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धान खरीद घोटाला : धमकाने पर जीजा-साले समेत चार पर केस
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने धान खरीद घोटाले के मामले में तत्कालीन प्रबंधक और उनके सहयोगी के अलावा दो अन्य रिश्ते में जीजा और साले पर छवि धूमिल करने, सरकारी धन का गबन करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में सदर पुलिस ने तहरीर के आधार पर सुसंगत धारा में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। इसमें जीजा और साले पर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के गबन करने का भी आरोप है।
पीसीएफ जिला प्रबंधक विजय प्रताप पाल ने बताया कि पीसीएफ के परचेज खातों के बैंक स्टेटमेंट परीक्षण के दौरान प्रकाश में आया कि राकेश दत्त त्रिपाठी निवासी पकड़ी बाजार थाना उसका बाजार और 80 लाख रुपये का भुगतान पीसीएफ सिद्धार्थनगर के परचेज खाते से आहरित किया गया है एवं इनके साले दुर्गेश जो राकेश दत्त त्रिपाठी के साथ उनके आवास पर रहते हैं।
इनके द्वारा विभिन्न खातों में 75.80 लाख का भुगतान पीसीएफ सिद्धार्थनगर के परचेज खाते से आहरित किया गया है, जबकि राकेश दत्त त्रिपाठी एवं इनके साले दुर्गेश द्वारा पीसीएफ सिद्धार्थनगर में कोई कार्य नहीं किया गया है।
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यह सभी भुगतान तत्कालीन जिला प्रबंधक अमित कुमार चौधरी एवं तत्कालीन सहायक गणक उमानंद उपाध्याय के साथ दुर्भिसंधि कर अनाधिकृत रूप से आहरित किया गया है। इसके संबंध में केस पंजीकृत कराते हुए धनराशि वसूली आदि की कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
राकेश दत्त त्रिपाठी प्रकरण को लेकर पेशबंदी की जा रही है। साथ ही कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के ऊपर झूठा, मनगढ़ंत आरोप लगाकर छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। जानमाल की धमकी दे रहे हैं।
अतः राकेश दत्त त्रिपाठी एवं इनके साले दुर्गेश द्वारा अनाधिकृत रूप से 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय धन के आहरण कर गबन करने एवं जनपद स्तरीय अधिकारी तथा कर्मचारियों पर पेशबंदी तथा मनगढंत, फर्जी आरोप लगाकर छवि खराब करने के प्रयास तथा जानमाल के नुकसान की धमकी जैसे संगीन अपराध के लिए केस पंजीकृत किया जाए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज करके लिया।
शहर कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार के आधार राकेश, दुर्गेश, अमित कुमार चौधरी एवं तत्कालीन सहायक गणक उमानंद उपाध्याय सुंसगत धारा में केस दर्ज किया गया है।
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सिद्धार्थनगर। पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने धान खरीद घोटाले के मामले में तत्कालीन प्रबंधक और उनके सहयोगी के अलावा दो अन्य रिश्ते में जीजा और साले पर छवि धूमिल करने, सरकारी धन का गबन करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले में सदर पुलिस ने तहरीर के आधार पर सुसंगत धारा में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। इसमें जीजा और साले पर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के गबन करने का भी आरोप है।
पीसीएफ जिला प्रबंधक विजय प्रताप पाल ने बताया कि पीसीएफ के परचेज खातों के बैंक स्टेटमेंट परीक्षण के दौरान प्रकाश में आया कि राकेश दत्त त्रिपाठी निवासी पकड़ी बाजार थाना उसका बाजार और 80 लाख रुपये का भुगतान पीसीएफ सिद्धार्थनगर के परचेज खाते से आहरित किया गया है एवं इनके साले दुर्गेश जो राकेश दत्त त्रिपाठी के साथ उनके आवास पर रहते हैं।
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इनके द्वारा विभिन्न खातों में 75.80 लाख का भुगतान पीसीएफ सिद्धार्थनगर के परचेज खाते से आहरित किया गया है, जबकि राकेश दत्त त्रिपाठी एवं इनके साले दुर्गेश द्वारा पीसीएफ सिद्धार्थनगर में कोई कार्य नहीं किया गया है।
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यह सभी भुगतान तत्कालीन जिला प्रबंधक अमित कुमार चौधरी एवं तत्कालीन सहायक गणक उमानंद उपाध्याय के साथ दुर्भिसंधि कर अनाधिकृत रूप से आहरित किया गया है। इसके संबंध में केस पंजीकृत कराते हुए धनराशि वसूली आदि की कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
राकेश दत्त त्रिपाठी प्रकरण को लेकर पेशबंदी की जा रही है। साथ ही कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के ऊपर झूठा, मनगढ़ंत आरोप लगाकर छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। जानमाल की धमकी दे रहे हैं।
अतः राकेश दत्त त्रिपाठी एवं इनके साले दुर्गेश द्वारा अनाधिकृत रूप से 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय धन के आहरण कर गबन करने एवं जनपद स्तरीय अधिकारी तथा कर्मचारियों पर पेशबंदी तथा मनगढंत, फर्जी आरोप लगाकर छवि खराब करने के प्रयास तथा जानमाल के नुकसान की धमकी जैसे संगीन अपराध के लिए केस पंजीकृत किया जाए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज करके लिया।
शहर कोतवाल अनुज कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार के आधार राकेश, दुर्गेश, अमित कुमार चौधरी एवं तत्कालीन सहायक गणक उमानंद उपाध्याय सुंसगत धारा में केस दर्ज किया गया है।