के बाहर घर के सामने लगाया जाम

नगर स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद नवजात की हुई थी मौत

प्रसूता का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा था इलाज

देर रात मौत के बाद नाराज परिजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए जाम लगाकर प्रदर्शन किया

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। शहर के परसा शाह आलम में अवैध रूप से संचालित लाइफ हॉस्पिटल में तबीयत बिगड़ने के बाद गोरखपुर में इलाज कराने गई प्रसूता की बुधवार रात मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बृहस्पतिवार सुबह विकास भवन से कपिया जाने वाले मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन करते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की। उनमें गुस्सा इस बात का था कि मेडिकल कॉलेज से इस मरीज का सौदा करके निजी अस्पताल में भेजा गया था। जहां ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई।
नाराज परिजनों व स्थानीय लाेगों ने कपिया गांव के पास धेंसा से विकास भवन को जोड़ने वाली सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लगभग ढाई घंटे चले जाम में लोगों को आने-जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ा। शहर कोतवाल और सीओ सदर ने मौके पर पहुंचकर समझाया-बुझाया। इसके बाद परिजन माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
विज्ञापन

इस मामले में बुधवार को ही गैरइरादतन हत्या और मेडिकल एक्ट के तहत पुलिस ने नौगढ़ पीएचसी प्रभारी की तहरीर पर केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के कपिया मिश्रा गांव निवासी कुसुम (22) पत्नी सुग्रीव का 27 अक्तूबर को नगर के परसा शाह आलम स्थित अवैध रूप से संचालित होने वाले लाइफ केयर अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया था। प्रसूता की हालत गंभीर थी। अस्पताल संचालक की ओर से और रुपये की डिमांड की जा रही थी। ये आरोप पीड़ित परिजनों ने लगाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर 31 अक्तूबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। अस्पताल बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित होना पाया गया। मामले की जांच चल रही थी। उधर, गंभीर हाल में कुसुम को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजन शव को लेकर घर आ गए। बृहस्पतिवार की सुबह घरवालों ने धेंसा से विकास भवन को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित कपिया गांव के पास सुबह तकरीबन छह बजे लाश को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद शहर कोतवाल सतीश कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने के कुछ ही देर बाद क्षेत्राधिकारी सदर अखिलेश कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंच गए।
दोनों लोगों ने परिजनों को समझाया और बताया कि अस्पताल संचालक पर केस दर्ज हो चुका है। आगे की कार्रवाई चल रही है। इसके बाद परिजन लाश को हटाए और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू हो पाई।
सुबह छह से 8:30 बजे तक ढाई घंटे जाम रहा। इससे राहगीरों को आने-जाने में मशक्कत करनी पड़ी। पहले नवजात और फिर बहू की मौत के बाद सास और ससुर का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गांव के लोगों की आंखें भी नम हैं।
इस संबंध में शहर कोतवाल सतीश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे। परिवार के लोग केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली तहरीर के आधार पर बुधवार को ही अस्पताल संचालक और अज्ञात चिकित्सक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और मेडिकल एक्ट के तहत केस दर्ज कर दिया गया है। इस बारे में परिवार को जानकारी दी गई और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद वे लोग मान गए और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।




दो यूनिट ब्लड चढ़ा या नहीं, संशय बरकरार

कपिया मिश्र गांव निवासी मृतका कुसुम के पति सुग्रीव के मुताबिक, बच्चे की मौत के बाद पत्नी के शरीर मेें खून की कमी होने और स्थिति गंभीर बताई गई। तत्काल दो यूनिट खून चढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये की डिमांड की गई। 15 हजार तत्काल देकर मृत नवजात के शव को दफनाने चल गए और जब लौटे तो पांच हजार रुपये और दिए। लेकिन ब्लड चढ़ा था कि नहीं, इसके बारे में हमें जानकारी नहीं है। जब अस्पताल के ब्लड बैंक के रजिस्टर को देखा गया तो पता चला कि 26 से 31 और एक अक्तूबर के बीच कुसुम नाम की किसी महिला और बताए गए पते पर एक भी यूनिट ब्लड न तो किसी ने डोनेट किया है और न ही दिया गया। ऐसे में यह संशय बरकरार है कि ब्लड चढ़ा भी था या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed