{"_id":"66886a42a01e1786d2065674","slug":"private-nursing-homes-running-without-registrationresponsible-unaware-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-120260-2024-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: बिना पंजीयन चल रहे निजी नर्सिंग होम...जिम्मेदार बेखबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: बिना पंजीयन चल रहे निजी नर्सिंग होम...जिम्मेदार बेखबर
Sat, 06 Jul 2024 03:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 06 Jul 2024 03:18 AM IST
विज्ञापन
किसी भी अस्पताल में नहीं लगा ग्लोशाइन बोर्ड
सरकारी अस्पतालों की शिथिलता का मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण गैर पंजीकृत निजी अस्पताल मरीजों के इलाज के नाम पर मोटी कमाई कर रहे हैं। तहसील क्षेत्र में दर्जनों निजी नर्सिंग होम संचालन में हैं, लेकिन पंजीयन अधिकांश लोगों के पास नहीं है। चार वर्ष पहले निजी अस्पतालों पर ग्लोसाइन बोर्ड लगाने का आदेश था, लेकिन जब पंजीयन ही नहीं है तो बोर्ड कहां लगेगा।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में 30 से अधिक निजी नर्सिंग होम संचालन में हैं। यहां हर मर्ज के इलाज का बोर्ड तो रहता है, लेकिन जांच इलाज के नामपर खानापूर्ति होती है। तीन से चार कमरों में चल रहे इन अस्पतालों को या तो देखने वाला कोई नहीं है।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि बिना पंजीयन चल रहे निजी अस्पतालों की जांच जल्द ही की जाएगी और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पंजीकृत प्राइवेट अस्पतालों में जांच और इलाज के रेट के ग्लो साइन बोर्ड लगाने के लिए सभी अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। जल्द ही इसकी जांच भी की जाएगी। जहां ग्लोसाइन बोर्ड नहीं मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी अस्पतालों की शिथिलता का मिल रहा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण गैर पंजीकृत निजी अस्पताल मरीजों के इलाज के नाम पर मोटी कमाई कर रहे हैं। तहसील क्षेत्र में दर्जनों निजी नर्सिंग होम संचालन में हैं, लेकिन पंजीयन अधिकांश लोगों के पास नहीं है। चार वर्ष पहले निजी अस्पतालों पर ग्लोसाइन बोर्ड लगाने का आदेश था, लेकिन जब पंजीयन ही नहीं है तो बोर्ड कहां लगेगा।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में 30 से अधिक निजी नर्सिंग होम संचालन में हैं। यहां हर मर्ज के इलाज का बोर्ड तो रहता है, लेकिन जांच इलाज के नामपर खानापूर्ति होती है। तीन से चार कमरों में चल रहे इन अस्पतालों को या तो देखने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि बिना पंजीयन चल रहे निजी अस्पतालों की जांच जल्द ही की जाएगी और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पंजीकृत प्राइवेट अस्पतालों में जांच और इलाज के रेट के ग्लो साइन बोर्ड लगाने के लिए सभी अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। जल्द ही इसकी जांच भी की जाएगी। जहां ग्लोसाइन बोर्ड नहीं मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन