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Siddharthnagar News: बांध ही नहीं हाईवे भी बचाएगा उसका बाजार...दोहरी होगी सुरक्षा
Sat, 21 Feb 2026 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 21 Feb 2026 11:59 PM IST
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उसका क्षेत्र के सेखुईया गांव के पास हो रहा एसएच 730 बाइपास निर्माण कार्य। संवाद
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सिद्धार्थनगर। जिले में निर्माणाधीन एनएच-730 के उसका बाईपास से सिर्फ आवागमन ही दुरुस्त नहीं होगा बल्कि कस्बे के बड़े हिस्से की बाढ़ से भी सुरक्षा होगी। 8.50 किमी लंबे बाईपास में उसका के सेखुईयां मोहल्ले के पास पांच सौ मीटर हिस्सा बूढ़ी राप्ती नदी और बांध के बीच निर्माण कराया जा रहा है। इससे यहां बाढ़ के समय पानी की तेज धार से उसका कस्बे के साथ बांध की भी सुरक्षा होगी। वर्तमान में बाईपास निर्माण के लिए तेजी से मिट्टी पटाई और पुल-पुलिया का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिससे लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।
एनएच-730 पर 500 करोड़ रुपये लागत से महराजगंज सीमा से उसका बाजार व शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके तहत सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ ही उसका बाजार में 8.5 किमी लंबे फोरलेन बाईपास का भी निर्माण कराया जा रहा है। यह बाईपास उसका बाजार कस्बा के दक्षिण तरफ से गुजर रही है जबकि इसी तरफ से ही बूढ़ी राप्ती नदी में आने वाले बाढ़ से बचाव के लिए उसका लखनापार बांध का निर्माण हुआ है।
उसका बाईपास के निर्माण से बारिश के मौसम में बाढ़ से प्रभावित होने वाले कस्बाें के दक्षिणी हिस्से की आबादी को दोहरी सुरक्षा मिलेगी। उसका कस्बा के रानीगंज निवासी आनंद कुमार, सुमन, मधुरी, गयादीन गुप्ता, पवन पांडेय कहते हैं कि हाईवे के उसका बाईपास के निर्माण से आवागमन व्यवस्था दुरुस्त होने के साथ ही कस्बा के बड़े हिस्से को बाढ़ के खतरे से दोहरी सुरक्षा मिल जाएगी।
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बाढ़ में बांध टूटने से मंडराता है डूबने का खतरा
बारिश के मौसम में बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे बांध के टूटने से आसपास के गांवों समेत उसका कस्बा की सेखुईयां व डेरवा समेत कई मोहल्लों के डूबने का खतरा बना रहता है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बांध पर बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ जाता है, जिसकी सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। यहां तक कि बारिश के मौसम में लोगों की नींद उड़ी रहती है। पिछले वर्षों में आई बाढ़ के दौरान बांध टूटने पर इन क्षेत्रों में बड़ी तबाही मची थी और लोगों खेत, मकान जलमग्न हो गए थे।
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तेजी से हो रहा मिट्टी पटाई और पुलिया निर्माण का काम
उसका बाईपास में जलनिकासी के लिए मदनपुर, पंडितपुर व बिहठा समेत हथिवड़ताल में दो करोड़ रुपये की लागत से 13 छोटी पुलिया का निर्माण हो रहा है। वहीं, हथिवड़ताल, कटका, घुघुलिया, भिटिया, मदनपुर, मुड़िला, बेलसड़, नौवाडाड़ी, पंडितपुर, सेखुई और संगवा गांव के पास मिट्टी डाली जा रही है। वर्तमान में यहां पर डंपर से मिट्टी पटाई कार्य चल रहा है, वहीं नालों और निचली भूमि पर पुल पुलिया निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। इसमें एक घुमावदार नाले के बाईपास के बीच में दो बार पड़ने के कारण उस पर दो बड़ी पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है।
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कूड़ा नदी पर बन बड़ा पुल, होगी सुविधा
उसका बाईपास में 12 करोड़ रुपये की लागत से कूड़ा नदी पर पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तहत उसका के पंडितपुर में बाईपास पर पुल निर्माण के लिए बीम ढलाई की जा रही है। सेखुई निवासी शैलेंद्र यादव, घुघुलिया निवासी पप्पू यादव का कहना है कि उसका के पास कूड़ा नदी पर यह तीसरा पुल होगा। इस पुल के निर्माण से जिला मुख्यालय से गोरखपुर, महराजगंज व आनंदनगर जाने की सुविधा के साथ ही कस्बा के लोगों को भी कूड़ा नदी पार करने के लिए एक नया मार्ग मिल जाएगा। इससे पहले पैदल आवागमन के लिए रेलवे पुल और एक अन्य पुल मौजूद है।
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नदी के बाढ़ से बचाने के लिए बांध के साथ ही हाईवे बाईपास के निर्माण से आवागमन बेहतर होने के साथ ही कस्बा की बड़ी आबादी को दोहरी सुरक्षा मिलेगी।
बृजभान यादव, सेखुई
नदी में बाढ़ आने के दौरान हर समय बांध टूटने से जलमग्न होने का खतरा रहता था, अब बाईपास के निर्माण से यह खतरा पूरी तरह समाप्त होता दिख रहा है।
राकेश आर्या, उसका बाजार
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हाईवे निर्माण के तहत बाईपास निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, जिसे समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
- जयशंकर सिंह, एई, एनएचएआई
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एनएच-730 पर 500 करोड़ रुपये लागत से महराजगंज सीमा से उसका बाजार व शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके तहत सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने के साथ ही उसका बाजार में 8.5 किमी लंबे फोरलेन बाईपास का भी निर्माण कराया जा रहा है। यह बाईपास उसका बाजार कस्बा के दक्षिण तरफ से गुजर रही है जबकि इसी तरफ से ही बूढ़ी राप्ती नदी में आने वाले बाढ़ से बचाव के लिए उसका लखनापार बांध का निर्माण हुआ है।
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उसका बाईपास के निर्माण से बारिश के मौसम में बाढ़ से प्रभावित होने वाले कस्बाें के दक्षिणी हिस्से की आबादी को दोहरी सुरक्षा मिलेगी। उसका कस्बा के रानीगंज निवासी आनंद कुमार, सुमन, मधुरी, गयादीन गुप्ता, पवन पांडेय कहते हैं कि हाईवे के उसका बाईपास के निर्माण से आवागमन व्यवस्था दुरुस्त होने के साथ ही कस्बा के बड़े हिस्से को बाढ़ के खतरे से दोहरी सुरक्षा मिल जाएगी।
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बाढ़ में बांध टूटने से मंडराता है डूबने का खतरा
बारिश के मौसम में बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे बांध के टूटने से आसपास के गांवों समेत उसका कस्बा की सेखुईयां व डेरवा समेत कई मोहल्लों के डूबने का खतरा बना रहता है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ बांध पर बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ जाता है, जिसकी सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। यहां तक कि बारिश के मौसम में लोगों की नींद उड़ी रहती है। पिछले वर्षों में आई बाढ़ के दौरान बांध टूटने पर इन क्षेत्रों में बड़ी तबाही मची थी और लोगों खेत, मकान जलमग्न हो गए थे।
तेजी से हो रहा मिट्टी पटाई और पुलिया निर्माण का काम
उसका बाईपास में जलनिकासी के लिए मदनपुर, पंडितपुर व बिहठा समेत हथिवड़ताल में दो करोड़ रुपये की लागत से 13 छोटी पुलिया का निर्माण हो रहा है। वहीं, हथिवड़ताल, कटका, घुघुलिया, भिटिया, मदनपुर, मुड़िला, बेलसड़, नौवाडाड़ी, पंडितपुर, सेखुई और संगवा गांव के पास मिट्टी डाली जा रही है। वर्तमान में यहां पर डंपर से मिट्टी पटाई कार्य चल रहा है, वहीं नालों और निचली भूमि पर पुल पुलिया निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। इसमें एक घुमावदार नाले के बाईपास के बीच में दो बार पड़ने के कारण उस पर दो बड़ी पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है।
कूड़ा नदी पर बन बड़ा पुल, होगी सुविधा
उसका बाईपास में 12 करोड़ रुपये की लागत से कूड़ा नदी पर पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तहत उसका के पंडितपुर में बाईपास पर पुल निर्माण के लिए बीम ढलाई की जा रही है। सेखुई निवासी शैलेंद्र यादव, घुघुलिया निवासी पप्पू यादव का कहना है कि उसका के पास कूड़ा नदी पर यह तीसरा पुल होगा। इस पुल के निर्माण से जिला मुख्यालय से गोरखपुर, महराजगंज व आनंदनगर जाने की सुविधा के साथ ही कस्बा के लोगों को भी कूड़ा नदी पार करने के लिए एक नया मार्ग मिल जाएगा। इससे पहले पैदल आवागमन के लिए रेलवे पुल और एक अन्य पुल मौजूद है।
नदी के बाढ़ से बचाने के लिए बांध के साथ ही हाईवे बाईपास के निर्माण से आवागमन बेहतर होने के साथ ही कस्बा की बड़ी आबादी को दोहरी सुरक्षा मिलेगी।
बृजभान यादव, सेखुई
नदी में बाढ़ आने के दौरान हर समय बांध टूटने से जलमग्न होने का खतरा रहता था, अब बाईपास के निर्माण से यह खतरा पूरी तरह समाप्त होता दिख रहा है।
राकेश आर्या, उसका बाजार
हाईवे निर्माण के तहत बाईपास निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, जिसे समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
- जयशंकर सिंह, एई, एनएचएआई