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Siddharthnagar News: शायरों ने प्रस्तुतियों से बांधा समां, देर रात तक गूंजे शेर
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सिद्धार्थनगर। शहर के एक होटल में आयोजित कवि सम्मेलन और मुशायरे में देश और नेपाल से आए रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। इस दौरान तीन साहित्यकारों को साहित्य में योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शायर डॉ. कलीम कैसर ने कहा, ''''पांव नीचे की जमीं भी नहीं अपनी लेकिन, नशा तो अब भी यही है कि जमींदार हैं हम।'''' उनके इस शेर ने सामंतवादी मानसिकता पर चोट की। श्रोताओं ने तालियों से उनका स्वागत किया। दिल्ली से आईं युवा कवयित्री हिमांशी बावरा ने प्रेम और विरह की रचनाओं से खूब सराहना बटोरी। उन्होंने सुनाया, ''''हम तेरे शहर में आए तो खफा मत होना, तेरी चौखट पे न आएंगे चले जाएंगे।'''' उनकी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।
नेपाल से आए शायर साहिल कपिलवस्तुवी ने भारत-नेपाल सीमा पर लोगों को होने वाली कठिनाइयों को अपनी रचना में पिरोया। उन्होंने कहा, ''''दोनों मुल्कों के हाकिम से इतनी गुजारिश है मेरी, सख्ती न बढ़ाएं सरहद पर, आजाद रहे, आबाद रहे।'''' उनकी पंक्तियों में सीमा पार रहने वाले लोगों की सहज आवाजाही और आपसी संबंधों की भावना झलकी।
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नेपाल की राजधानी काठमांडू से आए वरिष्ठ कवि साकिब हारूनी ने भी अपनी रचनाओं से महफिल में रंग जमाया। शिवसागर सहर ने सामाजिक और सियासी हालात पर तंज कसते हुए कहा, ''''आप कमजरफ हैं गाली पे उतर आते हैं, खुद पे अफसोस हुआ आपकी इज्जत करके।'''' वहीं, गोरखपुर से आईं डॉ. नुसरत अतीक ने धन के बढ़ते प्रभाव पर कटाक्ष करते हुए सुनाया, ''''कभी जरदार की महफिल में न जाएं वरना, हैसियत देखके कुर्सी से उठा देंगे लोग।''''
कार्यक्रम में गुजरात से आए सावन शुक्ला, छत्तीसगढ़ से आईं किरन सोनी, गुलाब मुंतजिर, वत्सला अग्रवाल, शादाब शब्बीरी, संघशील झलक, नियाज कपिलवस्तुवती, उरूज यावर कमाल और ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज सहित अन्य रचनाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।
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तीन साहित्यकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
साहित्य के क्षेत्र में कई दशकों के योगदान के लिए डॉ. कलीम कैसर, नजीर मलिक और ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अब्दुल हफीज और प्रोफेसर बालगंगाधर ने साहित्यकारों को सम्मानित किया।कार्यक्रम में अनूप छापड़िया, सिद्धार्थ अग्रवाल, श्रीचंद कश्यप, संतोष श्रीवास्तव, जावेद खान, यावर कमाल, शफीरुर्रहमान, नज्मी कमाल, अतीउल्लाह खान, राजेश शर्मा, प्रदीप वर्मा, धीरज गुप्ता, सिद्धार्थ गौतम, पंकज पासवान और डॉ. नौशाद आजमी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शायर डॉ. कलीम कैसर ने कहा, ''''पांव नीचे की जमीं भी नहीं अपनी लेकिन, नशा तो अब भी यही है कि जमींदार हैं हम।'''' उनके इस शेर ने सामंतवादी मानसिकता पर चोट की। श्रोताओं ने तालियों से उनका स्वागत किया। दिल्ली से आईं युवा कवयित्री हिमांशी बावरा ने प्रेम और विरह की रचनाओं से खूब सराहना बटोरी। उन्होंने सुनाया, ''''हम तेरे शहर में आए तो खफा मत होना, तेरी चौखट पे न आएंगे चले जाएंगे।'''' उनकी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।
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नेपाल से आए शायर साहिल कपिलवस्तुवी ने भारत-नेपाल सीमा पर लोगों को होने वाली कठिनाइयों को अपनी रचना में पिरोया। उन्होंने कहा, ''''दोनों मुल्कों के हाकिम से इतनी गुजारिश है मेरी, सख्ती न बढ़ाएं सरहद पर, आजाद रहे, आबाद रहे।'''' उनकी पंक्तियों में सीमा पार रहने वाले लोगों की सहज आवाजाही और आपसी संबंधों की भावना झलकी।
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नेपाल की राजधानी काठमांडू से आए वरिष्ठ कवि साकिब हारूनी ने भी अपनी रचनाओं से महफिल में रंग जमाया। शिवसागर सहर ने सामाजिक और सियासी हालात पर तंज कसते हुए कहा, ''''आप कमजरफ हैं गाली पे उतर आते हैं, खुद पे अफसोस हुआ आपकी इज्जत करके।'''' वहीं, गोरखपुर से आईं डॉ. नुसरत अतीक ने धन के बढ़ते प्रभाव पर कटाक्ष करते हुए सुनाया, ''''कभी जरदार की महफिल में न जाएं वरना, हैसियत देखके कुर्सी से उठा देंगे लोग।''''
कार्यक्रम में गुजरात से आए सावन शुक्ला, छत्तीसगढ़ से आईं किरन सोनी, गुलाब मुंतजिर, वत्सला अग्रवाल, शादाब शब्बीरी, संघशील झलक, नियाज कपिलवस्तुवती, उरूज यावर कमाल और ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज सहित अन्य रचनाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।
तीन साहित्यकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
साहित्य के क्षेत्र में कई दशकों के योगदान के लिए डॉ. कलीम कैसर, नजीर मलिक और ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अब्दुल हफीज और प्रोफेसर बालगंगाधर ने साहित्यकारों को सम्मानित किया।कार्यक्रम में अनूप छापड़िया, सिद्धार्थ अग्रवाल, श्रीचंद कश्यप, संतोष श्रीवास्तव, जावेद खान, यावर कमाल, शफीरुर्रहमान, नज्मी कमाल, अतीउल्लाह खान, राजेश शर्मा, प्रदीप वर्मा, धीरज गुप्ता, सिद्धार्थ गौतम, पंकज पासवान और डॉ. नौशाद आजमी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।