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श्रमिकों के लिए काम नहीं मनरेगा में जेसीबी चल रही
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 17 Jan 2016 11:24 PM IST
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जॉब कार्डधारी मजदूरों को दरकिनार कर मनरेगा के तहत मशीन से काम लिया जा रहा है। सड़क पर मिट्टी डालने के कार्य के लिए जेसीबी चलाई जा रही है।
मामला डुमरियागंज क्षेत्र के पटखौली और मदहला गांव का है। काम से वंचित मजदूरों ने इसका विरोध किया, बावजूद धड़ल्ले से काम जारी है।
विभागीय अफसर भी मानते हैं कि मशीन से काम गलत है, मगर कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधे हुए हैं।बेवा से भारतभारी जाने वाले मार्ग से पटखौली होते हुए पोखरा और मढहाली तक मिट्टी डालने का कार्य हो रहा है।
क्षेत्रीय विधायक के प्रस्ताव पर पीडब्ल्यूडी ने मनरेगा के तहत यह कार्य स्वीकृत करते हुए काम शुरू करा दिया। मनरेगा के तहत मिट्टी का काम जॉब कार्डधारी मजदूरों से ही कराए जाने का प्रावधान है।
इसके विपरीत मार्ग पर जेसीबी चल रही है। काम न मिलने से नाराज मजदूरों ने विरोध दर्ज कराया, बावजूद जेसीबी की मदद से निर्माण कार्य जारी है।
करीब 100 मीटर तक सड़क का निर्माण भी हो चुका है। गांव के नंदकुमार, सोमई, जैसमोहम्मद, वासदेव, त्रिभुवन सहित जाबकार्ड धारकों ने बताया कि उन्हें काफी समय से काम की तलाश है।
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काम न मिलने से उन्हें अन्यत्र जाना पड़ रहा है, जबकि यहां मनरेगा के तहत काम सृजित होने के बाद भी उन्हें मजदूरी में नहीं लगाया जा रहा।
मजदूरों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भी भेजा है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन भूपेशमणि त्रिपाठी ने बताया कि इस सड़क का कार्य मनरेगा के तहत स्वीकृत है।
ऐसे में मशीन से काम नहीं कराया जा सकता। अगर जेसीबी का इस्तेमाल हुआ है तो उसे श्रमदान घोषित करते हुए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को मौके पर अफसरों को भेजकर जांच कराएंगे।
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मामला डुमरियागंज क्षेत्र के पटखौली और मदहला गांव का है। काम से वंचित मजदूरों ने इसका विरोध किया, बावजूद धड़ल्ले से काम जारी है।
विभागीय अफसर भी मानते हैं कि मशीन से काम गलत है, मगर कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधे हुए हैं।बेवा से भारतभारी जाने वाले मार्ग से पटखौली होते हुए पोखरा और मढहाली तक मिट्टी डालने का कार्य हो रहा है।
क्षेत्रीय विधायक के प्रस्ताव पर पीडब्ल्यूडी ने मनरेगा के तहत यह कार्य स्वीकृत करते हुए काम शुरू करा दिया। मनरेगा के तहत मिट्टी का काम जॉब कार्डधारी मजदूरों से ही कराए जाने का प्रावधान है।
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इसके विपरीत मार्ग पर जेसीबी चल रही है। काम न मिलने से नाराज मजदूरों ने विरोध दर्ज कराया, बावजूद जेसीबी की मदद से निर्माण कार्य जारी है।
करीब 100 मीटर तक सड़क का निर्माण भी हो चुका है। गांव के नंदकुमार, सोमई, जैसमोहम्मद, वासदेव, त्रिभुवन सहित जाबकार्ड धारकों ने बताया कि उन्हें काफी समय से काम की तलाश है।
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काम न मिलने से उन्हें अन्यत्र जाना पड़ रहा है, जबकि यहां मनरेगा के तहत काम सृजित होने के बाद भी उन्हें मजदूरी में नहीं लगाया जा रहा।
मजदूरों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भी भेजा है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन भूपेशमणि त्रिपाठी ने बताया कि इस सड़क का कार्य मनरेगा के तहत स्वीकृत है।
ऐसे में मशीन से काम नहीं कराया जा सकता। अगर जेसीबी का इस्तेमाल हुआ है तो उसे श्रमदान घोषित करते हुए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को मौके पर अफसरों को भेजकर जांच कराएंगे।