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Siddharthnagar News: अफसर बचे न आम लोग, लालच में गंवा रहे जमापूंजी

Wed, 26 Jul 2023 11:20 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jul 2023 11:20 PM IST
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Officers are not spared, common people are losing their deposits in greed
- टेलीग्राम पर सट्टा लगाना बन रहा लोगों के लिए परेशानी का सबब
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साइबर ठग 15 दिन तक दे रहे सवा से डेढ़ गुना सट्टा पर रुपये, 16 वें दिन में उड़ा दे रहे रकम

- अपने साथ दूसरों को भी लालच में डूबो दे रहे सट्टेबाज

- जिले में लगातार हो रहे लोग साइबर ठगी का शिकार

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। पुलिस साइबर ठगी के प्रति जागरूक कर रही है। लेकिन साइबर ठग उससे दो कदम आगे बढ़कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। नया-नया पैंतरा अपनाकर लोगों की जमापूंजी पलभर में उड़ा दे रहे हैं। इनके जाल में अनपढ़ नहीं, बल्कि पढ़े लिखे अफसर, कर्मचारी भी फंस जा रहे हैं। मौजूदा समय में सोशल मीडिया का टेलीग्राम एप ठगी का शिकार बनाने का काम कर रहा है। मोबाइल पर एक-डेढ़ पाने की लालच में अफसर के साथ ही आम लोग भी ठगे जा रहे हैं। जिले में इस प्रकार के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस की साइबर सेल की शाखा मामले में छानबीन में जुटी है।

इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग और ऑनलाइन हो रही व्यवस्था से लोग डिजिटल की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। हर कोई नेट बैंकिंग से जुड़ा हुआ है। उसका मोबाइल नंबर एटीएम और बैंक खाते से लिंक हो रहा है। जिसे हिसाब से पुलिस लोगों को साइबर ठगी के बारे में जागरूक कर रही है। उससे आगे बढ़कर नए तरीक के प्रयोग करके ठग लोगों की जमा पूंजी उड़ा दे रहे हैं। सोशल मीडिया के टेलीग्राम एप पर मौजूदा समय में लखपति बनाने का खेल चल रहा है। जिसमें फंसकर अब तक जिले के करीब 15 लाख रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है। एक का डेढ़ गुना कमाने के चक्कर में सट्टा लगा रहे हैं। एक या दो लाख या फिर इससे अधिक की राशि होने पर लोग गंवा दे रहे हैं, उसके बाद लोग साइबर सेल पहुंच रहे हैं। शिकायत भी दर्ज करवा रहे हैं। इस तरह से लोगों के जमा पूंजी जाने से समाज के लोग चिंता जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर अपराध रुका नहीं तो हर कोई ठगी का शिकार हो जाएगा।
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इस प्रकार बना रहे ठगी का शिकार

सोशल मीडिया के फेसबुक पेज और व्हाट्सएस पर टेलीग्राम का मैसेज आता है। उसमें लिखा होता है कि एक हजार लगाएंगे और डेढ़ हजार पाएंगे। इसी प्रकार जितनी राशि लगाएंगे उतनी राशि का डेढ़ गुना मिलेगा। दिए गए लिंक को क्लिक करके जुड़ें। दिए गए लिंक को क्लिक करते ही आप जुड़ जाएंगे। इसके बाद कई प्रकार के ऑनलाइन सट्टा मैसेज आएगा। ऑनलाइन माध्यम से बैंकिंग के जरिए रुपये लगाने के लिए मैसेज आएगा। उस ग्रुप में दिए गए निर्देश के अनुसार एक हजार रुपये लगाने पर दूसरे दिन ड़ेढ हजार रुपये बैंक खाते में आ जाएगा। जो मोबाइल पर मैसेज के जरिए भी जानकारी मिल जाएगी। डेढ़ गुना राशि पाने वाले अन्य लोगों को भी ग्रुप से जुड़ने की सलाह देते हैं। पैसा डेढ़ गुना आने पर विश्वास जम जाता है। इसके बाद कई अन्य लोग दिए गए लिंक के जरिए जुड़ जाते हैं। जैसे-जैसे धनराशि बढ़कर आती है। उसी प्रकार लालच बढ़ता जाता है। 10 से 15 दिन तक रुपये देते हैं और 16वें दिन जालसाज एकाएक पैसे लेकर फरार हो जाते हैं। फिर एप पर क्लिक करते रहिए वह डेड हो जाएगा और खुलेगा ही नहीं।
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कर्र्मचारी को बनाया शिकार

लखनऊ में कार्यरत जिले के रहने वाले एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह घर आए थे। इसी बीच फेसबुक पर एक लिंग मिला। जो टेलीग्राम एप के नाम से था। उस पर क्लिक किए जो एक का डेढ़ा गुना देने का दावा था। जैसे-जैसे बताया गया और क्लिक करते गए और सट्टा में जुड़ गया। एक का डेढ़ मिलने लगा और लगाते गए। इसी बीच 16 दिन बाद एक अधिक रकम लगा दिए। दूसरे दिन से एप बंद हो गया। लगभग डेढ़ लाख रुपये ठग उड़ा दिए।

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अपने साथ तीन अन्य लोगों को बना दिया शिकार

डुमरियागंज क्षेत्र के रहने वाले एक छात्र ने बताया कि उसे पढ़ाई के लिए रुपये मिलते थे। बैंक खाते में मांगने पर रुपये घर से मिल जाता था। एक दिन टेलीग्राम एप का लिंक मिला जिसे खोला पता चला कि पैसा लगाने पर अधिक पैसा मिलता है। फिर खाली समय में लगने लगे। कुछ दिन तो मिला। हमारे साथ तीन अन्य साथी जुड़े थे। वह भी देखकर जुड़े गए। तीनों का एक लाख रुपये से अधिक साइबर ठग उड़ा दिए और फिर लिंक ही बंद हो गया। छात्र ने कहा कि नाम किसी को मत बताइएगा साहब। साइबर टीम जांच में जुटी है।

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जितनी जल्द शिकायत, उतनी जल्द रकम मिलने की गुंजाइश
साइबर सेल से जुड़े लोगों के मुताबिक अपराध होने की जितने कम समय में शिकायत दर्ज कराएंगे। रुपये वापस होने की गुंजाइश उतनी अधिक रहती है। इसमें ठगी का शिकार होने के 12 से 24 घंटे का वक्त कीमती होता है। क्योंकि साइबर ठग रकम उड़ाते ही एक-एक करके कई खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। अगर 12 से 24 घंटे में शिकायत होती है तो दो से तीन दिन में खाते में रकम जाती है। इसलिए जितनी देर होगी, समय ज्यादा लगेगा। फिर वापस होने की संभावना खत्म हो जाती है।

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ऐसे बरतें सावधानी

सोशल मीडिया के फेसबुक और अन्य साइड पर साइबर ठग जाल फैलाकर बैठे हैं। कहीं नौकरी तो कहीं अन्य प्रकार के ऑफर भी देते हैं। दिए गए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। अगर ऐसा कोई लिंक मिले तो कतई क्लिक न करें। नहीं तो बैंक खाते की सारी जानकारी मिल जाएगी और वह बैंक खाते से रकम उड़ा देंगे। दूसरा नया ट्रेंड टेलीग्राम एप का है। इसमें रुपये लगाने पर डेढ़ गुना या दो गुना करने का झांसा देकर ठग फंसा रहे हैं। कुछ दिन रुपये देते रहेंगे। इसके बाद एकाएक लेकर एप बंद कर देंगे। इस प्रकार की ठगी की घटना बढ़ी है। इसलिए टेलीग्राम से एकदम दूरी बनाकर रखें।


अतुल कुमार चौबे, साइबर एक्सपर्ट साइबर सेल सिद्धार्थनगर

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बोले अधिकारी

साइबर अपराध से बचने के लिए हर थाने की पुलिस गांवों और स्कूल कॉलेज में जाकर शिविर लगा रही है। लोगों को इस अपराध से बचने के लिए जागरुक कर रही है। वहीं शिकायत दर्ज कराने के बाद साइबर सेल की मदद से लोगों की धनराशि भी वापस कराई जा रही है।

अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक
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