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बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी
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धान की फसल।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी
सिद्धार्थनगर। धान की खेती करने वाले किसानों को शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश से लाभ मिला है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से पिछली प्रजाति के धान को लाभ हुआ है। किसानों का कहना है कि बारिश होने से गेहूं की बुआई में दिक्कत नहीं होगी। खेत में नमी बनी रहेगी।
इस वर्ष किसानों पर मौसम मेहरबान रहा है। समय-समय पर बारिश होने से धान की फसल को पानी की दिक्कत नहीं होने पाई। बाढ़ से बची धान की फसल अच्छी है। शुक्रवार रात और शनिवार पूरे दिन रुक-रुक कर हुई बारिश से धान की फसल को लाभ हुआ है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिली है। जोगिया क्षेत्र के किसान दयानरायन तिवारी, छोटेलाल, मनोज कुमार तिवारी, उपेंद्रनाथ ने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए लाभाकारी है। क्योंकि हर वर्ष बारिश होती, लेकिन जब अक्तूबर में धान को पानी की जरूरत होती है तो बारिश नहीं होती है। बारिश न होने के कारण धान का उपज लेने के लिए पानी चलाना पड़ता था। साथ ही बुआई के समय नमी खत्म होने के कारण गेहूं की बुआई के लिए पलेवा करना पड़ता था। इससे लागत बढ़ जाता था। मगर इस बार बारिश अच्छी हो रही है। इस बारिश से अगेती और पिछेती दोनों प्रजाति के धान के लिए अच्छा है। इस बारिश के होने से जड़हन प्रजाति के धान सांभा मंसूरी, काला नमन सहित अन्य धान में अच्छी उपज होगी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके मिश्र ने बताया कि बारिश धान की फसल के लिए अच्छी है। अगेती में जो धान पक चुके हैं और खेत में गिर गए हैं, उन खेतों में अगर पानी लगा हो तो उसे निकाल दें, नहीं तो नुकसान होगा। कुल मिलाकर यह बारिश फसल के लिए उपयोगी है।
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सिद्धार्थनगर। धान की खेती करने वाले किसानों को शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश से लाभ मिला है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से पिछली प्रजाति के धान को लाभ हुआ है। किसानों का कहना है कि बारिश होने से गेहूं की बुआई में दिक्कत नहीं होगी। खेत में नमी बनी रहेगी।
इस वर्ष किसानों पर मौसम मेहरबान रहा है। समय-समय पर बारिश होने से धान की फसल को पानी की दिक्कत नहीं होने पाई। बाढ़ से बची धान की फसल अच्छी है। शुक्रवार रात और शनिवार पूरे दिन रुक-रुक कर हुई बारिश से धान की फसल को लाभ हुआ है। किसानों का कहना है कि इस बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिली है। जोगिया क्षेत्र के किसान दयानरायन तिवारी, छोटेलाल, मनोज कुमार तिवारी, उपेंद्रनाथ ने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए लाभाकारी है। क्योंकि हर वर्ष बारिश होती, लेकिन जब अक्तूबर में धान को पानी की जरूरत होती है तो बारिश नहीं होती है। बारिश न होने के कारण धान का उपज लेने के लिए पानी चलाना पड़ता था। साथ ही बुआई के समय नमी खत्म होने के कारण गेहूं की बुआई के लिए पलेवा करना पड़ता था। इससे लागत बढ़ जाता था। मगर इस बार बारिश अच्छी हो रही है। इस बारिश से अगेती और पिछेती दोनों प्रजाति के धान के लिए अच्छा है। इस बारिश के होने से जड़हन प्रजाति के धान सांभा मंसूरी, काला नमन सहित अन्य धान में अच्छी उपज होगी।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके मिश्र ने बताया कि बारिश धान की फसल के लिए अच्छी है। अगेती में जो धान पक चुके हैं और खेत में गिर गए हैं, उन खेतों में अगर पानी लगा हो तो उसे निकाल दें, नहीं तो नुकसान होगा। कुल मिलाकर यह बारिश फसल के लिए उपयोगी है।
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