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बकाया मिला नहीं, फिर उधारी का भरोसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 11 Dec 2017 10:50 PM IST
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बस्ती के रूधौली का चीनी मिल, जहां होती है गन्ने की पेराई।
- फोटो : अमर उजाला
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रूधौली चीनी मिल ने पुराना भुगतान पूरा नहीं किया, नया बकाया लगाना शुरू कर दिया है। चीनी मिल ने गन्ना पेराई सत्र 2017-18 का शुभारंभ 25 नवंबर को कर दिया। गन्ना विकास समिति क्षेत्र में आठ क्रय केंद्र भी स्थापित कर दिए, लेकिन पेराई सत्र 2016-17 का अभी तक 22.60 लाख रुपये बकाया है। समिति का कमीशन 4.84 व गन्ना विकास परिषद का 1.90 लाख रुपये भी नहीं भुगतान किया है।
चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2017-18 का शुभारंभ किया। सहकारी गन्ना विकास समिति बढ़नी के गन्ना रक्बा 1121.802 हेक्टेयर के सापेक्ष बजाज चीनी मिल रूधौली बस्ती को 840.264 हेक्टेयर क्षेत्रफल का औसत गन्ना उत्पादन 4.20 क्विंटल खरीद के लिए आवंटित किया। शेष क्षेत्रफल 281.538 हेक्टेयर का औसत उत्पादन 1.40 क्विंटल तुलसीपुर चीनी मिल को आवंटित किया गया। दोनों चीनी मिलों ने गन्ना की पेराई शुरू कर दी। रूधौली मिल ने आठ व तुलसीपुर चीनी मिल ने दो क्रय केंद्र स्थापित कर दिया।
वहीं तुलसीपुर ने सभी पिछले बकाया का भुगतान करीब छह माह पूर्व कर दिया, लेकिन रूधौली मिल ने अभी तक पूरा भुगतान नहीं किया है। कई किसानों का पैसा अभी भी मिल के पास पड़ा हुआ है। इस संबंध में महाप्रबंधक रूधौली चीनी मिल उमेश प्रताप शुक्ला ने कहा कि बहुत जल्द ही एक सप्ताह के अंदर पिछले पेराई सत्र के बकाया का भुगतान करा दिया जाएगा। भुगतान कराने के लिए प्रबंधन प्रयासरत है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. बृजकिशोर गोयल ने कहा कि बकाया भुगतान के लिए चीनी मिल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है। प्रबंधन ने जल्द ही भुगतान करने का आश्वासन भी दिया है। समिति व विकास परिषद के भी बकाए का भुगतान कराया जाएगा।
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चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2017-18 का शुभारंभ किया। सहकारी गन्ना विकास समिति बढ़नी के गन्ना रक्बा 1121.802 हेक्टेयर के सापेक्ष बजाज चीनी मिल रूधौली बस्ती को 840.264 हेक्टेयर क्षेत्रफल का औसत गन्ना उत्पादन 4.20 क्विंटल खरीद के लिए आवंटित किया। शेष क्षेत्रफल 281.538 हेक्टेयर का औसत उत्पादन 1.40 क्विंटल तुलसीपुर चीनी मिल को आवंटित किया गया। दोनों चीनी मिलों ने गन्ना की पेराई शुरू कर दी। रूधौली मिल ने आठ व तुलसीपुर चीनी मिल ने दो क्रय केंद्र स्थापित कर दिया।
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वहीं तुलसीपुर ने सभी पिछले बकाया का भुगतान करीब छह माह पूर्व कर दिया, लेकिन रूधौली मिल ने अभी तक पूरा भुगतान नहीं किया है। कई किसानों का पैसा अभी भी मिल के पास पड़ा हुआ है। इस संबंध में महाप्रबंधक रूधौली चीनी मिल उमेश प्रताप शुक्ला ने कहा कि बहुत जल्द ही एक सप्ताह के अंदर पिछले पेराई सत्र के बकाया का भुगतान करा दिया जाएगा। भुगतान कराने के लिए प्रबंधन प्रयासरत है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. बृजकिशोर गोयल ने कहा कि बकाया भुगतान के लिए चीनी मिल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है। प्रबंधन ने जल्द ही भुगतान करने का आश्वासन भी दिया है। समिति व विकास परिषद के भी बकाए का भुगतान कराया जाएगा।
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