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दहशत: पंद्रह दिन में दस ने तोड़ा दम
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दहशत: 15 दिनों में दस ने तोड़ा दम, नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम
सांस लेने में तकलीफ होने की वजह से हुई ज्यादातर की मौत
नगर पंचायत भारतभारी के लोहरौली में मौत से बढ़ा खौफ
संवाद न्यूज एजेंसी
भारतभारी। लोहरौली गांव में 15 दिनों में दस लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में किसी को सांस लेने में तकलीफ थी तो कोई बुखार से ग्रसित था। बढ़ते हुए मौत के आंकड़े ने गांव के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। गांव में स्वास्थ्य विभाग ने गांव में न तो सैनिटाइज करवाया और न ही जांच कराई गई। लोग कोरोना संक्रमण के फैलने के डर से भी चिंतित हैं।
लोहरौली निवासी चंद्र प्रकाश, सुखराज, अंबिका प्रसाद, अशोक कुमार आदि ने बताया कि लोहरौली में लगभग एक पखवारे के भीतर 10 लोग मालती (60), रेखा देवी (42), बरकतुल्लाह(62), अंजनी कुमार (52), अब्दुल रऊफ (52), प्रभावती (55), सुमित्रा (55), मोहम्मद हनीफ (65), ओमप्रकाश (55) की सांस फूलने व ऑक्सीजन की कमी के चलते आकस्मिक मौत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस गांव में कोरोना जांच और दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। कोई भी कोरोना से संबंधित कार्य या प्रचार-प्रसार भी नहीं हो रहा है। गांव में बहुत कम लोगों को कोरोना की वैक्सिन लगाई गई है। आज भी गांव में अधिकांश लोग खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी प्रकार की दवा का वितरण नहीं किया गया है। जिससे लोग दहशत में हैं और गांव में सन्नाटा पसरा है। डॉ. वीएन चतुर्वेदी ने बताया कि गांवों में अधिक संख्या में लोगों की मौतों की जानकारी नहीं है। हम लोहरौली गांव में टीम भेजकर जांच कराकर दवा वितरण करने के लिए टीम भेज रहे हैं।
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सांस लेने में तकलीफ होने की वजह से हुई ज्यादातर की मौत
नगर पंचायत भारतभारी के लोहरौली में मौत से बढ़ा खौफ
संवाद न्यूज एजेंसी
भारतभारी। लोहरौली गांव में 15 दिनों में दस लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में किसी को सांस लेने में तकलीफ थी तो कोई बुखार से ग्रसित था। बढ़ते हुए मौत के आंकड़े ने गांव के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। गांव में स्वास्थ्य विभाग ने गांव में न तो सैनिटाइज करवाया और न ही जांच कराई गई। लोग कोरोना संक्रमण के फैलने के डर से भी चिंतित हैं।
लोहरौली निवासी चंद्र प्रकाश, सुखराज, अंबिका प्रसाद, अशोक कुमार आदि ने बताया कि लोहरौली में लगभग एक पखवारे के भीतर 10 लोग मालती (60), रेखा देवी (42), बरकतुल्लाह(62), अंजनी कुमार (52), अब्दुल रऊफ (52), प्रभावती (55), सुमित्रा (55), मोहम्मद हनीफ (65), ओमप्रकाश (55) की सांस फूलने व ऑक्सीजन की कमी के चलते आकस्मिक मौत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस गांव में कोरोना जांच और दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। कोई भी कोरोना से संबंधित कार्य या प्रचार-प्रसार भी नहीं हो रहा है। गांव में बहुत कम लोगों को कोरोना की वैक्सिन लगाई गई है। आज भी गांव में अधिकांश लोग खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी प्रकार की दवा का वितरण नहीं किया गया है। जिससे लोग दहशत में हैं और गांव में सन्नाटा पसरा है। डॉ. वीएन चतुर्वेदी ने बताया कि गांवों में अधिक संख्या में लोगों की मौतों की जानकारी नहीं है। हम लोहरौली गांव में टीम भेजकर जांच कराकर दवा वितरण करने के लिए टीम भेज रहे हैं।
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