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नेपाल भारत से मधुर संबंध का पक्षधर लेकिन हल हो सीमा विवाद. 18-08-39
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नेपाल-भारत से मधुर संबंध का पक्षधर लेकिन हल हो सीमा विवाद
नेपाल टास्क फोर्स की बैठक में सुगौली संधि के तहत भारत से विवाद हल करने की अपील
ध्रुव यादव
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। नेपाल सरकार के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि नेपाल हर हाल भारत से विवाद रहित मधुर संबंध बनाए रखने का पक्षधर है। यह बयान तब आया है जब ओली सरकार की टास्क फोर्स भारत सरकार पर भारत नेपाल के मध्य सीमा विवाद के हल में रुचि नहीं लेने का आरोप लगा रही है। यही नहीं टास्कफोर्स लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी पर नेपाल की ओर से जारी किए गए नक्शे को वाजिब ठहराते हुए इससे पीछे हटने से भी इनकार कर रही है।
भारत की ओर दोस्ताना रुख का कारण ओली और प्रचंड के बीच संबंध में सुधार होना माना जा रहा है। चर्चा है कि ओली पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने को राजी हो गए हैं और प्रचंड को अध्यक्ष बनाने के लिए स्टैंडिंग कमेटी की सहमति है। मंत्रीमंडल के विस्तार में भी भारत समर्थक प्रचंड के करीबियों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (सीपीएन) के महासचिव बिष्णु पौडेल की ओर से आयोजित टास्कफोर्स की बैठक में भारत-नेपाल सीमा विवाद पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। बैठक में भारत नेपाल संबंधों के ताजा हालात पर कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं। टास्क फोर्स द्वारा प्रस्तुत 17 पेज की रिपोर्ट में भीम रावल, सुरेंद्र पांडेय, जनार्दन शर्मा, शंकर पोखरेल और पम्पा भुसाल ने सीमा मुद्दे को हल करने के लिए कई सुझाव दिए। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि नेपाली लोग पंचशील, संप्रभु समानता, परस्पर सम्मान और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों पर आधारित एक सहज, समस्या-मुक्त और भरोसेमंद नेपाल-भारत संबंध के पक्ष में हैं। नेपाल सरकार फिर से भारत से एतिहासिक तथ्यों का सम्मान करने का आग्रह करती है कि वह इस तथ्य को स्वीकार करे कि काली (महाकाली) के पूर्व के सभी क्षेत्र सुगौली संधि के अनुसार नेपाल से संबंधित हैं। भारत नेपाल की भौगोलिक अखंडता का सम्मान करे।
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नेपाल टास्क फोर्स की बैठक में सुगौली संधि के तहत भारत से विवाद हल करने की अपील
ध्रुव यादव
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। नेपाल सरकार के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि नेपाल हर हाल भारत से विवाद रहित मधुर संबंध बनाए रखने का पक्षधर है। यह बयान तब आया है जब ओली सरकार की टास्क फोर्स भारत सरकार पर भारत नेपाल के मध्य सीमा विवाद के हल में रुचि नहीं लेने का आरोप लगा रही है। यही नहीं टास्कफोर्स लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी पर नेपाल की ओर से जारी किए गए नक्शे को वाजिब ठहराते हुए इससे पीछे हटने से भी इनकार कर रही है।
भारत की ओर दोस्ताना रुख का कारण ओली और प्रचंड के बीच संबंध में सुधार होना माना जा रहा है। चर्चा है कि ओली पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने को राजी हो गए हैं और प्रचंड को अध्यक्ष बनाने के लिए स्टैंडिंग कमेटी की सहमति है। मंत्रीमंडल के विस्तार में भी भारत समर्थक प्रचंड के करीबियों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (सीपीएन) के महासचिव बिष्णु पौडेल की ओर से आयोजित टास्कफोर्स की बैठक में भारत-नेपाल सीमा विवाद पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। बैठक में भारत नेपाल संबंधों के ताजा हालात पर कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं। टास्क फोर्स द्वारा प्रस्तुत 17 पेज की रिपोर्ट में भीम रावल, सुरेंद्र पांडेय, जनार्दन शर्मा, शंकर पोखरेल और पम्पा भुसाल ने सीमा मुद्दे को हल करने के लिए कई सुझाव दिए। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि नेपाली लोग पंचशील, संप्रभु समानता, परस्पर सम्मान और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों पर आधारित एक सहज, समस्या-मुक्त और भरोसेमंद नेपाल-भारत संबंध के पक्ष में हैं। नेपाल सरकार फिर से भारत से एतिहासिक तथ्यों का सम्मान करने का आग्रह करती है कि वह इस तथ्य को स्वीकार करे कि काली (महाकाली) के पूर्व के सभी क्षेत्र सुगौली संधि के अनुसार नेपाल से संबंधित हैं। भारत नेपाल की भौगोलिक अखंडता का सम्मान करे।
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