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Siddharthnagar News: नुकसान करोड़ों का...मुआवजा हजारों में
Mon, 13 May 2024 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 13 May 2024 11:28 PM IST
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अगलगी में फसल गंवाने वाले किसान हुए बर्बाद
मुआवजा राशि कम होने के कारण किसानों को लागत भी नहीं मिली
अब तक की जांच में 2000 किसान दायरे में आए, 1200 किसानों को 50 लाख रुपये दिए गए हैं मुआवजा राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगलगी में बर्बाद हुए किसानों और घर गंवाने वालों को प्रशासन की ओर से मुआवजा राशि दी जा रही है। लेकिन फसल नुकसान के अनुरूप मुआवजा राशि नाकाफी है। फसल का नुकसान करोड़ों में हुआ है, लेकिन मुआवजा हजारों में है, जिसे किसान मरहम के समान बता रहे हैं। वहीं, प्रशासन भी शासन की ओर से निर्धारित की गई राशि देने के बात कह रहा है।
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक फसल जलने वाले दो हजारों किसानों की रिपोर्ट आई है। जिसमें 1200 लोगों को अबतक मुआवजा दिया गया है। जबकि घर और पशु क्षति वाले 500 से अधिक किसानों की रिपोर्टिंग हैं। अबतक इन्हें आपदा और मंडी समिति की ओर से एक करोड़ रुपये तक मुआवजा राशि वितरण की गई है। जबकि गेहूं की फसल 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। राशि का वितरण अभी जारी है। इसमें अनगिनत किसान ऐसे हैं, जिनकी फसल तो जली है, लेकिन मुआवजा के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिला है। फसल जलने पर बीमा कंपनी की ओर से क्षति का लाभ नहीं दिया जाता है। ऐसा बीमा पॉलिसी के नियम में हैं। तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर मंडी समिति की ओर से किसानों को सरकार की ओर तय राशि के हिसाब से मुआवजा दिया जाता है, जो नाकाफी है। कारण एक किसान की फसल कितना ही जल जाए, लेकिन एक सीमित रकबे का ही मुआवजा दिया जाता है। वह भी इतना नहीं मिलता की फसल की लागत निकल आए।
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आपदा विभाग की ओर से दी गई राशि
अगलगी में कपड़ा, बर्तन समेत अन्य सामान जलने वाले 153 लाभार्थियों को 757900 रुपये मुआवजा राशि दी गई। जबकि, गृह अनुदान में 373 लोगों को 2731500 रुपये, पशु हानि में 13 लाभार्थियों को 261400 रुपये, जनहानि में सात लाभार्थियों को 24 लाख रुपये दिया गया। कुल 546 प्रभावित लोगों का नाम सामने आए हैं। लेखपाल की रिपोर्ट पर मुआवजा राशि दी गई।
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फसल क्षति मंडी समिति का मुआवजा
तहसील किसान मुआवजा राशि
नौगढ़ 369 7.69 लाख
बांसी 253 14.60 लाख
शोहरतगढ़ 182 8.59 लाख
इटवा 240 18.5 लाख
डुमरियागंज 162 10.61 लाख रुपये
नोट :: अभी लगभग 800 किसानों को मुआवजा राशि दी जा रही है।
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एक आंकड़े पिछले साल जली फसल
आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल 200 से अधिक अगलगी की घटना में लगभग 20 हजार हेक्टेयर फसल जली थी। इसके सापेक्ष जिले के चार तहसीलों के 606 किसानों 48.46 लाख मंडी समिति की ओर से मुआवजा दिया गया था। इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि किसानों का नुकसान के हिसाब से कितना लाभ मिल रहा है। किसानों का कहना है कि आय बढ़ाने का दावा किया जाता है, लेकिन आपदा की राशि ना के बराबर दिया जाता है।
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इतने रकबे पर मिलता है इतना मुआवजा
अगलगी से फसल जलने की घटना में एक हेक्टेयर फसल क्षति होने पर 30 हजार रुपये मुआवजा राशि दी जाती है। इसी प्रकार एक से दो हेक्टेयर पर 40 हजार रुपये निर्धारित है। दो हेक्टेयर या उससे अधिक जलने पर 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। एक ही किसान का दो हेक्टेयर से अधिक जलता है तब भी 50 हजार दिया जाएगा। इससे अधिक एक किसान को नहीं मिलेगा।
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एक हेक्टेयर फसल जलने पर किसानों का हो रहा इतना नुकसान
किसान से लागत के संबंध में ली गई जानकारी के अनुसार एक हेक्टेयर फसल में कम से कम 40-42 क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता है। जिसकी मौजूदा लगभग 85-90 हजार रुपये होगी। वहीं एक हेक्टेयर पर लगभग 25 हजार रुपये जुताई, सिंचाई, बुवाई और बीज पर खर्च आता है। जबकि किसानों को मुआवजा के नाम पर मिलता है 30 हजार रुपये मिल रहा है। जो नाकाफी है।
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अगलगी की घटना में चार बीघा गेहूं की फसल नष्ट हो गई है। लेकिन अभी तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। लेखपाल बता रहे थे, रिपोर्ट भी गई है, लेकिन पता नहीं क्यों नहीं आई।
-शिवदासी देवी, निवासी अंदुआ शनिचरा
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अग लगी में गेहूं की फसल सात अप्रैल को जल गई थी। जिसकी रिपोर्ट गई थी। लेकिन अभी तक मुआवजा राशि नहीं आई है। एक बार और फसल जली थी, लेकिन सहायता राशि नहीं मिली।
-दुर्गा प्रसाद, निवासी बुढि़या टायर
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अगलगी में हुई फसल नुकसान में मंडी समिति की ओर से मुआवजा राशि किसानों को दी जा रही है। इसके साथ ही आपदा से गृह अनुदान सहित अन्य हानि पर मुआवजा बांटा गया है। जो वंचित हैं, रिपोर्ट के अनुसार वितरण करवाया जाएगा।
-उमाशंकर, एडीएम
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अगलगी में फसल गंवाने वाले किसान हुए बर्बाद
मुआवजा राशि कम होने के कारण किसानों को लागत भी नहीं मिली
अब तक की जांच में 2000 किसान दायरे में आए, 1200 किसानों को 50 लाख रुपये दिए गए हैं मुआवजा राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगलगी में बर्बाद हुए किसानों और घर गंवाने वालों को प्रशासन की ओर से मुआवजा राशि दी जा रही है। लेकिन फसल नुकसान के अनुरूप मुआवजा राशि नाकाफी है। फसल का नुकसान करोड़ों में हुआ है, लेकिन मुआवजा हजारों में है, जिसे किसान मरहम के समान बता रहे हैं। वहीं, प्रशासन भी शासन की ओर से निर्धारित की गई राशि देने के बात कह रहा है।
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक फसल जलने वाले दो हजारों किसानों की रिपोर्ट आई है। जिसमें 1200 लोगों को अबतक मुआवजा दिया गया है। जबकि घर और पशु क्षति वाले 500 से अधिक किसानों की रिपोर्टिंग हैं। अबतक इन्हें आपदा और मंडी समिति की ओर से एक करोड़ रुपये तक मुआवजा राशि वितरण की गई है। जबकि गेहूं की फसल 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। राशि का वितरण अभी जारी है। इसमें अनगिनत किसान ऐसे हैं, जिनकी फसल तो जली है, लेकिन मुआवजा के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिला है। फसल जलने पर बीमा कंपनी की ओर से क्षति का लाभ नहीं दिया जाता है। ऐसा बीमा पॉलिसी के नियम में हैं। तहसील प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर मंडी समिति की ओर से किसानों को सरकार की ओर तय राशि के हिसाब से मुआवजा दिया जाता है, जो नाकाफी है। कारण एक किसान की फसल कितना ही जल जाए, लेकिन एक सीमित रकबे का ही मुआवजा दिया जाता है। वह भी इतना नहीं मिलता की फसल की लागत निकल आए।
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आपदा विभाग की ओर से दी गई राशि
अगलगी में कपड़ा, बर्तन समेत अन्य सामान जलने वाले 153 लाभार्थियों को 757900 रुपये मुआवजा राशि दी गई। जबकि, गृह अनुदान में 373 लोगों को 2731500 रुपये, पशु हानि में 13 लाभार्थियों को 261400 रुपये, जनहानि में सात लाभार्थियों को 24 लाख रुपये दिया गया। कुल 546 प्रभावित लोगों का नाम सामने आए हैं। लेखपाल की रिपोर्ट पर मुआवजा राशि दी गई।
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फसल क्षति मंडी समिति का मुआवजा
तहसील किसान मुआवजा राशि
नौगढ़ 369 7.69 लाख
बांसी 253 14.60 लाख
शोहरतगढ़ 182 8.59 लाख
इटवा 240 18.5 लाख
डुमरियागंज 162 10.61 लाख रुपये
नोट :: अभी लगभग 800 किसानों को मुआवजा राशि दी जा रही है।
एक आंकड़े पिछले साल जली फसल
आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल 200 से अधिक अगलगी की घटना में लगभग 20 हजार हेक्टेयर फसल जली थी। इसके सापेक्ष जिले के चार तहसीलों के 606 किसानों 48.46 लाख मंडी समिति की ओर से मुआवजा दिया गया था। इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि किसानों का नुकसान के हिसाब से कितना लाभ मिल रहा है। किसानों का कहना है कि आय बढ़ाने का दावा किया जाता है, लेकिन आपदा की राशि ना के बराबर दिया जाता है।
इतने रकबे पर मिलता है इतना मुआवजा
अगलगी से फसल जलने की घटना में एक हेक्टेयर फसल क्षति होने पर 30 हजार रुपये मुआवजा राशि दी जाती है। इसी प्रकार एक से दो हेक्टेयर पर 40 हजार रुपये निर्धारित है। दो हेक्टेयर या उससे अधिक जलने पर 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। एक ही किसान का दो हेक्टेयर से अधिक जलता है तब भी 50 हजार दिया जाएगा। इससे अधिक एक किसान को नहीं मिलेगा।
एक हेक्टेयर फसल जलने पर किसानों का हो रहा इतना नुकसान
किसान से लागत के संबंध में ली गई जानकारी के अनुसार एक हेक्टेयर फसल में कम से कम 40-42 क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता है। जिसकी मौजूदा लगभग 85-90 हजार रुपये होगी। वहीं एक हेक्टेयर पर लगभग 25 हजार रुपये जुताई, सिंचाई, बुवाई और बीज पर खर्च आता है। जबकि किसानों को मुआवजा के नाम पर मिलता है 30 हजार रुपये मिल रहा है। जो नाकाफी है।
अगलगी की घटना में चार बीघा गेहूं की फसल नष्ट हो गई है। लेकिन अभी तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। लेखपाल बता रहे थे, रिपोर्ट भी गई है, लेकिन पता नहीं क्यों नहीं आई।
-शिवदासी देवी, निवासी अंदुआ शनिचरा
अग लगी में गेहूं की फसल सात अप्रैल को जल गई थी। जिसकी रिपोर्ट गई थी। लेकिन अभी तक मुआवजा राशि नहीं आई है। एक बार और फसल जली थी, लेकिन सहायता राशि नहीं मिली।
-दुर्गा प्रसाद, निवासी बुढि़या टायर
अगलगी में हुई फसल नुकसान में मंडी समिति की ओर से मुआवजा राशि किसानों को दी जा रही है। इसके साथ ही आपदा से गृह अनुदान सहित अन्य हानि पर मुआवजा बांटा गया है। जो वंचित हैं, रिपोर्ट के अनुसार वितरण करवाया जाएगा।
-उमाशंकर, एडीएम