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बिजली कनेक्शन नहीं, कैसे हो पेयजल आपूर्ति
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बिजली कनेक्शन नहीं, कैसे हो पेयजल आपूर्ति
- उप स्वास्थ्य केंद्रों को स्वच्छ पानी देने की मंशा तार-तार
- 23 केंद्रों में आने वाले मरीजों को नहीं मिल रहा शुद्ध पानी
- जहां बिजली कनेक्शन, वहां उपकरण में खराबी मिली
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिले के 23 प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्रों पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई पोटेबल वाटर सप्लाई परियोजना अधिकांश केंद्रों पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण परवान नहीं चढ़ सकी है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो कर्मचारियों और न ही आने वाले मरीज-तीमारदारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है।
जिले के 23 उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्वीकृत पोटेबल वाटर सप्लाई परियोजना की हकीकत के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम ने रिपोर्ट दी कि 90 प्रतिशत उपकेंद्रों पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण पेयजल आपूर्ति परियोजना शुरू नहीं हो सकी है। परियोजना की प्रथम किस्त जारी किए जाते समय ही बिजली कनेक्शन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया था। बिजली कनेक्शन नहीं होने से डुमरियागंज के प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र चौकनिया, परसा हुसेन, औराताल, मेही हरदो, रसूलपुर, परसा इमाद, मिठवल ब्लॉक के सिकटा, तेलौरा, नौगढ़ ब्लॉक के पिपरा पांडेय, बांसी के सेखुई, नरकटहा, नवेल, बढ़नी ब्लॉक के मुड़िला, खजुरिया, मदरहना जुनूबी, बर्डपुर के बजहा, जोगिया के मझवन, इटवा के सिरसिया, इटवा के कोटखास शामिल हैं। मझवन मेें मशीन का ग्लास टूटा मिला और मोटर भी नहीं लगा है। बिस्कोहर में कनेक्शन है, पर मोटर ही नहीं लगा है। बढ़नी के रामदत्त नगर में कनेक्शन है। मदरहना जुनूबी में हैंडपंप ही नहीं है। खजुरिया में हैंडपंप और मोटर भी नहीं है। जांच टीम में शामिल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने बताया कि मिली खामियों की रिपोर्ट डीएम को भेज दिया गया है।
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- उप स्वास्थ्य केंद्रों को स्वच्छ पानी देने की मंशा तार-तार
- 23 केंद्रों में आने वाले मरीजों को नहीं मिल रहा शुद्ध पानी
- जहां बिजली कनेक्शन, वहां उपकरण में खराबी मिली
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिले के 23 प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्रों पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई पोटेबल वाटर सप्लाई परियोजना अधिकांश केंद्रों पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण परवान नहीं चढ़ सकी है। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर न तो कर्मचारियों और न ही आने वाले मरीज-तीमारदारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है।
जिले के 23 उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्वीकृत पोटेबल वाटर सप्लाई परियोजना की हकीकत के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। टीम ने रिपोर्ट दी कि 90 प्रतिशत उपकेंद्रों पर बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण पेयजल आपूर्ति परियोजना शुरू नहीं हो सकी है। परियोजना की प्रथम किस्त जारी किए जाते समय ही बिजली कनेक्शन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया था। बिजली कनेक्शन नहीं होने से डुमरियागंज के प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र चौकनिया, परसा हुसेन, औराताल, मेही हरदो, रसूलपुर, परसा इमाद, मिठवल ब्लॉक के सिकटा, तेलौरा, नौगढ़ ब्लॉक के पिपरा पांडेय, बांसी के सेखुई, नरकटहा, नवेल, बढ़नी ब्लॉक के मुड़िला, खजुरिया, मदरहना जुनूबी, बर्डपुर के बजहा, जोगिया के मझवन, इटवा के सिरसिया, इटवा के कोटखास शामिल हैं। मझवन मेें मशीन का ग्लास टूटा मिला और मोटर भी नहीं लगा है। बिस्कोहर में कनेक्शन है, पर मोटर ही नहीं लगा है। बढ़नी के रामदत्त नगर में कनेक्शन है। मदरहना जुनूबी में हैंडपंप ही नहीं है। खजुरिया में हैंडपंप और मोटर भी नहीं है। जांच टीम में शामिल जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने बताया कि मिली खामियों की रिपोर्ट डीएम को भेज दिया गया है।
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