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Siddharthnagar News: आईसीयू के लिए सांसद ने की स्वास्थ्य मंत्री से बात
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जिला अस्पताल में आईसीयू बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से संवाद करते सांसद जगदंबिका ?
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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आईसीयू के लिए सांसद ने की स्वास्थ्य मंत्री से बात
जिला अस्पताल में आईसीयू सुविधा शुरू होने की और बढ़ी उम्मीद
आईसीयू बन जाने से डॉक्टरों को गंभीर रोगियों की जान बचाने में मिलेगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में जल्द ही आईसीयू बनने की उम्मीद बढ़ती जा रही है। सांसद जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से आईसीयू के मुद्दे पर बात की। सांसद के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने तत्परता पूर्वक आईसीयू की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी सुविधा के लिए आईसीयू बनाने के लिए अमर उजाला की पहल रंग ला रही है। जिले के जनप्रतिनिधि आईसीयू बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं, जबकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में इस अच्छे कार्य को करने में मंथन कर रहा है। प्रशासन पत्राचार कर रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के पत्र का इंतजार रहा है। विधायक विनय वर्मा के मांग पत्र पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को यह कार्य करने का निर्देश दिया है। सांसद जगदंबिका पाल के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री से संवाद से आईसीयू बनने की राह आसान हो गई है।
सांसद ने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्वास्थ्य सुविधाएं निरंतर बेहतर हो रही हैं। जिला अस्पताल परिसर में नए भवनों में अस्पताल शिफ्ट होने और ट्रामा सेंटर बनने के बाद आईसीयू की सुविधा प्रस्तावित है, लेकिन गंभीर रोगियों के इलाज के लिए आईसीयू की तत्काल आवश्यकता है। इमरजेंसी सुविधा के लिए जल्द ही आईसीयू बना दिया जाए तो गंभीर रोगियों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
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जिला अस्पताल में आईसीयू बनने के बाद 23 सीएचसी एवं 57 पीएचसी से रेफर होने वाले मरीजों को दूसरे मेडिकल कॉलेज में रेफर नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ी है और एमबीबीएस द्वितीय सत्र में डॉक्टर बढ़ रहे हैं। इस दृष्टि से आईसीयू अति आवश्यक है। मेडिकल कॉलेज में नेपाल के मरीज भी आते हैं, सुविधाएं बढ़ेगी तो पड़ोसी मुल्क के लोगों का लगाव बढ़ेगा। सिद्धार्थनगर आकांक्षी जिला है, यहां आईसीयू बनेगा तो गंभीर बीमारियों में भी निशुल्क इलाज मिलेगा।
अमर उजाला में आईसीयू का मुद्दा उठाकर सराहनीय कार्य किया है। मैंने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करके आईसीयू पर संवाद किया और आईसीयू बनने तक मेरा प्रयास जारी रहेगा। जिले में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर में आईसीयू बनना है, लेकिन जल्द ही आईसीयू बन जाएगा तो लोगों को बहुत राहत मिलेगी। आईसीयू बन जाएगा तो मांग के अनुसार डॉक्टर भी उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।
-जगदंबिका पाल, सांसद
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जिला अस्पताल में आईसीयू सुविधा शुरू होने की और बढ़ी उम्मीद
आईसीयू बन जाने से डॉक्टरों को गंभीर रोगियों की जान बचाने में मिलेगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में जल्द ही आईसीयू बनने की उम्मीद बढ़ती जा रही है। सांसद जगदंबिका पाल ने शुक्रवार को लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से आईसीयू के मुद्दे पर बात की। सांसद के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने तत्परता पूर्वक आईसीयू की सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी सुविधा के लिए आईसीयू बनाने के लिए अमर उजाला की पहल रंग ला रही है। जिले के जनप्रतिनिधि आईसीयू बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं, जबकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में इस अच्छे कार्य को करने में मंथन कर रहा है। प्रशासन पत्राचार कर रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के पत्र का इंतजार रहा है। विधायक विनय वर्मा के मांग पत्र पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को यह कार्य करने का निर्देश दिया है। सांसद जगदंबिका पाल के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री से संवाद से आईसीयू बनने की राह आसान हो गई है।
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सांसद ने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्वास्थ्य सुविधाएं निरंतर बेहतर हो रही हैं। जिला अस्पताल परिसर में नए भवनों में अस्पताल शिफ्ट होने और ट्रामा सेंटर बनने के बाद आईसीयू की सुविधा प्रस्तावित है, लेकिन गंभीर रोगियों के इलाज के लिए आईसीयू की तत्काल आवश्यकता है। इमरजेंसी सुविधा के लिए जल्द ही आईसीयू बना दिया जाए तो गंभीर रोगियों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
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जिला अस्पताल में आईसीयू बनने के बाद 23 सीएचसी एवं 57 पीएचसी से रेफर होने वाले मरीजों को दूसरे मेडिकल कॉलेज में रेफर नहीं करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ी है और एमबीबीएस द्वितीय सत्र में डॉक्टर बढ़ रहे हैं। इस दृष्टि से आईसीयू अति आवश्यक है। मेडिकल कॉलेज में नेपाल के मरीज भी आते हैं, सुविधाएं बढ़ेगी तो पड़ोसी मुल्क के लोगों का लगाव बढ़ेगा। सिद्धार्थनगर आकांक्षी जिला है, यहां आईसीयू बनेगा तो गंभीर बीमारियों में भी निशुल्क इलाज मिलेगा।
अमर उजाला में आईसीयू का मुद्दा उठाकर सराहनीय कार्य किया है। मैंने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करके आईसीयू पर संवाद किया और आईसीयू बनने तक मेरा प्रयास जारी रहेगा। जिले में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर में आईसीयू बनना है, लेकिन जल्द ही आईसीयू बन जाएगा तो लोगों को बहुत राहत मिलेगी। आईसीयू बन जाएगा तो मांग के अनुसार डॉक्टर भी उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।
-जगदंबिका पाल, सांसद