{"_id":"67a8e94cc610e1b67c0107b4","slug":"mou-signed-to-promote-student-exchange-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-132093-2025-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: छात्र विनिमय को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: छात्र विनिमय को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
विज्ञापन
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय भारत-श्रीलंका उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्रोत विवि
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भारत-श्रीलंका उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु और आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग बंगलूरू ने शैक्षणिक और छात्र विनिमय को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इसका उद्देश्य तकनीकी, नैनोटेक्नोलॉजी, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, वेब डिजाइनिंग, कंप्यूटर अनुप्रयोग, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में इंटर्नशिप, क्रेडिट ट्रांसफर, अनुसंधान सहयोग, फैकल्टी विनिमय और संयुक्त शैक्षणिक पहलो के माध्यम से छात्रों एवं शिक्षकों को शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रदान करना है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने बताया कि यह समझौता निश्चित रूप से छात्रों एवं शिक्षकों को शोध अनुभव, इंटर्नशिप और सहयोगात्मक अनुसंधान के अवसर प्रदान करेगा।
इस समझौता ज्ञापन से दोनों संस्थानों के शिक्षकों विद्यार्थियों को अंतर विभागीय शिक्षा और उद्योग-उन्मुख शिक्षा का लाभ मिलेगा। इस समझौता से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उक्त जानकारी सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। भारत-श्रीलंका उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु और आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग बंगलूरू ने शैक्षणिक और छात्र विनिमय को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इसका उद्देश्य तकनीकी, नैनोटेक्नोलॉजी, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, वेब डिजाइनिंग, कंप्यूटर अनुप्रयोग, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में इंटर्नशिप, क्रेडिट ट्रांसफर, अनुसंधान सहयोग, फैकल्टी विनिमय और संयुक्त शैक्षणिक पहलो के माध्यम से छात्रों एवं शिक्षकों को शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रदान करना है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने बताया कि यह समझौता निश्चित रूप से छात्रों एवं शिक्षकों को शोध अनुभव, इंटर्नशिप और सहयोगात्मक अनुसंधान के अवसर प्रदान करेगा।
विज्ञापन
इस समझौता ज्ञापन से दोनों संस्थानों के शिक्षकों विद्यार्थियों को अंतर विभागीय शिक्षा और उद्योग-उन्मुख शिक्षा का लाभ मिलेगा। इस समझौता से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उक्त जानकारी सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने दी है।
विज्ञापन