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कागज के पैक में मिलेगी देसी शराब, रुकेगी मिलावटखोरी

Thu, 14 Apr 2022 10:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 10:57 PM IST
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now desi sharab will be available in paper pack
कागज के पैक में मिलेगी देसी शराब, रुकेगी मिलावटखोरी
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सिद्धार्थनगर। देसी शराब में मिलावट की आशंका खत्म हो गई। अब देसी शराब की दुकान पर हर ब्रांड कागज के पैक में मिलेगा। प्लास्टिक के शीशी के बंद होने और कागज के पैक में आने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मिलावटी देसी शराब के सेवन से प्रदेश के कई जनपदों में मौतें हुई हैं। फरवरी में आजमगढ़ जनपद में ठेके से देसी शराब पीने के बाद कई लोगों की जान चली गई थी। उसमें मिलावट की बात सामने आई थी। सबसे अधिक देसी शराब में ही मिलावट की बात सामने आती है, क्योंकि उसी के पीने से लोग मरते हैं। मरने वाले मध्य वर्ग के होते हैं। शराब में मिलावट से होने वाली मौत रोकने के लिए अब देसी ब्रांड पर प्लास्टिक की शीशी को प्रतिबंधित कर दिया गया। ढक्कन के सील को तोड़कर उसमें मिलावट कर दी जाती है। ऐसा जांच में पाया गया है और बार टीम ने विभिन्न ब्रांड के ढक्कन और शीशी भी बरामद की है। मिलावट की झंझट ही खत्म हो जाए, इसे ध्यान में रखते हुए अब देसी के सभी ब्रांड को कागज के पैक में उतार दिया गया है। यह पाउच फ्रूटी की तरह है। इसमें मिलावट की गुंजाइश नहीं है। इससे शराब के शौकीनों को सेवन करने में जहरीला होने का डर नहीं रहेगा।
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प्रतिदिन 1300 लीटर देसी शराब की खपत
जनपद भले ही अति पिछड़े की श्रेणी में शामिल है, लेकिन यहां पर मदिरा पान करने वालों की तादाद अच्छी है। जिले में देसी शराब की 157 दुकानें चल रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 1290-1300 लीटर प्रतिदिन देसी शराब की खपत है। माध्यम वर्ग के लोग रोज लाखों की शराब गटक जा रहे हैं।
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पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अच्छी पहल
कागज के पैक में देसी शराब की बिक्री शुरू होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। प्लास्टिक की शीशी आने से समस्या थी। फेंकने पर वह लंबे समय तक उसी प्रकार पड़ी रहती थी। जलाने पर प्रदूषण फैलता था। मिट्टी में दबा होने से भूमि शक्तिहीन होती थी। लेकिन कागज के पैक में आने से वह आसानी से नष्ट हो जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

शासन ने देसी शराब के पैकेट में बदलाव कर दिया है। अब प्लास्टिक के बजाय कागज के पैक में देसी शराब की सप्लाई शुरू हुई है। इसमें किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका नहीं रहेगी। -रवींद्र प्रताप सिंह, जिला आबकारी अधिकारी
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