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Siddharthnagar News: एनडीआरएफ कर रही तलाश, घरवालों की उम्मीदें नदी किनारे टिकीं
Fri, 24 Jul 2026 02:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:25 AM IST
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पकड़ी बाजार। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बानगंगा नदी के बैदौली घाट पर किशोर और दो युवकों के स्नान के दौरान नदी में लापता होने से हाहाकार मचा हुआ है। मौके पर एनडीआरएफ टीम खोजबीन में जुटी रही। वहीं ग्रामीण नदी की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे।
हादसे के बाद सभी की आंखें नम थीं और घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। देर शाम तक टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, अंधेरा होने के कारण इसे सुबह तक के लिए रोक दिया गया है।
शिवा अपने पिता राममूरत चौहान के दो बेटों और एक बेटी में दूसरे नंबर पर था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, छोटा भाई कृष्णा चौहान है। शिवा दिल्ली में रहकर काम करता है और दादी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने बृहस्पतिवार को गांव आया था। उसी दिन यह हादसा हो गया।
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रवि वरुण अपने पिता राम रूप के दो बेटों में छोटा है। उससे बड़े भाई रामपाल और दो बहनें हैं। वह भी बाहर रहकर दुकान पर काम करता था। किशोर मोनू वरुण अपने पिता बबलू के तीन पुत्रों और एक पुत्री में दूसरे नंबर पर था। उसके एक बड़ा भाई तथा दो छोटे भाई-बहन हैं।
घटना के बाद बैदौली गांव से लेकर नदी घाट तक शोक और बेचैनी का माहौल है। ग्रामीण लगातार नदी किनारे डटे रहे और रेस्क्यू अभियान की जानकारी लेते रहे।
मौके पर हल्का लेखपाल आशीष संगम, सिद्धार्थ चौधरी, अनिल कुमार चौधरी, सूर्य प्रकाश पांडेय तथा ग्राम प्रधान धर्मवीर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि दो वर्ष पहले भी इसी बैदौली घाट पर जखवलिया गांव के दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
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हादसे के बाद सभी की आंखें नम थीं और घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। देर शाम तक टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, अंधेरा होने के कारण इसे सुबह तक के लिए रोक दिया गया है।
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शिवा अपने पिता राममूरत चौहान के दो बेटों और एक बेटी में दूसरे नंबर पर था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, छोटा भाई कृष्णा चौहान है। शिवा दिल्ली में रहकर काम करता है और दादी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने बृहस्पतिवार को गांव आया था। उसी दिन यह हादसा हो गया।
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रवि वरुण अपने पिता राम रूप के दो बेटों में छोटा है। उससे बड़े भाई रामपाल और दो बहनें हैं। वह भी बाहर रहकर दुकान पर काम करता था। किशोर मोनू वरुण अपने पिता बबलू के तीन पुत्रों और एक पुत्री में दूसरे नंबर पर था। उसके एक बड़ा भाई तथा दो छोटे भाई-बहन हैं।
घटना के बाद बैदौली गांव से लेकर नदी घाट तक शोक और बेचैनी का माहौल है। ग्रामीण लगातार नदी किनारे डटे रहे और रेस्क्यू अभियान की जानकारी लेते रहे।
मौके पर हल्का लेखपाल आशीष संगम, सिद्धार्थ चौधरी, अनिल कुमार चौधरी, सूर्य प्रकाश पांडेय तथा ग्राम प्रधान धर्मवीर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि दो वर्ष पहले भी इसी बैदौली घाट पर जखवलिया गांव के दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।