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Siddharthnagar News: जल्द होगा नारी अदालत का गठन, शासन से मिली मंजूरी
Sun, 10 Nov 2024 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 10 Nov 2024 12:50 AM IST
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सिद्धार्थनगर। मिशन शक्ति योजना के तहत महिला सशक्तिकरण की दिशा में जनपद में अतिशीघ्र नारी अदालत का गठन होगा। शासन से इसकी मंजूरी मिल गई है।
नारी अदालत में सभी सदस्य महिलाएं होंगी जो महिलाओं को जागरूक करने एवं उनके समस्याओं के निदान के लिए टॉपर रहेंगी। नारी अदालत के गठन से आम महिलाओं के साथ ही महिला अधिवक्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। मिशन शक्ति के तहत नारी अदालत का गठन किया जाना है। नारी अदालत के गठन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के आठ आकांक्षी जनपदों में सिद्धार्थनगर भी शामिल है।
इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर महिलाओं के सामने आने वाले तुच्छ प्रकृति के अपराधों उत्पीड़न, तोड़फोड़, अधिकारों या हकों में कटौती के मामलों को हल करने के लिए वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करते हुए महिलाओं को विधिक रूप से जागरूक करना है।
अधिवक्ता पुष्पा मिश्रा व सना सिद्दीकी कहती है कि नारी अदालत के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, उत्पीड़नात्मक समस्याओं का समाधान होगा। इसके गठन की रुपरेखा शासन स्तर से जारी कर दी गयी है। सेटअप कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे।
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इसमें 7 से 11 महिला सदस्य होंगी जो मामलों की सुनवाई करके त्वरित निस्तारण के लिए कार्य करेंगी। इसके माध्यम से समाज के पुरुष सत्तात्मक प्रवृत्ति का निराकरण करते हुए महिलाओं को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी उपचारों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। जल्द ही जनपद में नारी अदालत का गठन हो जाएगा।
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नारी अदालत में सभी सदस्य महिलाएं होंगी जो महिलाओं को जागरूक करने एवं उनके समस्याओं के निदान के लिए टॉपर रहेंगी। नारी अदालत के गठन से आम महिलाओं के साथ ही महिला अधिवक्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। मिशन शक्ति के तहत नारी अदालत का गठन किया जाना है। नारी अदालत के गठन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के आठ आकांक्षी जनपदों में सिद्धार्थनगर भी शामिल है।
इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर महिलाओं के सामने आने वाले तुच्छ प्रकृति के अपराधों उत्पीड़न, तोड़फोड़, अधिकारों या हकों में कटौती के मामलों को हल करने के लिए वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करते हुए महिलाओं को विधिक रूप से जागरूक करना है।
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अधिवक्ता पुष्पा मिश्रा व सना सिद्दीकी कहती है कि नारी अदालत के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, उत्पीड़नात्मक समस्याओं का समाधान होगा। इसके गठन की रुपरेखा शासन स्तर से जारी कर दी गयी है। सेटअप कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे।
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इसमें 7 से 11 महिला सदस्य होंगी जो मामलों की सुनवाई करके त्वरित निस्तारण के लिए कार्य करेंगी। इसके माध्यम से समाज के पुरुष सत्तात्मक प्रवृत्ति का निराकरण करते हुए महिलाओं को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी उपचारों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। जल्द ही जनपद में नारी अदालत का गठन हो जाएगा।