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कैसे मिले सस्ती दर पर दवा, नहीं खुला जन औषधि केंद्र
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महंगी दवाएं खरीदना मरीजों की मजबूरी
28 लाख की आबादी वाले जिले में एक भी जन औषधि केंद्र नहीं
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में जमीन पर नहीं उतरी योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हर मरीज का सही तरह से इलाज और उसे सस्ती दर पर दवा मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की योजना शुरू की गई थी। योजना शुरू हुए चार वर्ष बीत गए लेकिन जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र नहीं खुल सका। मरीज और तीमारदारों को महंगे दाम पर बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही है।
28 लाख से अधिक आबादी वाले इस जिले में लोगों को प्रमाणिक दवाएं उचित दर पर नहीं मिल पा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में केंद्र खोले जाने हैं। इसमें मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं मुहैया करानी थी। मगर योजना को शुरू हुए चार वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र नहीं खुला सका। केंद्र के नहीं खुलने से अस्पताल में आने वाले जरूरतमंदों को बाजार से अधिक कीमत पर दवाएं खरीदनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंच राजेश यादव, अफरोज खान, मनीष जायसवाल, अजय उपाध्याय ने कहा कि जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण जो स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए वह मिल नहीं पा रही हैं। जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बहुत पहले खुलना था, मगर अब तक नहीं खुल पाया। कुछ दवाएं ऐसी हैं, जिसे बाजार से खरीदना पड़ता है। अगर अस्पताल में कैंपस में केंद्र खुल जाता तो लोगों को सहूलियतें मिलती। लेकिन महकमे के जिम्मेदार बेखबर हैं। इस बाबत सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि केंद्र खोले जाने के संबंध में जल्द ही लिखा पढ़ी की जाएगी।
पूर्व सीएमओ कई बार उठा चुके हैं आवाज
जिले के पूर्व सीएमओ डॉ. आरके मिश्र ने जन औषधि केंद्र को खोले जाने के लिए काफी प्रयास किए थे। कई बार शासन और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भी लिखा। स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर केंद्र को खोले जाने के बारे में वार्ता भी की थी। उनके जाने के बाद एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया।
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28 लाख की आबादी वाले जिले में एक भी जन औषधि केंद्र नहीं
स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में जमीन पर नहीं उतरी योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हर मरीज का सही तरह से इलाज और उसे सस्ती दर पर दवा मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की योजना शुरू की गई थी। योजना शुरू हुए चार वर्ष बीत गए लेकिन जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र नहीं खुल सका। मरीज और तीमारदारों को महंगे दाम पर बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही है।
28 लाख से अधिक आबादी वाले इस जिले में लोगों को प्रमाणिक दवाएं उचित दर पर नहीं मिल पा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में केंद्र खोले जाने हैं। इसमें मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं मुहैया करानी थी। मगर योजना को शुरू हुए चार वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र नहीं खुला सका। केंद्र के नहीं खुलने से अस्पताल में आने वाले जरूरतमंदों को बाजार से अधिक कीमत पर दवाएं खरीदनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंच राजेश यादव, अफरोज खान, मनीष जायसवाल, अजय उपाध्याय ने कहा कि जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण जो स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए वह मिल नहीं पा रही हैं। जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बहुत पहले खुलना था, मगर अब तक नहीं खुल पाया। कुछ दवाएं ऐसी हैं, जिसे बाजार से खरीदना पड़ता है। अगर अस्पताल में कैंपस में केंद्र खुल जाता तो लोगों को सहूलियतें मिलती। लेकिन महकमे के जिम्मेदार बेखबर हैं। इस बाबत सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि केंद्र खोले जाने के संबंध में जल्द ही लिखा पढ़ी की जाएगी।
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पूर्व सीएमओ कई बार उठा चुके हैं आवाज
जिले के पूर्व सीएमओ डॉ. आरके मिश्र ने जन औषधि केंद्र को खोले जाने के लिए काफी प्रयास किए थे। कई बार शासन और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भी लिखा। स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर केंद्र को खोले जाने के बारे में वार्ता भी की थी। उनके जाने के बाद एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया।
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