फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   one caught

मालिक ने रची थी पिकअप चोरी साजिश, दोस्तों के साथ पकड़ा गया

Fri, 25 Mar 2022 11:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 11:06 PM IST
विज्ञापन
one caught
मालिक ने रची थी पिकअप चोरी साजिश, दोस्तों के साथ पकड़ा गया
विज्ञापन

- 23 मार्च को दोपहर में घर के सामने से हुई थी चोरी
- 24 घंटे के भीतर एसओजी और बांसी पुलिस की संयुक्त टीम ने राप्ती नदी से सटे नरकटहा से पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। कस्बे से दोपहर में घर के सामने से चोरी हुई पिकअप के मामले का पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। शुक्रवार सुबह राप्ती पुल के पास नरकटहा से एसओजी और बांसी पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन लोगों को पकड़कर पिकअप और नकदी बरामद कर लिया। पुलिस का दावा है कि चोरी का साजिशकर्ता खुद वाहन स्वामी ही था। उसने बीमा की रकम लेने के लिए साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

कोतवाल बांसी संजय कुमार मिश्र ने बताया कि 24 मार्च की सुबह कोतवाली में सतीश तिवारी की ओर से तहरीर दी गई कि उनके पिकअप को 23 मार्च दोपहर में ही चोर चुरा ले गए। वह स्वयं वाहन चालक भी हैं। केस दर्ज करने के बाद एसओजी के साथ संयुक्त टीम तैयार की गई। इसके बाद चोरी का पर्दाफाश करने के लिए लग गए। शुक्रवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली की चोरी में स्वयं वाहन स्वामी भी शामिल हैं। वह नगर के राप्ती नदी पुल से सटे नरकटहा के पास मौजूद हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव के साथ बताए हुए स्थान पर पहुंच गए। यहां एक पिकअप के साथ कुछ लोगों को देखा गया। पुलिस आगे बढ़ी तो लोग भागने लगे। घेराबंदी कर तीन लोगों को पकड़ा गया। इनकी पहचान सतीश कुमार तिवारी निवासी पैली खास थाना कोतवाली खलीलाबाद, जो स्वयं वाहन स्वामी हैं। इनके अलावा राजमणि त्रिपाठी उर्फ मोनू निवासी कनौना कुर्थिया, बालेंद्र चौधरी निवासी महसिन थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर के रूप में हुई। यह तीनों दोस्त हैं। इनके कब्जे से चोरी की पिकअप और 60 हजार रुपये नकदी बरामद किया गया। पूछताछ में पता चला कि यह तीनों दोस्त हैं। बीमा की धनराशि लेने और कंपनी के मालिक के रुपये हड़पने के लिए चोरी की झूठी साजिश रची थी। आरोपितों ने अपना जुर्म कबूल किया। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय को सुपुर्द किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed