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Siddharthnagar News: सिविवि में पर्यावरण विज्ञान से होगी पीजी
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय (सिविवि) कपिलवस्तु ने आगामी शैक्षणिक सत्र से एमएससी इन एनवायरनमेंटल साइंस (पर्यावरण विज्ञान) पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की घोषणा की है।
यह नवाचारपूर्ण एवं समसामयिक पाठ्यक्रम न केवल छात्रों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा, बल्कि उन्हें पर्यावरणीय संरक्षण एवं सतत विकास के वैश्विक लक्ष्य में भी सक्रिय भागीदार बनाएगा।
पाठ्यक्रम की विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत छात्रों को दो विकल्प प्रदान किए गए हैं। इसमें पहले विकल्प में 40 क्रेडिट के साथ एमएससी डिप्लोमा इन एनवायरनमेंटल साइंस व दूसरे के साथ 80 क्रेडिट के साथ एमएससी डिग्री इन एनवायरनमेंटल साइंस की पढ़ाई कराई जाएगी। यह संरचना छात्रों को उनकी शैक्षणिक रुचि, समय-सीमा और कॅरिअर लक्ष्य के अनुरूप विकल्प चुनने की सुविधा देती है।
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कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि पर्यावरणीय संकट के इस दौर में यह पाठ्यक्रम न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा। बल्कि छात्रों को हरित ऊर्जा अभियंत्रण जलवायु परिवर्तन विश्लेषण, सतत विकास सलाहकार, व पर्यावरण वैज्ञानिक जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगार के अत्यंत संभावनाशील अवसर भी उपलब्ध कराएगा। कहा कि यह कार्यक्रम ज्ञान के साथ-साथ छात्रों में व्यावहारिक समझ, सामाजिक प्रतिबद्धता और वैश्विक दृष्टिकोण का विकास भी करेगा।
विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. प्रकृति राय ने बताया कि यह पाठ्यक्रम छात्रों को शोध, नीति निर्माण एवं पर्यावरणीय प्रबंधन के क्षेत्रों में दक्ष बनाएगा। इसमें प्रयोगात्मक कार्य, फील्ड वर्क, लेबोरेटरी प्रशिक्षण और परियोजना आधारित अध्ययन को विशेष रूप से सम्मिलित किया गया है, जिससे छात्रों की व्यावसायिक तैयारी सशक्त होगी।
यह पाठ्यक्रम की अनेक विशेषताओं से युक्त है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संरचित रोजगारपरक एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण पर्यावरणीय शोध, संरक्षण और प्रबंधन का समेकित प्रशिक्षण आधुनिक प्रयोगशालाएं एवं फील्ड आधारित प्रोजेक्ट नीति निर्माण और सरकारी, गैर-सरकारी संगठनों में योगदान के अवसर यह नवसृजित एमएससी इन एनवायरनमेंटल साइंस पाठ्यक्रम सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के अकादमिक विस्तार और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह जानकारी सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के सूचना जनसंपर्क अधिकारी ने दी है।
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सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय (सिविवि) कपिलवस्तु ने आगामी शैक्षणिक सत्र से एमएससी इन एनवायरनमेंटल साइंस (पर्यावरण विज्ञान) पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की घोषणा की है।
यह नवाचारपूर्ण एवं समसामयिक पाठ्यक्रम न केवल छात्रों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा, बल्कि उन्हें पर्यावरणीय संरक्षण एवं सतत विकास के वैश्विक लक्ष्य में भी सक्रिय भागीदार बनाएगा।
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पाठ्यक्रम की विशेषता यह है कि इसके अंतर्गत छात्रों को दो विकल्प प्रदान किए गए हैं। इसमें पहले विकल्प में 40 क्रेडिट के साथ एमएससी डिप्लोमा इन एनवायरनमेंटल साइंस व दूसरे के साथ 80 क्रेडिट के साथ एमएससी डिग्री इन एनवायरनमेंटल साइंस की पढ़ाई कराई जाएगी। यह संरचना छात्रों को उनकी शैक्षणिक रुचि, समय-सीमा और कॅरिअर लक्ष्य के अनुरूप विकल्प चुनने की सुविधा देती है।
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कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि पर्यावरणीय संकट के इस दौर में यह पाठ्यक्रम न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा। बल्कि छात्रों को हरित ऊर्जा अभियंत्रण जलवायु परिवर्तन विश्लेषण, सतत विकास सलाहकार, व पर्यावरण वैज्ञानिक जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगार के अत्यंत संभावनाशील अवसर भी उपलब्ध कराएगा। कहा कि यह कार्यक्रम ज्ञान के साथ-साथ छात्रों में व्यावहारिक समझ, सामाजिक प्रतिबद्धता और वैश्विक दृष्टिकोण का विकास भी करेगा।
विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. प्रकृति राय ने बताया कि यह पाठ्यक्रम छात्रों को शोध, नीति निर्माण एवं पर्यावरणीय प्रबंधन के क्षेत्रों में दक्ष बनाएगा। इसमें प्रयोगात्मक कार्य, फील्ड वर्क, लेबोरेटरी प्रशिक्षण और परियोजना आधारित अध्ययन को विशेष रूप से सम्मिलित किया गया है, जिससे छात्रों की व्यावसायिक तैयारी सशक्त होगी।
यह पाठ्यक्रम की अनेक विशेषताओं से युक्त है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संरचित रोजगारपरक एवं बहु-विषयक दृष्टिकोण पर्यावरणीय शोध, संरक्षण और प्रबंधन का समेकित प्रशिक्षण आधुनिक प्रयोगशालाएं एवं फील्ड आधारित प्रोजेक्ट नीति निर्माण और सरकारी, गैर-सरकारी संगठनों में योगदान के अवसर यह नवसृजित एमएससी इन एनवायरनमेंटल साइंस पाठ्यक्रम सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के अकादमिक विस्तार और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह जानकारी सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के सूचना जनसंपर्क अधिकारी ने दी है।