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Siddharthnagar News: बदलते मौसम में मरीज बढ़े, ब्लड बैंक में खून की कमी

Wed, 13 Sep 2023 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 13 Sep 2023 12:55 AM IST
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Patients increase due to changing weather, shortage of blood in blood banks
ब्लड बैंक में स्थित ब्लड कंपोनेंट यूनिट में रखी मशीन। 
- लंबे समय तक बुखार में शरीर में कम हो रहा है खून
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- अगर डेंगू और मलेरिया का केस बढ़ा तो रक्त कम होने से जाएगी मरीजों की जान

- माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक बचा है मात्र 21 यूनिट खून



सिद्धार्थनगर। डेंगू और मलेरिया सहित अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों के शरीर में रक्त कम होने लगता है। जिससे मरीजों को ब्लड की जरुरत पड़ती है। मौजूदा समय में जिले में अभी तक डेंगू का केस सामने नहीं आया है, लेकिन जिस हिसाब से माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज पर मरीजों को बोझ बढ़ा है। उसमें डेंगू के मरीज मिलने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
वहीं ब्लड बैंक की बात करें तो यहां मंगलवार को मात्र 21 यूनिट खून था। इसमें निगेटिव ग्रुप का ब्लड एक भी यूनिट नहीं है। ऐसे में अगर रक्त की जरुरत पड़ी तो गोरखपुर, बस्ती सहित अन्य शहरों की ओर मरीजों को रुख करना पड़ेगा। जिसके लिए रुपये के साथ-साथ भागदौड़ भी करना पड़ेगा।
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बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इसमें चिकन गुनिया, डेंगू सहित अन्य बीमारी की गिरफ्त में लोग आते हैं जो बहुत ही जानलेवा है। चिकित्सकों का कहना है कि इन बीमारियों में मरीज के शरीर में खून की कमी तेजी से होने लगती है। स्थिति यह बन जाती है कि रक्त की बहुत ही जरूरत पड़ती है। कई बार दो से तीन यूनिट तक ब्लड चढ़ाना पड़ता है। अगर समय से रक्त न मिले तो मरीज की जान भी जा सकती है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ओपीडी के आकड़ों पर गौर करें तो मंगलवार को ओपीडी में 1128 मरीज पहुंचे थे। इसमें अधिकांश बुखार, जुकाम और शरीर में तेज दर्द वाले मरीज थे। इसमें बच्चे सहित अन्य उम्र के लोग भी शामिल थे।
इमरजेंसी वार्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो 24 घंटे में 70 मरीज भर्ती हुए हैं। इसमें जनरल वार्ड, एसएनसीयू, पीआईसीयू, सर्जिकल वार्ड में मरीज भर्ती हैं। एचआईवी, थैलेसिमिया, जेएसवाई आदि के मरीजों को निशुल्क ब्लड देने का नियम है। इसलिए जो लोग ब्लड के लिए पहुंच रहे हैं, उनसे डोनर लाने के लिए कहा जा रहा है।
सेमरा निवासी राम भुवाल ने कहा कि मेरे बच्चे के शरीर में सात प्वाइंट खून है। चिकित्सक ने कहा कि ब्लड की बहुत जरूरत है। आए तो पता चला कि बिना डोनर के नहीं मिलेगा। अब जा रहे हैं किसी रिश्तेदार से कहेंगे। ऐसे कई लोग घूमकर जा रहे हैं। अगर डेंगू सहित अन्य बीमारी के मरीज बढ़े तो ब्लड की कमी से मौत होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि ब्लड बैंक में खून की कमी है, इसकी जानकारी है।

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ब्लड कंपोनेंट यूनिट शुरू नहीं

डेंगू और मलेरिया का बुखार होने के बाद लाल रक्त के साथ ही प्लेटलेट की बहुत ही जरुरत होती है। क्योंकि यह बहुत तेजी से कम होता है। अगर समय से चढ़ाए न जाए तो व्यक्ति के जान का खतरा बढ़ जाता है। मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित ब्लड कंपोनेंट यूूनिट बनाने का काम तो पूरा कर लिया गया। लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में प्लेटलेट्स की कमी होने के बाद लोगों को गोरखपुर, लखनऊ और बस्ती जाना पड़ेगा।


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बोले चिकित्सक

बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारी का प्रकोप बढ़ता है। इसमें बुखार के साथ जुकाम के मरीज अधिक मिलते हैं। साथ ही मलेरिया भी होता है। इसी सीजन में डेंगू और चिकनगुनिया भी होता है। जिसका समय उपचार न होता तो समस्या गंभीर हो सकती है।

डॉ. सीबी चौधरी, चिकित्सक माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज

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