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नौगढ़ पीएचसी में छत का प्लास्टर गिरा
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:55 PM IST
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नौगढ़ पीएचसी कार्यालय में गिरा छत का प्लास्टर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ में बने एनआरएचएम कार्यालय के कम्प्यूटर कक्ष के कमरे जर्जर पलास्टर शनिवार की सुबह अचानक भरभरा कर गिर गया। संयोग ही था कि जिस जगह प्लास्टर गिरा, वहां कोई मौजूद नहीं था। कमरे में मौजूद कर्मचारियों ने भाग कर अपनी जान बचाई। बड़ी दुर्घटना से होने से बच गई। पूर्ण रूप से जर्जर भवन में ड्यूटी करने के लिए स्वास्थ्य कर्मी मजबूर हैं पर भवन निर्माण को लेकर जिम्मेदार संजीदा नहीं हैं। वह किसी बड़े हादसे के इंतजार में मौन बने हुए हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हुए कई दशक बीत चुके हैं। भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। जहां हमेशा बड़े हादसा का डर बना रहता है पर मजबूर कर्मचारी जान जोखिम डाल सेवा देने को मजबूर बने हुए हैं। भवन के एक हिस्से में जहां एनआरएचएम का कार्यालय स्थापित है। इसमें कंप्यूटर कक्ष बनाया गया है, जहां कई कर्मी पूरे दिन काम करते हैं। शनिवार की सुबह अस्पताल खुलने के कुछ देर बाद सभी कर्मचारी अपने काम में व्यवस्त थें तभी जर्जर हो चुके छत का पलास्टर एकाएक भरभरा कर गिर गया।
मौके पर मौजूद कर्मचारी बाल - बाल बचे नहीं तो चोटिल हो जाते। हलाकि की किसी प्रकार की क्षति नहीं होने पाई कम्प्युटर को भी जल्द से हटा लिए। मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी बचाने के चक्कर में जान की बाजी लगाकर जर्जर भवन में बैठकर ड्यूटी करते है। ऐसे में बराकर खतरा बना रहता है।
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जिम्मेदार समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। इस संबंध में पीएचसी प्रभारी डॉ.प्रशांत मौर्य ने बताया कि भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। इसकी मरम्मत के लिए कई बार पत्र भी लिखा गया है। दोबारा पत्र लिखेंगे।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हुए कई दशक बीत चुके हैं। भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। जहां हमेशा बड़े हादसा का डर बना रहता है पर मजबूर कर्मचारी जान जोखिम डाल सेवा देने को मजबूर बने हुए हैं। भवन के एक हिस्से में जहां एनआरएचएम का कार्यालय स्थापित है। इसमें कंप्यूटर कक्ष बनाया गया है, जहां कई कर्मी पूरे दिन काम करते हैं। शनिवार की सुबह अस्पताल खुलने के कुछ देर बाद सभी कर्मचारी अपने काम में व्यवस्त थें तभी जर्जर हो चुके छत का पलास्टर एकाएक भरभरा कर गिर गया।
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मौके पर मौजूद कर्मचारी बाल - बाल बचे नहीं तो चोटिल हो जाते। हलाकि की किसी प्रकार की क्षति नहीं होने पाई कम्प्युटर को भी जल्द से हटा लिए। मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी बचाने के चक्कर में जान की बाजी लगाकर जर्जर भवन में बैठकर ड्यूटी करते है। ऐसे में बराकर खतरा बना रहता है।
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जिम्मेदार समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। इस संबंध में पीएचसी प्रभारी डॉ.प्रशांत मौर्य ने बताया कि भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। इसकी मरम्मत के लिए कई बार पत्र भी लिखा गया है। दोबारा पत्र लिखेंगे।