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व्यवस्था से त्रस्त व्यापारी ने मांगी इच्छा मृत्यु

Mon, 18 Apr 2016 11:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Mon, 18 Apr 2016 11:06 PM IST
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Order sought by euthanasia stricken merchant
csa - फोटो : getty images
सरकारी तंत्र के जाल में फंसे व्यापारी ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांगी है। मनोरंजन कर विभाग ने बकाया रकम के लिए रिकवरी नोटिस जारी कर दिया। व्यापार भी बंद कर दिया। वहीं विभाग ने डीएम के निर्देश पर हृदय रोग से पीड़ित व्यापारी से चुनाव में काम कराया और भुगतान को लटका दिया। भुखमरी के कगार में पहुंचने के बाद व्यापारी ने राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित करते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है।
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मुख्यालय के वन विभाग कालोनी निवासी घनश्याम दास गुप्ता ने कहा कि कई वर्षों से केबिल नेटवर्क का कारोबार करता आ रहा है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व मधुमेह व हृदय संबंधित रोग से ग्रसित है। पीड़ित ने मनोरंजन कर विभाग व प्रशासन के कहने पर वर्ष 2009 में लोकसभा व 2010 में विधानसभा चुनाव में वीडियोग्राफी का काम कराया।
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जिसका बिल करीब 4 लाख रुपया बना। जिला निर्वाचन कार्यालय ने भुगतान को बकाया लगा दिया। कई बार भुगतान से संबंधित पत्राचार भी किया लेकिन किसी अधिकारी ने तव्वजो नहीं दिया। मनोरंजन कर अधिकारी से भी पैरवी किया।
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खुन्नस खाकर मनोरंजन कर अधिकारी ने 48 हजार मूलधन व ब्याज के बकाया का नोटिस दिया। सप्ताह के अंदर विभाग ने रिकवरी नोटिस भी जारी कर केबिल लाइन को बंद कर दिया। पत्र में कहा कि कारोबार पूर्ण रूप से बंद हो गया है।
हृदय संबंधित परेशानी बढ़ गई है। इस प्रकार घुट-घुट कर मरने से भला है कि इच्छा मृत्यु मिले। इस संबंध में एडीएम पीके जैन ने बताया कि पीड़ित कारोबारी कुछ दिनों पूर्व डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय से मुलाकात किया था।

डीएम ने कहा कि मनोरंजन कर विभाग का 1 लाख 63 हजार रुपये बाकी है। इसके सापेक्ष 63 हजार रुपये जमा करा दो। कारोबार को शुरू करा दिया जाएगा। डीएम के निर्देश पर चुनाव आयुक्त से भी वार्ता किया। कारोबारी के बकाया धन व वर्तमान परिस्थितियों के संबंध बताया। निर्वाचन आयोग ने भुगतान संबंधित जानकारी मांगी, जिसे भेज दिया गया है। आयोग से जल्द भुगतान कराने के लिए कहा गया है।
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