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Siddharthnagar News: भूमि अधिग्रहण के लिए सर्वे की बढ़ी रफ्तार

Mon, 21 Sep 2026 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 21 Sep 2026 12:24 AM IST
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Pace of land acquisition survey accelerates
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत चल रहा थ्रीडी सर्वे अंतिम चरण में पहुंच गया है। एनएचएआई, राजस्व विभाग और कंसल्टेंसी एजेंसी की संयुक्त टीम सर्वे कार्य कर रही हैं। बारिश के कारण कुछ दिन तक काम प्रभावित था, जिसमें फिर तेजी आ गई है।
एक्सप्रेसवे के लिए चिह्नित क्षेत्र में स्थित निचली भूमि में बारिश से जलभराव के कारण सर्वे में कार्य में रुकावट आ गई थी। खेत, बाग, पोखरा, नदी व नालों में जलभराव से संयुक्त टीम इन जगहों का मौके पर पड़ताल नहीं कर पा रही थी।
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एनएचएआई अयोध्या के साइट इंजीनियर जितेंद्र कुमार ने बताया कि सर्वे के दौरान संयुक्त टीम सभी भूमि की मौके पर जांच-पड़ताल कर रही है। बारिश से जलभराव के कारण सर्वे कार्य में कुछ दिक्कत आ रही थी, अब जलभराव समाप्त होने के बाद सभी क्षेत्रों में तेजी से सर्वे चल रहा है। जल्द ही सर्वे कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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सर्वे के तहत यह तय किया जाना है कि किस गाटे में कितना रकबा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए शामिल किया जाएगा। सर्वे प्रक्रिया में बिजली टावर, पोल, भवन का अंश, पेड़ व खाली स्थान भी चिह्नित किए जा रहे है, जिन्हें एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए हटाया या ध्वस्त किया जाना है। सर्वे में चिह्नित एक्सप्रेसवे में शामिल हो रही भूमि के अधिग्रहण के लिए संबंधित गाटों और उसके अंश का प्रकाशन कर आपत्ति मांगी जाएगी। उसके निस्तारण के बाद किसानों को मुआवजा वितरण कर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी।
प्रदेश के 22 जिलों से गुजरने वाले 750 किमी लंबे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का किमी 613.400 से किमी 658.564 तक 45.164 किमी का हिस्सा जिले से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसीलों के 88 गांवों में दो हजार किसानों की 541 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है। प्राथमिक सर्वे के अनुसार एलाइनमेंट तय कर लिया गया है। इसमें एनएचएआई कार्यालय अयोध्या में बांसी तहसील के 19, डुमरियागंज के 28 और इटवा के 15 गांव शामिल हैं। गोरखपुर से बांसी तहसील के 26 गांव शामिल किए गए हैं।
वहीं इससे पहले एडीएम ने तीनों तहसीलों में पत्र भेजकर संबंधित गांवों में भूमि बिक्री, निर्माण, भू-उपयोग परिवर्तन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में तीनों तहसीलों में एनएचएआई, राजस्व विभाग और कंसल्टेंसी एजेंसी की संयुक्त टीम थ्रीडी सर्वे करने में जुटी हुई है। एनएचएआई अयोध्या के साइट इंजीनियर जितेंद्र कुमार ने बताया कि सर्वे के तहत एक्सप्रेसवे में पड़ रहे बिजली के टावर, पोल, मकान के अंश, पेड़, खेत आदि का चिह्नांकन अंतिम चरण में है।

एडीएम गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि संयुक्त टीम द्वारा भूमि का थ्रीडी सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद संबंधित किसानों से आपत्ति मांगी जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार अधिग्रहण किया जाएगा।
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