{"_id":"67796c25f94318435504c5a0","slug":"principal-arrived-in-emergency-there-was-no-equipment-for-stitches-and-incisions-in-minor-ot-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1032-130175-2025-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: इमरजेंसी में पहुंचे प्राचार्य, माइनर ओटी में नहीं था टांका-चीरा का सामान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: इमरजेंसी में पहुंचे प्राचार्य, माइनर ओटी में नहीं था टांका-चीरा का सामान
विज्ञापन
मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में स्थित माइनर ओटी के निरीक्षण के बाद प्राचार्य राजेश मोहन को
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन निरीक्षण करने पहुंचे तो अंधेरा छाया हुआ था। कर्मचारियों के गायब रहने के कारण 15 मिनट बाद जनरेटर शुरू हुआ तो वह भड़क गए। उन्होंने इमरजेंसी की माइनर ओटी में जांच की तो पर्याप्त सामान नहीं मिला।
उन्होंने फार्मासिस्ट ओपी लाल श्रीवास्तव को फटकार लगाई। उन्होंने बंद कमरे से ओटी के उपकरण व सर्जिकल सामान दिखाते हुए कुतर्क किया कि सामान चोरी होने की आशंका से अंदर रखे जाते हैं। प्राचार्य ने सीसीटीवी कैमरा लगाने को कहा।
प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन दोपहर करीब 12:20 बजे निरीक्षण करने पहुंचे और करीब पौने दो घंटे जांच करने के बाद दोपहर 2:05 बजे वापस आए। सबसे पहले उन्होंने पर्याप्त तेल खर्च होने के बावजूद भी जनरेटर नहीं चलने पर सवाल पूछा और चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आनी चाहिए।
विज्ञापन
माइनर ओटी में जाते ही उन्होंने सामान देखकर नाराजगी जताते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी को जोगिया की सीएचसी बना दिया हो। इसके बाद फार्मासिस्ट व कर्मचारियों ने करीब 15 मिनट बाद ओटी के सामन दिखाए। माइनर ओटी में कैथेटर, आवश्यक इंजेक्शन, ग्लब्स सहित अन्य सामान नहीं थे।
खराब मिली बीपी व पल्स मशीन : इमरजेंसी में डॉक्टर ने बताया कि बीपी और पल्स की मशीन खराब है। फार्मासिस्ट ने दावा किया कि मशीन सही है। मौके पर तैनात डॉक्टर ने चेक करके दिखाया तो मशीन खराब मिली। प्राचार्य ने मशीन बदलने का निर्देश दिया।
जांच में यह भी पता चला कि एक सप्ताह के बीपी पल्स की तीन मशीनें तोड़कर खराब कर दी गईं। प्राचार्य के पूछने पर स्टॉफ नर्स नार्मल बीपी और पल्स के बारे में नहीं बता पाई। किसी भी स्टॉफ नर्स को मरीज का नाम-पता नहीं मालूम था। वे यह भी नहीं बता पाईं कि किस मरीज को क्या हुआ है?
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन निरीक्षण करने पहुंचे तो अंधेरा छाया हुआ था। कर्मचारियों के गायब रहने के कारण 15 मिनट बाद जनरेटर शुरू हुआ तो वह भड़क गए। उन्होंने इमरजेंसी की माइनर ओटी में जांच की तो पर्याप्त सामान नहीं मिला।
उन्होंने फार्मासिस्ट ओपी लाल श्रीवास्तव को फटकार लगाई। उन्होंने बंद कमरे से ओटी के उपकरण व सर्जिकल सामान दिखाते हुए कुतर्क किया कि सामान चोरी होने की आशंका से अंदर रखे जाते हैं। प्राचार्य ने सीसीटीवी कैमरा लगाने को कहा।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन दोपहर करीब 12:20 बजे निरीक्षण करने पहुंचे और करीब पौने दो घंटे जांच करने के बाद दोपहर 2:05 बजे वापस आए। सबसे पहले उन्होंने पर्याप्त तेल खर्च होने के बावजूद भी जनरेटर नहीं चलने पर सवाल पूछा और चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आनी चाहिए।
विज्ञापन
माइनर ओटी में जाते ही उन्होंने सामान देखकर नाराजगी जताते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी को जोगिया की सीएचसी बना दिया हो। इसके बाद फार्मासिस्ट व कर्मचारियों ने करीब 15 मिनट बाद ओटी के सामन दिखाए। माइनर ओटी में कैथेटर, आवश्यक इंजेक्शन, ग्लब्स सहित अन्य सामान नहीं थे।
खराब मिली बीपी व पल्स मशीन : इमरजेंसी में डॉक्टर ने बताया कि बीपी और पल्स की मशीन खराब है। फार्मासिस्ट ने दावा किया कि मशीन सही है। मौके पर तैनात डॉक्टर ने चेक करके दिखाया तो मशीन खराब मिली। प्राचार्य ने मशीन बदलने का निर्देश दिया।
जांच में यह भी पता चला कि एक सप्ताह के बीपी पल्स की तीन मशीनें तोड़कर खराब कर दी गईं। प्राचार्य के पूछने पर स्टॉफ नर्स नार्मल बीपी और पल्स के बारे में नहीं बता पाई। किसी भी स्टॉफ नर्स को मरीज का नाम-पता नहीं मालूम था। वे यह भी नहीं बता पाईं कि किस मरीज को क्या हुआ है?