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दो लाख आबादी को उपलब्ध नहीं सामुदायिक शौचालय की सुविधा
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नए नगर पंचायत क्षेत्र में एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं
सिद्धार्थनगर। जिले में सृजित नई पांच नगर पंचायतों सहित शहर में शामिल हुए नए हिस्से की दो लाख आबादी को सामुदायिक शौचालय की सुविधा मुहैया नहीं है। यहां तक कि नए नगर पंचायत क्षेत्र में एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं है जिससे यहां तैनात कर्मियों एवं बाहर से आने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सिद्धार्थनगर नगर पालिका का सीमा विस्तार होने के साथ ही कपिलवस्तु (बर्डपुर), इटवा, बिस्कोहर, बढ़नीचाफा और भारतभारी दो वर्ष पूर्व नए नगर पंचायत बने हैं। इसमें जिले के 63 ग्राम पंचायतें एवं 11 ग्राम पंचायतों के आंशिक हिस्से को शामिल किया गया था। जब इन गांवों के लोग शहरी बने तब ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण योजना शुरू हो नहीं हुई थी। जैसे ही यह ग्राम पंचायतें शहरी हुईं, उसके ठीक बाद ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय की निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई जिससे शहर के अधीन हुए ग्राम पंचायत के लोग सामुदायिक शौचालय से वंचित हो गए। उधर, शहर बनने के बाद भी इन क्षेत्रों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका।
ऐसे में पांचों नए नगर पंचायतों एवं शहर का हिस्सा बनी आबादी सामुदायिक शौचालय की सुविधा से वंचित हैं। इससे नए नगर पंचायतों में तैनात कर्मी एवं बाहर से आने वाले लोगों को सामुदायिक शौचालय नहीं होने से लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है। नए शहरी बने कौशल, जयकिशोर एव अशरफ का कहना है कि सामुदायिक शौचालय नहीं होने से बाहर से आने वाले एवं अन्य लोगों को बहुत असुविधा होती है। इससे सरकार की स्वच्छता अभियान की भी पोल खुलती है।
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नगर निकायों के गठन से घट गए ग्राम पंचायत
पहले जिले में 1199 ग्राम पंचायतें थी, लेकिन जिले में नए नगर निकायों के सृजन एवं शहर विस्तार से ग्राम पंचायतों की संख्या घट गयी। वर्तमान में जिले में 1136 ग्राम पंचायतें बची है। इसमें भी कुछ ग्राम पंचायतों का हिस्सा शहर में शामिल हो जाने से उनका आकार छोटा हो गया है।
नए नगर पंचायतों में जल्द बनेंगे शौचालय
एडीएम उमाशंकर का कहना है कि सभी नए नगर पंचायतों के ईओ को निर्देशित किया गया है वहां सामुदायिक शौचालय निर्माण कराने के लिए कार्ययोजना बनाएं और उसे स्वीकृत करा जल्द निर्मित कराएं। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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सिद्धार्थनगर। जिले में सृजित नई पांच नगर पंचायतों सहित शहर में शामिल हुए नए हिस्से की दो लाख आबादी को सामुदायिक शौचालय की सुविधा मुहैया नहीं है। यहां तक कि नए नगर पंचायत क्षेत्र में एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं है जिससे यहां तैनात कर्मियों एवं बाहर से आने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सिद्धार्थनगर नगर पालिका का सीमा विस्तार होने के साथ ही कपिलवस्तु (बर्डपुर), इटवा, बिस्कोहर, बढ़नीचाफा और भारतभारी दो वर्ष पूर्व नए नगर पंचायत बने हैं। इसमें जिले के 63 ग्राम पंचायतें एवं 11 ग्राम पंचायतों के आंशिक हिस्से को शामिल किया गया था। जब इन गांवों के लोग शहरी बने तब ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण योजना शुरू हो नहीं हुई थी। जैसे ही यह ग्राम पंचायतें शहरी हुईं, उसके ठीक बाद ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय की निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई जिससे शहर के अधीन हुए ग्राम पंचायत के लोग सामुदायिक शौचालय से वंचित हो गए। उधर, शहर बनने के बाद भी इन क्षेत्रों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका।
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ऐसे में पांचों नए नगर पंचायतों एवं शहर का हिस्सा बनी आबादी सामुदायिक शौचालय की सुविधा से वंचित हैं। इससे नए नगर पंचायतों में तैनात कर्मी एवं बाहर से आने वाले लोगों को सामुदायिक शौचालय नहीं होने से लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है। नए शहरी बने कौशल, जयकिशोर एव अशरफ का कहना है कि सामुदायिक शौचालय नहीं होने से बाहर से आने वाले एवं अन्य लोगों को बहुत असुविधा होती है। इससे सरकार की स्वच्छता अभियान की भी पोल खुलती है।
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नगर निकायों के गठन से घट गए ग्राम पंचायत
पहले जिले में 1199 ग्राम पंचायतें थी, लेकिन जिले में नए नगर निकायों के सृजन एवं शहर विस्तार से ग्राम पंचायतों की संख्या घट गयी। वर्तमान में जिले में 1136 ग्राम पंचायतें बची है। इसमें भी कुछ ग्राम पंचायतों का हिस्सा शहर में शामिल हो जाने से उनका आकार छोटा हो गया है।
नए नगर पंचायतों में जल्द बनेंगे शौचालय
एडीएम उमाशंकर का कहना है कि सभी नए नगर पंचायतों के ईओ को निर्देशित किया गया है वहां सामुदायिक शौचालय निर्माण कराने के लिए कार्ययोजना बनाएं और उसे स्वीकृत करा जल्द निर्मित कराएं। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।