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सिंचाई की नई तकनीकी से खुलेगी तरक्की की राह

Sun, 04 Apr 2021 10:46 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 10:46 PM IST
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New technology of irrigation will open the way for progress
खास खबर
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सिंचाई की नई तकनीकी से खुलेगी तरक्की की राह
स्प्रिंकलर और रेनगन से लहलहा रही है सब्जी की फसल
परमात्मा शुक्ल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले के प्रगतिशील किसान अब तरक्की की राह पर हैं। सब्जी, केला और गन्ने की खेती में वे आधुनिक तकनीक से सिंचाई कर रहे हैं। इसमें कम खर्च, कम समय के फसल की जरूरत के मुताबिक सिंचाई हो रही है। इस विधि से जो खेत समतल नहीं हैं, उनमें भी अच्छे से सिंचाई होती है। इससे पानी की काफी बचत हो रही है।
उद्यान विभाग की तरफ से 90 प्रतिशत अनुदान की योजना में सिंचाई की तीन आधुनिक प्रणालियां उपलब्ध है। अभी तक जिले के चार लाख से अधिक किसानों में 500 किसानों ने बेहतर तरीका अपनाया है। स्प्रिंकलर और रेनगन से पूरे खेत में एक समान पानी से सिंचाई हो रही हैं। इसमें वर्षा की तरह सिंचाई होती है, जबकि ड्रिप एरिगेशन में सीधे पौधे की जड़ में पानी पहुंचता है। जिले में सिंचाई सुविधाओं में शामिल नहर, नलकूप की पहुंच अधिकांश हिस्सों में नहीं है, जिससे किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए निजी संसाधनों का ही सहारा रहता है। इससे किसानों के खेती की लागत बढ़ जाती है। संवाद
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सब्जी, गन्ना और केले में उपयोगी
ड्रिप प्रणाली से गन्ने, सब्जी, केला और बागवानी की फसलों में उत्पादकता बढ़ रही है। इटवा क्षेत्र के केला किसान आधुनिक सिंचाई को अपनाने में आगे हैं। जैसे-जैसे किसानों को योजना की जानकारी हो रही है, वैसे ही इसके उपयोग करने में रुचि ले रहे हैं। स्प्रिंकलर और रेनगन से धान, गेहूं, सब्जी की सिंचाई में बचत हो रही है। महंगे डीजल के कारण भी यह विधि लाभप्रद साबित हो रही है।
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लघु सीमांत किसानों को मिलेगा लाभ
उद्यान विभाग की इस योजना में दो हेक्टेयर से कम खेती वाले किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिलेगा, जबकि दो से पांच हेक्टेयर के बीच वाले किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगा। इसमें 26 हजार रुपये की लागत वाले स्प्रिंकलर पर 22.6 हजार, 41 हजार लागत वाले रेनगन पर 35.7 हजार और ड्रिप सिंचाई प्रणाली पर भी 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
जिले में हैं 4.06 लाख किसान
जिले के 4.06 लाख किसान में 92 प्रतिशत लघु सीमांत किसान हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से कम खेती है, जबकि आठ प्रतिशत किसानों के पास दो हेक्टेयर से अधिक खेती है। 3.70 लाख लघु सीमांत किसानों में अब तक करीब 500 किसानों ने स्प्रिंकलर, रेनगन और ड्रिप सिंचाई प्रणाली की सुविधा अपनाई है।
जिन किसानों ने आधुनिक सिंचाई प्रणाली के यंत्र के लिए आवेदन किया है, उनकी पात्रता की जांचकर उन्हें अनुदान सहित सिंचाई यंत्र उपलब्ध कराया गया है। इस तकनीक में 90 प्रतिशत अनुदान की योजना है। जिले में 500 से अधिक किसान आधुनिक तकनीक से सिंचाई कर रहे हैं, इनमें सर्वाधिक किसान सब्जी की खेती करते हैं।

- पीएन राम, प्रभारी उद्यान अधिकारी
आवेदन के लिए जरूरी कागजात
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत विभिन्न आधुनिक सिंचाई यंत्रों के लिए आवेदन करने के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी की छायाप्रति, दो फोटो, मोबाइल नंबर और चेक संलग्न करना होगा। रेनगन के लिए किसान के 2500 रुपये और ड्रिप में 15 हजार रुपये अंशदान करना होगा। रेनगन के साथ किसान को 18 पाइप (तीन इंच) का मिलेगा। पॉवर ट्रिलर के लिए किसान को 30 हजार रुपये अंशदान देना होगा।
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