{"_id":"65132eb841aa0949d508ce64","slug":"preparing-in-advance-for-auspicious-events-shopping-for-jewellery-siddharthnagar-news-c-7-1-gkp1001-318187-2023-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: शुभ के लिए पहले ही तैयारी.. आभूषणों की कर रहे खरीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: शुभ के लिए पहले ही तैयारी.. आभूषणों की कर रहे खरीदारी
Wed, 27 Sep 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 27 Sep 2023 12:49 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। पितृपक्ष से पहले लोगों ने लगन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। 29 सितंबर, शुक्रवार से पितृपक्ष शुरू होकर 14 अक्टूबर तक रहेगा। इस दौरान 15 दिन पितृपक्ष में लोग नई खरीदारी नहीं करते हैं।
चूंकि नवंबर से ही शुभ लग्न शुरू हो रहा है, इसलिए शादियों से की पहले शुभ कामों के लिए अभी से ही छोटे आभूषण जैसे, बिछिया, झुमके, बहन खरीदारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि विवाह के लिए खरीदारी शुरुआत इससे हो जाएगी।
बहन की शादी के तैयारी में जुटी रागिनी पांडेय मंगलवार को तेतरी बाजार गई थी।उन्होंने बताया कि बताया कि पितृपक्ष को देखते हुए अभी से खरीदारी कर शुभ कर दिया गया है। इससे अगर पितृपक्ष में भी खरीदारी करनी पड़ी तो दिक्कत नहीं होगी। दरअसल, इस बार 23, 24, 27, 28 और 29 नवंबर व 5, 6, 7, 8, 9, 11 और 15 दिसंबर को विवाह का शुभ मुहुर्त है। ऐसे में लोग पहले से ही तैयारियों को पूरी कर रहे हैं।
विज्ञापन
--
श्राद्ध पक्ष को लोग मानते हैं अशुभ
श्राद्ध पक्ष को लेकर लोगों में यह धारणा बनी हुई कि यह अशुभ समय होता है। इस दौरान कोई नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए। ऐसी भी मान्यता है कि पितृपक्ष में खरीदे गए सामान पितरों को समर्पित होता है, जिसका उपयोग करना अनुचित है। क्योंकि वह प्रेत का अंश होता है। ऐसे में लोग इस प्रथा को तोड़ते हुए पहले से ही खरीदारी कर शुभ कर रहे हैं।
--
खरीदार इन दिनों पितृपक्ष से पहले ही अपने शुभ नक्षत्रों की खरीदारी करने लगे हैं। जिन्हें शादी के लिए या किसी शुभ के लिए आभूषणों की खरीदारी करनी है और समय का अभाव है तो लोग पहले ही छोटे आभूषणों से खरीदारी शुरू कर शुभ कर दे रहे हैं। - राज कुमार अग्रहरि
पितृपक्ष में खरीदारी से लोग परहेज करते हैं। नवंबर और दिसंबर में शादी के लिए 12 मुहूर्त हैं। ऐसे में लोग पहले से ही खरीदारी कर अपनी तैयारियां करना चाह रहे हैं। इससे पितृपक्ष में भी खरीदारी कर सकेंगे। - अभिषेक अग्रहरि
विज्ञापन
चूंकि नवंबर से ही शुभ लग्न शुरू हो रहा है, इसलिए शादियों से की पहले शुभ कामों के लिए अभी से ही छोटे आभूषण जैसे, बिछिया, झुमके, बहन खरीदारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि विवाह के लिए खरीदारी शुरुआत इससे हो जाएगी।
विज्ञापन
बहन की शादी के तैयारी में जुटी रागिनी पांडेय मंगलवार को तेतरी बाजार गई थी।उन्होंने बताया कि बताया कि पितृपक्ष को देखते हुए अभी से खरीदारी कर शुभ कर दिया गया है। इससे अगर पितृपक्ष में भी खरीदारी करनी पड़ी तो दिक्कत नहीं होगी। दरअसल, इस बार 23, 24, 27, 28 और 29 नवंबर व 5, 6, 7, 8, 9, 11 और 15 दिसंबर को विवाह का शुभ मुहुर्त है। ऐसे में लोग पहले से ही तैयारियों को पूरी कर रहे हैं।
विज्ञापन
श्राद्ध पक्ष को लोग मानते हैं अशुभ
श्राद्ध पक्ष को लेकर लोगों में यह धारणा बनी हुई कि यह अशुभ समय होता है। इस दौरान कोई नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए। ऐसी भी मान्यता है कि पितृपक्ष में खरीदे गए सामान पितरों को समर्पित होता है, जिसका उपयोग करना अनुचित है। क्योंकि वह प्रेत का अंश होता है। ऐसे में लोग इस प्रथा को तोड़ते हुए पहले से ही खरीदारी कर शुभ कर रहे हैं।
खरीदार इन दिनों पितृपक्ष से पहले ही अपने शुभ नक्षत्रों की खरीदारी करने लगे हैं। जिन्हें शादी के लिए या किसी शुभ के लिए आभूषणों की खरीदारी करनी है और समय का अभाव है तो लोग पहले ही छोटे आभूषणों से खरीदारी शुरू कर शुभ कर दे रहे हैं। - राज कुमार अग्रहरि
पितृपक्ष में खरीदारी से लोग परहेज करते हैं। नवंबर और दिसंबर में शादी के लिए 12 मुहूर्त हैं। ऐसे में लोग पहले से ही खरीदारी कर अपनी तैयारियां करना चाह रहे हैं। इससे पितृपक्ष में भी खरीदारी कर सकेंगे। - अभिषेक अग्रहरि