{"_id":"64690e3dbd838c4b570a06fb","slug":"now-children-will-not-be-referred-42-bed-icu-ward-will-be-built-siddharthnagar-news-c-7-1-174855-2023-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: अब बच्चे नहीं होंगे रेफर, बनेगा 42 बेड का आईसीयू वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: अब बच्चे नहीं होंगे रेफर, बनेगा 42 बेड का आईसीयू वार्ड
Sat, 20 May 2023 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 20 May 2023 11:45 PM IST
विज्ञापन
मेडिकल कालेज के परिसर में स्थित एमसीएच विंग। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। अब माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले बच्चे के बेड के अभाव में रेफर नहीं होंगे। क्योंकि 42 बेड का वार्ड बनाए जाने की स्वीकृति शासन ने दे दी है। जल्द ही कॉलेज परिसर में स्थित एमसीएच विंग में वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है। इस वार्ड के संचालन से लोगों को बहुत राहत मिलेगी।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने के पहले से जिला अस्पताल में बच्चों के लिए मात्र 15 बेड का आईसीयू वार्ड था। जबकि यहां मौसम बदलने के बाद बीमार बच्चों की संख्या एकाएक बढ़ जाती है। बेड कम होने के कारण इलाज संभव होते हुए भी मजबूरन चिकित्सक रेफर कर देते थे। इससे मरीजों के साथ ही परिवार के लोगों को परेशानी होती थी। साथ ही रुपये भी अधिक खर्च होता है और भागदौड़ रहती है। लेकिन भागदौड़ से जल्द निजात मिल जाएगी। और मेडिकल कॉलेज में ही इलाज हो सकेगा। क्योंकि बच्चों के लिए 42 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने के लिए शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई। मेडिकल कॉलेज परिसर में बने एमसीएच विंग में यह वार्ड बनाने की कवायद चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही वार्ड बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। जिससे मरीजों को इलाज कराने में सुविधा मिलेगी। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि बच्चों के लिए 42 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने के लिए शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए कागजी कार्य शुरू कर दिया गया है।
जेई, एईएस से पीड़ित बच्चों के इलाज में मिलेगी सहूलियत
जनपद नेपाल सीमा से सटा हुआ है। बाढ़ और बारिश के बाद यहां हर साल जेई और एईएस से बच्चे ग्रसित होते हैं। वार्ड 15 बेड का होने के नाते संख्या बढ़ने पर रेफर कर देना पड़ता है। अब 42 बेड एक साथ बढ़ने से संख्या 57 पहुंच जाएगी। इससे बच्चों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने के पहले से जिला अस्पताल में बच्चों के लिए मात्र 15 बेड का आईसीयू वार्ड था। जबकि यहां मौसम बदलने के बाद बीमार बच्चों की संख्या एकाएक बढ़ जाती है। बेड कम होने के कारण इलाज संभव होते हुए भी मजबूरन चिकित्सक रेफर कर देते थे। इससे मरीजों के साथ ही परिवार के लोगों को परेशानी होती थी। साथ ही रुपये भी अधिक खर्च होता है और भागदौड़ रहती है। लेकिन भागदौड़ से जल्द निजात मिल जाएगी। और मेडिकल कॉलेज में ही इलाज हो सकेगा। क्योंकि बच्चों के लिए 42 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने के लिए शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई। मेडिकल कॉलेज परिसर में बने एमसीएच विंग में यह वार्ड बनाने की कवायद चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही वार्ड बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। जिससे मरीजों को इलाज कराने में सुविधा मिलेगी। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि बच्चों के लिए 42 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने के लिए शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए कागजी कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
जेई, एईएस से पीड़ित बच्चों के इलाज में मिलेगी सहूलियत
जनपद नेपाल सीमा से सटा हुआ है। बाढ़ और बारिश के बाद यहां हर साल जेई और एईएस से बच्चे ग्रसित होते हैं। वार्ड 15 बेड का होने के नाते संख्या बढ़ने पर रेफर कर देना पड़ता है। अब 42 बेड एक साथ बढ़ने से संख्या 57 पहुंच जाएगी। इससे बच्चों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन