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Siddharthnagar News: झांसी फोर्ट की तर्ज पर पिपरहवा स्तूप पर होगा साउंड एंड लाइट शो
Thu, 11 Sep 2025 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Sep 2025 11:46 PM IST
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कपिलवस्तु के पिपरहवा में स्थित स्तुप। संवाद
सिद्धार्थनगर। झांसी फोर्ट की तर्ज पर कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप में लाइट एंड साउंड शो होगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने इसके संचालन की अनुमति दे दी है। सीएसआर मद से 3.49 करोड़ रुपये खर्च होगा। इस संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (स्मारक-II अनुभाग) नई दिल्ली के निदेशक जुल्फेकार अली ने डीएम डॉ. राजागणपति आर को पत्र भेजा है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण व प्रशासन की टीम के संयुक्त निरीक्षण और तकनीकी प्रस्तुति के संशोधित प्रस्ताव की जांच के बाद नियम और शर्तों के साथ अनुमति दी है।
विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थली कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप में लाइट एंड साउंड शो के संचालन से जहां स्तूप की खूबसूरती बढ़ जाएगी, वहीं रोजाना प्रदर्शित होने वाले भगवान बुद्ध के छायाचित्र भी पर्यटकों को लुभाएंगे।
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लाइट एंड साउंड शो से होने वाली आय को जिला प्रशासन और एएसआई के बीच 70:30 के अनुपात में साझा किया जाएगा। जबकि स्तूप में लाइट एंड साउंड शो के संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी नगर पंचायत कपिलवस्तु की होगी।
कपिलवस्तु पिपरहवा स्तूप पर झांसी के किले की तरह साउंड एंड लाइट शो सिस्टम लगेगा, जहां रोजाना सुबह महात्मा बुद्ध की जीवनी और क्षेत्र के ऐतिहासिक, धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत से संबंधित छायाचित्र दिखाए जाएंगे। डीएम डॉ. राजागणपति आर की पहल पर पेट्रोनेट इंडिया ने इस परियोजना के लिए सीएसआर मद से तीन करोड़ 49 लाख 96 हजार रुपये की स्वीकृति दी है।
डीएम कार्यालय प्रारंभ तिथि से पांच वर्ष की अवधि के लिए स्थापना, संचालन, रखरखाव और बिजली शुल्क से संबंधित सभी लागतों को वहन करेगा।
अस्थायी होगी बैठने की व्यवस्था
एएसआई ने पिपरहवा स्तूप व आसपास बिना स्थायी परिवर्तन करने समेत विभिन्न नियम व शर्तों के तहत साउंड एंड लाइट शो की स्थापना की अनुमति दी है। इसके तहत शो के लिए ढलान वाले क्षेत्र पर बैठने की व्यवस्था को बिना खोदे कालीन घास बिछाकर समतल करना होगा। प्रोजेक्टर और स्पीकर का अंतिम स्थान विशेष सचिव के परामर्श से निर्धारित करना, बैठने की व्यवस्था अस्थायी होगी। शो के बाद कुर्सियां हटा दी जाएंगी। साइट के भीतर कैफेटेरिया या फूड जोन के लिए अलग प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। डीएम कार्यालय निगरानी के लिए गार्ड की व्यवस्था सहित सुरक्षा व्यवस्था, सेल शो के संचालन, रखरखाव, सहायक उपकरणों के लिए जिम्मेदार होगा। स्मारक की सतह पर सीधे ड्रिलिंग या फिक्सिंग करना सख्त वर्जित है।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण व प्रशासन की टीम के संयुक्त निरीक्षण और तकनीकी प्रस्तुति के संशोधित प्रस्ताव की जांच के बाद नियम और शर्तों के साथ अनुमति दी है।
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विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थली कपिलवस्तु के पिपरहवा स्तूप में लाइट एंड साउंड शो के संचालन से जहां स्तूप की खूबसूरती बढ़ जाएगी, वहीं रोजाना प्रदर्शित होने वाले भगवान बुद्ध के छायाचित्र भी पर्यटकों को लुभाएंगे।
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लाइट एंड साउंड शो से होने वाली आय को जिला प्रशासन और एएसआई के बीच 70:30 के अनुपात में साझा किया जाएगा। जबकि स्तूप में लाइट एंड साउंड शो के संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी नगर पंचायत कपिलवस्तु की होगी।
कपिलवस्तु पिपरहवा स्तूप पर झांसी के किले की तरह साउंड एंड लाइट शो सिस्टम लगेगा, जहां रोजाना सुबह महात्मा बुद्ध की जीवनी और क्षेत्र के ऐतिहासिक, धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत से संबंधित छायाचित्र दिखाए जाएंगे। डीएम डॉ. राजागणपति आर की पहल पर पेट्रोनेट इंडिया ने इस परियोजना के लिए सीएसआर मद से तीन करोड़ 49 लाख 96 हजार रुपये की स्वीकृति दी है।
डीएम कार्यालय प्रारंभ तिथि से पांच वर्ष की अवधि के लिए स्थापना, संचालन, रखरखाव और बिजली शुल्क से संबंधित सभी लागतों को वहन करेगा।
अस्थायी होगी बैठने की व्यवस्था
एएसआई ने पिपरहवा स्तूप व आसपास बिना स्थायी परिवर्तन करने समेत विभिन्न नियम व शर्तों के तहत साउंड एंड लाइट शो की स्थापना की अनुमति दी है। इसके तहत शो के लिए ढलान वाले क्षेत्र पर बैठने की व्यवस्था को बिना खोदे कालीन घास बिछाकर समतल करना होगा। प्रोजेक्टर और स्पीकर का अंतिम स्थान विशेष सचिव के परामर्श से निर्धारित करना, बैठने की व्यवस्था अस्थायी होगी। शो के बाद कुर्सियां हटा दी जाएंगी। साइट के भीतर कैफेटेरिया या फूड जोन के लिए अलग प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। डीएम कार्यालय निगरानी के लिए गार्ड की व्यवस्था सहित सुरक्षा व्यवस्था, सेल शो के संचालन, रखरखाव, सहायक उपकरणों के लिए जिम्मेदार होगा। स्मारक की सतह पर सीधे ड्रिलिंग या फिक्सिंग करना सख्त वर्जित है।