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पान-गुटखा खाकर जिला अस्पताल में नहीं कर सकेंगे प्रवेश

Mon, 12 Sep 2022 12:30 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 12:30 AM IST
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no entry in district hospital with adiction items
जिला अस्पताल की ओपीडी के पास फैली गंदगी। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
पान-गुटखा खाकर जिला अस्पताल में नहीं कर सकेंगे प्रवेश
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में पान-गुटखा खाने वालों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह पान, गुटखा की पीक से हुई गंदगी के बाद अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय किया है। शराब के नशे में प्रवेश करने वाले अराजक तत्व आए दिन विवाद करते हैं, इससे अन्य मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
संयुक्त जिला अस्पताल में पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) एवं एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बार्न केयर यूनिट) के पास भी पान की पीक नजर आ रही है, जबकि एक्स-रे और सीटी स्कैन सेंटर के पास भी दीवारें पिक रंग गई है। सीएमएस डॉ. एके झा ने रविवार सुबह एमसीएच विंग में हाल ही में शिफ्ट हुए जच्चा-बच्चा वार्ड में पान और गुटखे की पीक देख नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिया है कि नशे की हालत में कोई परिजन आता है तो वार्ड से बाहर ही रोक दिया जाए। कोई पान-गुटखा चबा रहा हो या उसकी जेब में पान, तंबाकू, सिगरेट हो तो उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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मंत्री ने सामने शराबी ने कराई थी किरकिरी
प्रदेश सरकार के मंत्री रवींद्र जायसवाल एवं सतीश चंद्र शर्मा के निरीक्षण के दौरान शराब के नशे में एक व्यक्ति ने डॉक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जब उसका नशा उतारा तो जांच के दौरान पूछताछ में वह अपनी बात से पलट गया। इसी प्रकार कुछ दिन पहले इमरजेंसी में एक शराबी के कारण दिक्कत हुई थी, डॉक्टर अपनी कुर्सी छोड़कर कुछ देर के लिए बाहर चले गए थे।
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ओपीडी से इमरजेंसी तक रहेगी नजर
संयुक्त जिला अस्पताल में ओपीडी में प्रतिदिन 12 से 15 सौ मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी एवं जांच सेंटर के आसपास भी गंदगी नजर आ रही है, जबकि इमरजेंसी के पास भी पीक के निशान से स्वच्छता पर सवाल उठ रहा है। मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से 293 कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है, इसके बावजूद रैंप और सर्जरी वार्ड के पास गुजरने वालों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। सीसीटीवी एवं कर्मचारियों के माध्यम से थूकने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त जिला अस्पताल में नशे की हालत में प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। इमरजेंसी में कोई घायल नशे की हालत में पहुंचेगा तो उसका इलाज किया जाएगा, जबकि अन्य कोई व्यक्ति नशे की हालत में होगा तो उसे सुरक्षा कर्मी रोक देंगे। कोई नशे में चोरी चुपके से प्रवेश कर गया तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा। कोई थूकते हुए पकड़ा गया तो उससे पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। इस नियम से संबंधित पोस्टर सोमवार को अस्पताल में चस्पा किए जाएंगे। यह नियम स्वास्थ्य कर्मियों पर भी लागू होगा। -डॉ. एके झा, प्रभारी सीएमएस
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